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प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:31 PM IST
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मंत्री पुत्र के इशारे पर सपाइयों द्वारा किए गए हमले में घायल पत्रकार को अब न्याय भी नहीं मांगने दिया जा रहा है। सत्ता के इशारे पर शुक्रवार रात पुलिस ने वीर विनय चौराहे पर स्थापित पत्रकार क्रमिक अनशन स्थल उखाड़ डाला। शनिवार सुबह अनशन स्थल पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तथा भारी फोर्स तैनात कर दी गई। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि पुलिस तथा प्रशासन के लोग स्थानीय मंत्री के दबाव में हैं इसलिए न्याय की मांग को भी दबाया जा रहा है।
पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने कहा कि यदि 24 घंटे के अंदर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं वीर विनय चौराहे पर आत्मदाह करूंगा।
शनिवार दोपहर पीड़ित पत्रकार राकेश निर्भीक के समर्थन में स्थानीय मीडिया कर्मी आक्रोशित हो उठे। पत्रकारों ने वीर विनय चौराहे पहुंचकर सदर एसडीएम व एएसपी से झड़प की तथा आंदोलन करने पर अड़ गए।
पत्रकारों ने चौराहे पर मंत्री व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पीड़ित पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक अचानक बेहोश हो गए। साथियों ने पानी आदि छिड़ककर राकेश को होश में लाया।
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नारेबाजी व सपाइयों के तांडव की होर्डिंग्स देखने के लिए चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पत्रकारों की मांग थी कि घटना में दोषी लोगों के खिलाफ उचित धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
वकील तथा पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने 24 घंटे के अंदर दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर रविवार की सुबह 11 बजे आत्मदाह की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन के बाद कमलेश्वर सिंह, अविनाश त्रिपाठी, राकेश सिंह, अमित श्रीवास्तव, अनिरुद्ध शुक्ला, अवधेश पांडेय व आरएस यादव सहित तमाम पत्रकारों ने नगर कोतवाली पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी दी। सदर एसडीएम इंद्र भूषण वर्मा, एएसपी एसके राय तथा सीओ सिटी एलडी भारती भारी फोर्स के साथ घटना क्रम पर नजर रखे हुए थे।
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पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने कहा कि यदि 24 घंटे के अंदर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं वीर विनय चौराहे पर आत्मदाह करूंगा।
शनिवार दोपहर पीड़ित पत्रकार राकेश निर्भीक के समर्थन में स्थानीय मीडिया कर्मी आक्रोशित हो उठे। पत्रकारों ने वीर विनय चौराहे पहुंचकर सदर एसडीएम व एएसपी से झड़प की तथा आंदोलन करने पर अड़ गए।
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पत्रकारों ने चौराहे पर मंत्री व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पीड़ित पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक अचानक बेहोश हो गए। साथियों ने पानी आदि छिड़ककर राकेश को होश में लाया।
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नारेबाजी व सपाइयों के तांडव की होर्डिंग्स देखने के लिए चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। पत्रकारों की मांग थी कि घटना में दोषी लोगों के खिलाफ उचित धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
वकील तथा पत्रकार वर्षकार सिंह कलहंस ने 24 घंटे के अंदर दोषियों की गिरफ्तारी न होने पर रविवार की सुबह 11 बजे आत्मदाह की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन के बाद कमलेश्वर सिंह, अविनाश त्रिपाठी, राकेश सिंह, अमित श्रीवास्तव, अनिरुद्ध शुक्ला, अवधेश पांडेय व आरएस यादव सहित तमाम पत्रकारों ने नगर कोतवाली पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी दी। सदर एसडीएम इंद्र भूषण वर्मा, एएसपी एसके राय तथा सीओ सिटी एलडी भारती भारी फोर्स के साथ घटना क्रम पर नजर रखे हुए थे।