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Gonda News: सर्पदंश से युवती की मौत, 12 को मिला इलाज
Wed, 10 Jul 2024 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 10 Jul 2024 11:26 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में पहुंच रहे स्नैक बाइट के चार गुना मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। बारिश के बाद सर्पदंश की घटनाएं करीब चार गुना बढ़ गई है। पिछले महीने तक जहां प्रतिदिन स्नैक बाइट के तीन केस आ रहे थे। वहीं बुधवार को 24 घंटे में सर्पदंश से पीड़ित 12 मरीज मेडिकल कॉलेज के इमरजेेंसी में पहुंचे। जहां उपचार के दौरान एक युवती की मौत हो गई।
बलरामपुर के सादुल्लाहनगर फातिमाजोत निवासी दिवांशी श्रीवास्तव (20) को सांप ने काट लिया। जिसे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लाया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती के भाई धीरज श्रीवास्तव के अनुसार करीब तीन घंटे पहले किसी जहरीले सांप ने काटा था। घर पर प्राथमिक उपचार करने के बाद इमरजेंसी लाया गया। उमरीबेगमगंज के अमदही निवासी वैष्णवी (15) को जहरीले जंतु के काटने के बाद इमरजेंसी लाया गया।
इसी प्रकार मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह 11 बजे तक सर्पदंश के 12 मरीजों का उपचार हुआ। इनमें से नौ मरीजों को एंटी स्नैक वेनम का इंजेक्शन लगाया गया। ईएमओ डॉ. अतुल मिश्र ने बताया कि सांप काटने से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सांप काटने की पुष्टि होने के बाद ही मरीजों को एंटी स्नैक वेनम का डोज दिया जाता है। सांप काटने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने पर मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
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सर्पदंश के ये हैं लक्षण:
- आंखें बंद होने लगती हैं। शरीर के जोड़ों में ऐंठन व तेज दर्द होता है।
- सांप के काटने वाले स्थान पर तेजी से सूजन आने लगती है।
- सांप काटने वाले स्थान पर त्रिभुज जैसा निशान बन जाता है।
- सांप काटने पर मरीज को उल्टी होने लगती है।
यह बिल्कुल न करे:
- सांप के काटने के बाद दौड़-भाग न करें। खून का प्रवाह बढ़ने पर जहर तेजी से फैलता है।
- सर्पदंश की जगह को काटें नहीं। इससे इंफेक्शन व अधिक रक्तस्राव हो सकता है।
झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें, तुरंत पहुंचें अस्पताल
जिले के सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें और जल्द मरीज को अस्पताल पहुंचायें। सभी डाक्टरों को निर्देश दिये गये हैं कि सर्पदंश का कोई मरीज आये तो तत्काल वैक्सीन लगाकर उसकी हालत के अनुसार इलाज करें।
-डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। बारिश के बाद सर्पदंश की घटनाएं करीब चार गुना बढ़ गई है। पिछले महीने तक जहां प्रतिदिन स्नैक बाइट के तीन केस आ रहे थे। वहीं बुधवार को 24 घंटे में सर्पदंश से पीड़ित 12 मरीज मेडिकल कॉलेज के इमरजेेंसी में पहुंचे। जहां उपचार के दौरान एक युवती की मौत हो गई।
बलरामपुर के सादुल्लाहनगर फातिमाजोत निवासी दिवांशी श्रीवास्तव (20) को सांप ने काट लिया। जिसे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में लाया गया। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती के भाई धीरज श्रीवास्तव के अनुसार करीब तीन घंटे पहले किसी जहरीले सांप ने काटा था। घर पर प्राथमिक उपचार करने के बाद इमरजेंसी लाया गया। उमरीबेगमगंज के अमदही निवासी वैष्णवी (15) को जहरीले जंतु के काटने के बाद इमरजेंसी लाया गया।
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इसी प्रकार मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह 11 बजे तक सर्पदंश के 12 मरीजों का उपचार हुआ। इनमें से नौ मरीजों को एंटी स्नैक वेनम का इंजेक्शन लगाया गया। ईएमओ डॉ. अतुल मिश्र ने बताया कि सांप काटने से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सांप काटने की पुष्टि होने के बाद ही मरीजों को एंटी स्नैक वेनम का डोज दिया जाता है। सांप काटने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचने पर मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है।
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सर्पदंश के ये हैं लक्षण:
- आंखें बंद होने लगती हैं। शरीर के जोड़ों में ऐंठन व तेज दर्द होता है।
- सांप के काटने वाले स्थान पर तेजी से सूजन आने लगती है।
- सांप काटने वाले स्थान पर त्रिभुज जैसा निशान बन जाता है।
- सांप काटने पर मरीज को उल्टी होने लगती है।
यह बिल्कुल न करे:
- सांप के काटने के बाद दौड़-भाग न करें। खून का प्रवाह बढ़ने पर जहर तेजी से फैलता है।
- सर्पदंश की जगह को काटें नहीं। इससे इंफेक्शन व अधिक रक्तस्राव हो सकता है।
झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें, तुरंत पहुंचें अस्पताल
जिले के सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें और जल्द मरीज को अस्पताल पहुंचायें। सभी डाक्टरों को निर्देश दिये गये हैं कि सर्पदंश का कोई मरीज आये तो तत्काल वैक्सीन लगाकर उसकी हालत के अनुसार इलाज करें।
-डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ