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अधिवक्ताओं ने एसडीएम समेत तीन मजिस्ट्रेट के खिलाफ खोला मोर्चा
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मनकापुर (गोंडा)। बार एसोसिएशन ने तहसील में तैनात एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के स्थानांतरण को लेकर मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ता तीनों मजिस्ट्रेट के स्थानांतरण तक कार्य का बहिष्कार करेंगे। अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को छह सूत्री मांग पत्र भेजा है। जिसमें तीनों मजिस्ट्रेट के स्थानांतरण की मांग की गई है।
बार एसोसिएशन ने अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भेजे पत्र में कहा कि वर्तमान में तैनात एसडीएम स्वेच्छा चारी व हठ धर्मी व्यक्तित्व के स्वामी है, वह जो जानते है उसी को कानून मानते है। समस्या लेकर आने वाले लोगों से अस्वाभाविक टिप्पणी कर उन्हें अन्य पटलों पर जाने का निर्देश देते हैं। न्यायिक कर्तव्यों के निर्वहन में परिषद के निर्देशों के विपरीत अपने अनुसार वादों को सुनते व सूचीबद्ध करते हैं।
कब किस समय वह किससे अभद्रता कर जाये इसका अनुमान लगाना अधिवक्ताओं के लिए कठिन है। इन्हीं कारणों की वजह से अधिवक्ता संघ ने इनके बहिष्कार की घोषणा की है।
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इसकी सूचना पहले भी देवीपाटन मंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी व राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को दी जा चुकी है। अधिवक्ताओं को आरोप है कि तहसीलदार जन समस्याओं व वादों के निस्तारण में गंभीर नहीं हैं। उनके स्तर पर लंबित विभिन्न प्रकार की जांचो में पुन: आख्या मांगी जाती है। जिससे आम लोगों के साथ ही अधिवक्ताओं को हलकान होना पड़ता है।
आरोप है कि न्यायालय पर दो माह से गायब रहते हैं। ऐसी स्थिति में अधिवक्ताओं के लिए कार्य करना संभव नहीं रह गया है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग की है। इस मौके पर संघ अध्यक्ष श्रवण कुमार शुक्ल, मंत्री कृष्णकांत मिश्र, राकेश कुमार सिंह, सीके पाठक, अमित शुक्ला आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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बार एसोसिएशन ने अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भेजे पत्र में कहा कि वर्तमान में तैनात एसडीएम स्वेच्छा चारी व हठ धर्मी व्यक्तित्व के स्वामी है, वह जो जानते है उसी को कानून मानते है। समस्या लेकर आने वाले लोगों से अस्वाभाविक टिप्पणी कर उन्हें अन्य पटलों पर जाने का निर्देश देते हैं। न्यायिक कर्तव्यों के निर्वहन में परिषद के निर्देशों के विपरीत अपने अनुसार वादों को सुनते व सूचीबद्ध करते हैं।
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कब किस समय वह किससे अभद्रता कर जाये इसका अनुमान लगाना अधिवक्ताओं के लिए कठिन है। इन्हीं कारणों की वजह से अधिवक्ता संघ ने इनके बहिष्कार की घोषणा की है।
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इसकी सूचना पहले भी देवीपाटन मंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी व राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को दी जा चुकी है। अधिवक्ताओं को आरोप है कि तहसीलदार जन समस्याओं व वादों के निस्तारण में गंभीर नहीं हैं। उनके स्तर पर लंबित विभिन्न प्रकार की जांचो में पुन: आख्या मांगी जाती है। जिससे आम लोगों के साथ ही अधिवक्ताओं को हलकान होना पड़ता है।
आरोप है कि न्यायालय पर दो माह से गायब रहते हैं। ऐसी स्थिति में अधिवक्ताओं के लिए कार्य करना संभव नहीं रह गया है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग की है। इस मौके पर संघ अध्यक्ष श्रवण कुमार शुक्ल, मंत्री कृष्णकांत मिश्र, राकेश कुमार सिंह, सीके पाठक, अमित शुक्ला आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।