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...तो फीकी रहेगी बाढ़ पीड़ितों की दीपावली

Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
Gonda
Gonda Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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परसपुर/गोंडा। एक तरफ जहां लोग दीपावली त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए सोमवार को जोर-शोर से तैयारियों में जुटे रहे, वहीं दूसरी तरफ बाढ़ पीड़ितों के परिवार खाने के लिए दाने-दाने को मोहताज हैं। इन गरीबों के घरों में दीपावली पर रोशनी की बात कौन कहे, इनके चूल्हे में भी रोशनी होने की उम्मीद कम ही है। नतीजा ये है कि बाढ़ पीड़ित बंधे पर तिरपाल के नीचे रहने के लिए मजबूर हैं। जिले की तरबगंज व करनैलगंज तहसील में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की त्रासदी में 92 गांवों की तीन लाख आबादी प्रभावित होती है। प्रशासन बाढ़ पीड़तों के राहत व पुनर्वास का कार्य करने का दावा तो करता है, लेकिन ये कार्य धरातल पर दिखाई नहीं पड़ता। करनैलगंज तहसील के परसपुर में बाढ़ पीड़ित आज भी बंधे पर अपने मवेशियों के साथ डेरा डाले हुए हैं। परसपुर के भिखारीपुर-सकरौर रिंग बांध पर डेरा डाले बाढ़ पीड़ित कमलेश, रामसुमेरे, रामजानकी, कमलनाथ, विनोद, राजकुमार, लक्ष्मन, रामतीरथ आदि बताते हैं कि जिंदगी की मूलभूत सुविधाएं रोटी, कपड़ा और मकान है। मकान तो बाढ़ के पानी में बह गया, आर्थिक तंगी के कारण सही सलामत कपडे़ तो दूर यहां तो दो वक्त की रोटी के भी लाले पडे़ हैं। उनके खेत भी बाढ़ के दौरान सरयू-घाघरा नदी के पानी में कट गये। वे चार महीने से बंधे पर डेरा डाले हुए हैं। बाढ़ पीड़ित बताते हैं कि वे किसी तरह मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट भरते हैं। दीपावली के त्योहार में जहां लोग बिजली की झालरों व मोमबत्तियों से अपने घरों को रोशन करेंगे, वहीं उन्हें मिट्टी का तेल भी नसीब नहीं है। मंहगी मिठाई की बात कौन कहे, उनके बच्चों को दीपावली में चीनी भी मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं देती। बाढ़ पीड़तों ने प्रशासन एंव जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग सिर्फ मदद का आश्वासन देते हैं, मगर मिलता कुछ नहीं है। ग्राम प्रधान बेचू ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र दिया गया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बाढ़ पीड़ितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
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ग्राम पंचायत से मांगा गया प्रस्ताव
परसपुर के चंदापुर किटौली के बाढ़ पीड़िताें को आवास आवंटित करने के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव मांगा जा रहा है। प्रस्ताव आते ही इंदिरा आवास आवंटन के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
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-जगदीश प्रसाद रावत, खंड विकास अधिकारी परसपुर।
मांगी गई रिपोर्ट
भिखारीपुर-सकरौर रिंग बांध पर बसे बाढ़ पीड़ितों के राहत एंव पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए तहसीलदार करनैलगंज से रिपोर्ट मांगी जा रही है।
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-अयोध्या प्रसाद, एसडीएम करनैलगंज
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