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Gonda News: बाढ़ राहत में फर्जीवाड़े के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

Sat, 08 Aug 2026 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sat, 08 Aug 2026 11:00 PM IST
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Anticipatory bail rejected
गोंडा। वर्ष 2014 में बाढ़ राहत के लिए जारी सरकारी धन में फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी श्रावस्ती जिले के इकौना के राधानगर निवासी अशोक कुमार शुक्ला को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम नित्या पांडेय ने आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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अभियोजन के अनुसार श्रावस्ती के इकौना तहसील क्षेत्र में 2014 में राप्ती नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों को शासन की ओर से राहत राशि देने के लिए सर्वे कराया गया था। पात्र लोगों को चेक के माध्यम से सहायता राशि वितरित की जानी थी। इस दौरान तहसीलदार कार्यालय से 241 चेक गायब पाए गए। जांच में सामने आया कि इनमें से 37 चेक ऐसे लोगों को दिए गए, जो बाढ़ राहत के पात्र नहीं थे। इनमें आरोपी अशोक कुमार शुक्ला का नाम भी शामिल था।
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जांच में आरोप लगा कि तत्कालीन लेखपाल छविलाल ने अपात्र लोगों से अवैध धन वसूलकर उन्हें सरकारी राहत राशि का अनुचित लाभ पहुंचाया। मामले में पुलिस ने अशोक कुमार शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी और प्रतिरूपण की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था।
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आरोपी की ओर से दलील दी गई कि उसे लेखपाल ने पात्र मानकर राहत का चेक दिया था और उसे अपात्र होने की जानकारी नहीं थी। उसने राहत राशि वापस जमा कर नोड्यूज प्रमाणपत्र भी प्राप्त कर लिया है। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2015 में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका था और न्यायालय से संज्ञान भी लिया गया था। आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए वर्ष 2017 से गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था। अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अशोक कुमार शुक्ला की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

फर्जी बैनामे में आरोपी महिला को राहत नहीं
गोंडा। फर्जी बैनामा के जरिये जमीन हड़पने के मामले में जेल में बंद आरोपी गीता को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय दानिश हसनैन ने शुक्रवार को उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार तरबगंज क्षेत्र के सेझिया गांव निवासी संजू केवट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पिता महाजन की 1997 में मृत्यु हो गई थी। अभिलेखों में नाम दर्ज न होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति को महाजन बताकर 23 जुलाई 2025 को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन का बैनामा करा लिया। बैनामे में गीता गवाह थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उसकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी।-

चोरी के आरोपी को राहत नहीं
गोंडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सूर्य प्रकाश सिंह ने चोरी के मामले में तिलकराम का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार करनैलगंज में बाबा मोटर साइकिल सर्विस सेंटर में 24 अप्रैल की रात चोरी हुई थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया था। -संवाद

फर्जी ब्लड सैंपल कार्ड के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
गोंडा। मरीजों को गलत ब्लड उपलब्ध कराने के आरोप में जेल में बंद आरोपी शिवम शुक्ला की जमानत अर्जी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट नंबर-1 नित्या पांडेय ने निरस्त कर दी। अभियोजन के अनुसार चार जुलाई को एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला के लिए रक्त की जरूरत थी। परिजन ने बाहर एक व्यक्ति से रक्त लिया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर ने जांच के बाद उसे गलत ब्लड बताया। मामले में 11 जुलाई को कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज किया गया। जांच में शिवम समेत आठ आरोपियों की गिरफ्तारी कर 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजल सिरिंज, नौ मोबाइल और 3810 रुपये बरामद किए गए। आरोप है कि आरोपी अन्य लोगों के साथ मिलकर जरूरतमंद मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर कार्ड में ब्लड ग्रुप बदलकर इस्तेमाल करते थे।


दुष्कर्म व छेड़खानी का आरोपी दोषमुक्त
गोंडा। दुष्कर्म और छेड़खानी के मामले में आरोपी नईम को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी न्यायालय प्रथम (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) मनोज कुमार ने फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार 21 जुलाई 2024 को 16 वर्षीय किशोरी अपने भाई के घर जा रही थी। रास्ते में नईम व एक अन्य ने उसके साथ छेड़खानी की। शोर मचाने पर परिजन पहुंचे तो दोनों वहां से भाग गए। मामले में कौड़िया थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत प्रमुख गवाहों के न्यायालय में दिए बयानों में विरोधाभास पाया गया। ऐसे में नईम को दोषमुक्त कर दिया। साथ ही वादी और पीड़िता के खिलाफ कथित मिथ्या साक्ष्य के संबंध में अलग से कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया।
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