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सीबीआई ने तलब किए 16 स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी
Gonda
Updated Thu, 24 Jan 2013 05:30 AM IST
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गोंडा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत हुईं गड़बड़ियों की जांच कर रही सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। वर्ष 2005 से 2011 तक एनआरएचएम के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की पड़ताल में जुटी सीबीआई ने अब अभिलेखों को खंगालना शुरू कर दिया है। सीबीआई ने जिले के तीन अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों के अलावा अाठ सीएचसी के चिकित्साधीक्षक व अाठ पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अभिलेखों के साथ तलब किया है। सीबीआई की इस सक्रियता से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2005 से 2011 तक विभिन्न योजनाओं के संचालन के दौरान दवाओं की खरीद के साथ ही उपकरणों के क्रय में अनियमितता का मामला ऑडिट टीम पहले ही उजागर कर चुकी है। वहीं, एनआरएचएम में हुईं गड़बड़ियाें की पड़ताल सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने पिछले वर्ष फरवरी में परिवार कल्याण के पूर्व सीएमओ के घर छापा मारकर कई चरणों में अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब किया था। दवाओं की खरीद, उपकरणों के क्रय के साथ ही जननी सुरक्षा योजना, अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अलावा अन्य सभी योजनाओं के अभिलेखों की सीबीआई ने अब पड़ताल शुरू कर दी है। बीते दिन सीबीआई को अभिलेख देने गए सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक से भी कुछ जानकारियां हासिल की गईं। उधर, बुधवार को आए सीबीआई के एक पत्र को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। सीबीआई ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व एसएमओ (स्टोर मेडिकल आफीसर) सहित अन्य योजनाओं के नोडल अधिकारी रहे डॉ. राकेश अग्रवाल, डॉ. ओम प्रकाश व डॉ. मुसाफिर यादव को लखनऊ तलब किया है। इसके अलावा सीबीआई ने सीएचसी करनैलगंज, मनकापुर, नवाबगंज, तरबगंज, बेलसर, बभनजोत, मुजेहना व कटराबाजार के चिकित्साधीक्षक के अलावा पीएचसी इटियाथोक, रूपईडीह, हलधरमऊ, परसपुर, वजीरगंज, मसकनवां, पड़रीकृपाल व काजीदेवर के प्रभारी चिकित्साधिकारी को तलब किया है। इन अधिकारियों को सीबीआई के समक्ष 29 जनवरी से एक फरवरी के बीच बारी-बारी से अभिलेखों के साथ जाना है। जानकारों की मानें तो सीबीआई के पास जो अभिलेख है, उनकी तस्दीक के लिए इन अधिकारियों को बुलाया जा रहा है।
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2005 से 2011 तक विभिन्न योजनाओं के संचालन के दौरान दवाओं की खरीद के साथ ही उपकरणों के क्रय में अनियमितता का मामला ऑडिट टीम पहले ही उजागर कर चुकी है। वहीं, एनआरएचएम में हुईं गड़बड़ियाें की पड़ताल सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने पिछले वर्ष फरवरी में परिवार कल्याण के पूर्व सीएमओ के घर छापा मारकर कई चरणों में अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब किया था। दवाओं की खरीद, उपकरणों के क्रय के साथ ही जननी सुरक्षा योजना, अंधता नियंत्रण कार्यक्रम, क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अलावा अन्य सभी योजनाओं के अभिलेखों की सीबीआई ने अब पड़ताल शुरू कर दी है। बीते दिन सीबीआई को अभिलेख देने गए सीएमओ कार्यालय के एक लिपिक से भी कुछ जानकारियां हासिल की गईं। उधर, बुधवार को आए सीबीआई के एक पत्र को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। सीबीआई ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व एसएमओ (स्टोर मेडिकल आफीसर) सहित अन्य योजनाओं के नोडल अधिकारी रहे डॉ. राकेश अग्रवाल, डॉ. ओम प्रकाश व डॉ. मुसाफिर यादव को लखनऊ तलब किया है। इसके अलावा सीबीआई ने सीएचसी करनैलगंज, मनकापुर, नवाबगंज, तरबगंज, बेलसर, बभनजोत, मुजेहना व कटराबाजार के चिकित्साधीक्षक के अलावा पीएचसी इटियाथोक, रूपईडीह, हलधरमऊ, परसपुर, वजीरगंज, मसकनवां, पड़रीकृपाल व काजीदेवर के प्रभारी चिकित्साधिकारी को तलब किया है। इन अधिकारियों को सीबीआई के समक्ष 29 जनवरी से एक फरवरी के बीच बारी-बारी से अभिलेखों के साथ जाना है। जानकारों की मानें तो सीबीआई के पास जो अभिलेख है, उनकी तस्दीक के लिए इन अधिकारियों को बुलाया जा रहा है।
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