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Gonda News: सात समंदर पार पहुंच चुकी हैं अदम गोंडवी की रचनाएं
Wed, 17 Dec 2025 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:20 PM IST
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गोंडा। जनकवि रामनाथ सिंह ‘अदम गोंडवी’ की रचनाएं अब सात समंदर पार पहुंच चुकी हैं। 18 दिसंबर को उनके पैतृक गांव परसपुर के गजराजपुरवा में आयोजित 14वीं पुण्यतिथि के पर उनकी रचनाओं के संग्रह पर आधारित अंग्रेजी भाषा में अनूदित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। पुस्तक का अनुवाद ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध अनुवादक डॉ. अमित सारवाल ने किया है। पुस्तक में अदम गोंडवी की बहुचर्चित कविता ‘चमारों की गली’ सहित कुल 74 रचनाओं को शामिल किया गया है।
अदम गोंडवी के पुत्र आलोक गोंडवी और भतीजे दिलीप गोंडवी ने बताया कि अंग्रेजी में अनूदित यह पुस्तक ‘आई विल टेक यू टू द कॉलोनी ऑफ द चमार्स एंड अदर पोएम्स’ दिसंबर 2025 में राजमंगल प्रकाशन, अलीगढ़ द्वारा प्रकाशित की गई है। इस संग्रह में अदम गोंडवी द्वारा हिंदी और उर्दू में लिखी गई गजलों, नज्मों और कविताओं के अंग्रेजी अनुवाद शामिल हैं।
होगा आयोजन
परसपुर संवाद के अनुसार, अदम गोंडवी के पैतृक गांव में उनके नाम से स्थापित प्राथमिक विद्यालय परिसर स्थित समाधि स्थल पर उनके परिजन, अदम गोंडवी सांस्कृतिक परिषद, परसपुर विकास मंच, ग्रामवासी, शायर, कवि और अन्य लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पसका संवाद के अनुसार, अदम गोंडवी की कविताएं आम आदमी की पीड़ा, गरीबी और सत्ताधारी व्यवस्था पर तीखे व्यंग्य के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हमेशा शोषितों और वंचितों की आवाज बुलंद की। सामंतवाद और भ्रष्टाचार पर उनके तीखे कटाक्ष आज भी उतने ही प्रासंगिक माने जाते हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘धरती की सतह पर’ और ‘समय से मुठभेड़’ शामिल हैं।
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अदम गोंडवी के पुत्र आलोक गोंडवी और भतीजे दिलीप गोंडवी ने बताया कि अंग्रेजी में अनूदित यह पुस्तक ‘आई विल टेक यू टू द कॉलोनी ऑफ द चमार्स एंड अदर पोएम्स’ दिसंबर 2025 में राजमंगल प्रकाशन, अलीगढ़ द्वारा प्रकाशित की गई है। इस संग्रह में अदम गोंडवी द्वारा हिंदी और उर्दू में लिखी गई गजलों, नज्मों और कविताओं के अंग्रेजी अनुवाद शामिल हैं।
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होगा आयोजन
परसपुर संवाद के अनुसार, अदम गोंडवी के पैतृक गांव में उनके नाम से स्थापित प्राथमिक विद्यालय परिसर स्थित समाधि स्थल पर उनके परिजन, अदम गोंडवी सांस्कृतिक परिषद, परसपुर विकास मंच, ग्रामवासी, शायर, कवि और अन्य लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। पसका संवाद के अनुसार, अदम गोंडवी की कविताएं आम आदमी की पीड़ा, गरीबी और सत्ताधारी व्यवस्था पर तीखे व्यंग्य के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने हमेशा शोषितों और वंचितों की आवाज बुलंद की। सामंतवाद और भ्रष्टाचार पर उनके तीखे कटाक्ष आज भी उतने ही प्रासंगिक माने जाते हैं। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘धरती की सतह पर’ और ‘समय से मुठभेड़’ शामिल हैं।
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