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बगैर लाइसेंस बीज बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाई
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गोंडा। बिक्री केंद्रों से हो रही घटिया गुणवत्ता के बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी। इसके लिए विभागीय स्तर पर टीम गठित कर जिले में संचालित बीज केंद्रों की औचक जांच होगी। सभी विक्रेताओं को अपना बीज स्टॉक एवं वितरण पंजिका का सत्यापन भी 15 अप्रैल तक सत्यापित कराना भी जरूरी होगा। इस दौरान जो भी बिक्री केंद्र बिना लाइसेंस के चलता मिलेगा उसके संचालक के खिलाफ बिना नोटिस सीधे दंडात्मक कार्रवाई होगी। यह चेतावनी जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव ने दी।
उन्होंने इस संबंध में सभी सहायक विकास अधिकारियों (कृषि) को निर्देश दिया है कि जिले में बीज का व्यवसाय करने वाले निजी, सरकारी एवं सहकारी बिक्री केंद्रों पर पूरी सख्ती से नजर रखने को निर्देशित किया है। साथ ही कहा है कि सभी एडीओ एजी यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी विक्रेता बिना बीज निबंधन प्रमाण पत्र प्राप्त किए बीजों की खरीद फरोख्त व बिक्री का कार्य न करे। न ही थोक सप्लायर के माध्यम से ऐसे विक्रेताओं को बीज की आपूर्ति हो, जो बिना बीज निबंधन प्रमाण पत्र के व्यापार कर रहे हो। सभी बीज बिक्री केंद्र संचालकों से कहा गया है कि वह तत्काल ऑनलाइन प्रणाली पर आवेदन करते हुए बिक्री लाइसेंस प्राप्त कर अपनी दुकान पर रखें। सभी विक्रेता बीज अधिनियम 1966 के साथ ही बीज नियंत्रण आदेश 1983 का पालन भी सुनिश्चित करते हुए कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज की बिक्री ही करें। विभिन्न फसलों के रिसर्च वैरायटी के बीज जो अधिसूचित नहीं है, की बिक्री कृषकों को कदापि न की जाए। बीज के बोरे या पैकेट पर जो भी गुणवत्ता अंकित हो वह बीज में अवश्य होनी चाहिए।
जिला कृषि अधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बीज विक्रेता दुकान पर डिस्प्ले बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड भी अवश्य प्रदर्शित करेंगे। सभी विक्रेताओं की दुकान पर जिला कृषि अधिकारी का सीयूजी नंबर 7839882235 तथा उप कृषि निदेशक का सीयूजी नंबर 7839882219 भी अंकित करना जरूरी होगा ताकि घटिया गुणवत्ता की बीज बेचने की शिकायत पीड़ित किसान सीधे दर्ज करा सके। इसके साथ ही सभी विक्रेता कृषकों को बिक्री की रसीद क्रय के समय अवश्य देंगे। बीज का स्टॉक एवं वितरण पंजिका आगामी 15 अप्रैल तक जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय से प्रमाणित कराना भी जरूरी होगा। निर्देशों का पालन न करने वाले विक्रेताओं का बीज निबंधन प्रमाण पत्र निरस्त करने के साथ ही उन पर अन्य विधिक कार्यवाही तय होगी।
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उन्होंने इस संबंध में सभी सहायक विकास अधिकारियों (कृषि) को निर्देश दिया है कि जिले में बीज का व्यवसाय करने वाले निजी, सरकारी एवं सहकारी बिक्री केंद्रों पर पूरी सख्ती से नजर रखने को निर्देशित किया है। साथ ही कहा है कि सभी एडीओ एजी यह भी सुनिश्चित करें कि कोई भी विक्रेता बिना बीज निबंधन प्रमाण पत्र प्राप्त किए बीजों की खरीद फरोख्त व बिक्री का कार्य न करे। न ही थोक सप्लायर के माध्यम से ऐसे विक्रेताओं को बीज की आपूर्ति हो, जो बिना बीज निबंधन प्रमाण पत्र के व्यापार कर रहे हो। सभी बीज बिक्री केंद्र संचालकों से कहा गया है कि वह तत्काल ऑनलाइन प्रणाली पर आवेदन करते हुए बिक्री लाइसेंस प्राप्त कर अपनी दुकान पर रखें। सभी विक्रेता बीज अधिनियम 1966 के साथ ही बीज नियंत्रण आदेश 1983 का पालन भी सुनिश्चित करते हुए कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज की बिक्री ही करें। विभिन्न फसलों के रिसर्च वैरायटी के बीज जो अधिसूचित नहीं है, की बिक्री कृषकों को कदापि न की जाए। बीज के बोरे या पैकेट पर जो भी गुणवत्ता अंकित हो वह बीज में अवश्य होनी चाहिए।
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जिला कृषि अधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी बीज विक्रेता दुकान पर डिस्प्ले बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड भी अवश्य प्रदर्शित करेंगे। सभी विक्रेताओं की दुकान पर जिला कृषि अधिकारी का सीयूजी नंबर 7839882235 तथा उप कृषि निदेशक का सीयूजी नंबर 7839882219 भी अंकित करना जरूरी होगा ताकि घटिया गुणवत्ता की बीज बेचने की शिकायत पीड़ित किसान सीधे दर्ज करा सके। इसके साथ ही सभी विक्रेता कृषकों को बिक्री की रसीद क्रय के समय अवश्य देंगे। बीज का स्टॉक एवं वितरण पंजिका आगामी 15 अप्रैल तक जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय से प्रमाणित कराना भी जरूरी होगा। निर्देशों का पालन न करने वाले विक्रेताओं का बीज निबंधन प्रमाण पत्र निरस्त करने के साथ ही उन पर अन्य विधिक कार्यवाही तय होगी।
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