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Gonda News: मधुमक्खी पालन ने खुशबू के जीवन में घोली मिठास
Sat, 26 Jul 2025 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 26 Jul 2025 11:23 PM IST
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खुशबू पांडेय।
गोंडा। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्राइवेट नौकरी न करके स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाने वाली करनैलगंज के भैरव पुरवा निवासी खुशबू पांडेय ने अपनी मेहनत के दम पर तरक्की की राह पकड़ ली है। मधुमक्खी पालन कर अपने जीवन में मिठास घोलने के साथ ही 10 अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं। खुशबू छह माह में करीब पांच क्विंटल शहद बेचकर करीब दो लाख 75 हजार रुपये कमा रही हैं।
खुशबू पांडेय ने शहर के निजी महाविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्हें प्राइवेट संस्था से नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने स्वरोजगार को प्राथमिकता देते हुए व्यापार करने की सोची। खुशबू ने बताया कि उनके मामा रामरंग पांडेय राजस्थान में मधुमक्खी पालन करते थे। उनके पास जाकर मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वर्ष 2023 में सारथी स्वयं सहायता समूह बनाकर शहद का कारोबार शुरू कर दिया। वर्तमान समय में 50 बक्सों में मधुमक्खी पालन कर रही हैं। उनके पास जामुन, सरसों, मल्टी फ्लोरा, अजवाइन समेत छह प्रकार का शहद उपलब्ध है।
खुशबू ने बताया कि हर सीजन वह 4.5 से पांच क्विंटल तक शहद बेचती हैं। विकास भवन के अरगा स्टाेर, कई बड़े शॉपिंग मॉल सहित तमाम दुकानों पर उनके शहद की बिक्री होती है। राजस्थान के कुछ स्टोर पर भी शहद की आपूर्ति कर रही हैं। वर्तमान समय में शहद की बिक्री 550 रुपये प्रति किलो की दर से हो रही है। जिससे करीब दो लाख 75 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। समूह में जुड़ी महिलाओं को पारिश्रमिक दिया जाता है।
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खुशबू पांडेय ने शहर के निजी महाविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्हें प्राइवेट संस्था से नौकरी का ऑफर मिला, लेकिन उन्होंने स्वरोजगार को प्राथमिकता देते हुए व्यापार करने की सोची। खुशबू ने बताया कि उनके मामा रामरंग पांडेय राजस्थान में मधुमक्खी पालन करते थे। उनके पास जाकर मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वर्ष 2023 में सारथी स्वयं सहायता समूह बनाकर शहद का कारोबार शुरू कर दिया। वर्तमान समय में 50 बक्सों में मधुमक्खी पालन कर रही हैं। उनके पास जामुन, सरसों, मल्टी फ्लोरा, अजवाइन समेत छह प्रकार का शहद उपलब्ध है।
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खुशबू ने बताया कि हर सीजन वह 4.5 से पांच क्विंटल तक शहद बेचती हैं। विकास भवन के अरगा स्टाेर, कई बड़े शॉपिंग मॉल सहित तमाम दुकानों पर उनके शहद की बिक्री होती है। राजस्थान के कुछ स्टोर पर भी शहद की आपूर्ति कर रही हैं। वर्तमान समय में शहद की बिक्री 550 रुपये प्रति किलो की दर से हो रही है। जिससे करीब दो लाख 75 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। समूह में जुड़ी महिलाओं को पारिश्रमिक दिया जाता है।
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