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इंदिरा आवास आवंटन में घपला

Tue, 08 Sep 2015 10:43 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 08 Sep 2015 10:43 PM IST
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मुजेहना विकासखंड इटियाथोक की ग्राम पंचायत गूंगीदेई में 12 वर्षों में 42 लोगों को दूसरे व्यक्ति की बीपीएल आईडी पर इंदिरा आवास बांट दिए गए। इतना ही नहीं चार लोगों को दो बार इंदिरा आवास दिया गया।
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जांच में पाया गया कि इंदिरा आवास आवंटन में जबरदस्त फर्जीवाड़ा किया गया, जिससे पात्रों को आवास नहीं मिले और करीब 11 लाख रुपये का घपला कर लिया गया।

डीडीओ के आदेश पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की जांच में इस मामले का खुलासा हुआ है, लेकिन इस खुलासे के बाद भी जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
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गूंगीदेई गांव निवासी अनिल सिंह ने वर्ष 2001 से 2012 तक आवंटित किए गए इंदिरा आवास में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत मेहनौन की सपा विधायक नंदिता शुक्ला से की थी। इस पर विधायक ने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को पत्र लिखकर मामले की त्वरित जांच कराने की अपेक्षा की थी।
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अनिल का आरोप था कि तत्कालीन ग्राम प्रधानों ने अधिकारियों की मिलीभगत से न सिर्फ गांव के अपात्रों को इंदिरा आवास दिलाए, बल्कि गांव के बाहर के लोगों को भी गांव का निवासी दिखाकर गलत तरीके से इंदिरा आवास दे दिए गए।

शासन के निर्देश पर डीडीओ ने सहायक विकास अधिकारी सांख्यिकी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इस तीन सदस्यीय समिति ने बीती चार जुलाई को गांव जाकर आवंटित किए गए इंदिरा आवासों का स्थलीय सत्यापन कर लाभार्थियों का बयान दर्ज किया।

समिति की जांच रिपोर्ट में कुल 42 व्यक्तियों का नाम बीपीएल सूची में नहीं मिला। इन लोगों को गांव के दूसरे व्यक्ति की बीपीएल आईडी पर फर्जी तरीके से इंदिरा आवास का आवंटन कर दिया गया। इनमें भी चार लोगों को दो-दो इंदिरा आवासों का आवंटन हो गया। लेकिन दो माह बाद भी अब तक इसकी जांच रिपोर्ट डीडीओ तक नहीं पहुंची।

शिकायतकर्ता अनिल सिंह का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में गांव के सेक्रेटरी और जांच टीम के सदस्य दिनेश चंद्र का कहना है कि अभी पूरी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। शीघ्र ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

राजकुमारी, मायादेवी, मंजू देवी, मायादेवी, राम दुलारी, रामरती, विनीता, सुशीला, ननकना, लखपता, उर्मिला, कुसुम, रीना, रामावती, कृष्णावती, माया, कुमारा देवी, सवित्री देवी, कंचन देवी, नीलम देवी, रेशमा, सावित्री, मायावती उर्फ सीतापति, मीरा, विनीता, फूलमती, सुंदरी, उरेही, कांतीदेवी, कुसुम, मायादेवी, रंभादेवी, कमलादेवी, अकरुन्निशा, विनीता, बालमती, रेनू सिंह, मुन्नीदेवी, रामराजी, रेनू, वंदना, कुसुम, ननका, सावित्री, फतेहचंद, कांतीदेवी व आशा का नाम बीपीएल सूची में नहीं है। इन्हें दूसरे की बीपीएल आईडी पर आवास का आवंटन किया गया।


यह गंभीर प्रकरण है। जिन फर्जी लोगों को इंदिरा आवास का आवंटन हुआ है, उनसे राशि की वसूली की जाएगी। जांच रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं जमा की गई। इस पर संबंधित अधिकारी के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। - जयंत कुमार दीक्षित, सीडीओ
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