फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   884 gram panchayats not open accounts, development stalled

884 ग्राम पंचायतों के नहीं खुले खाते, विकास कार्य ठप

Wed, 06 Jan 2016 11:29 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 06 Jan 2016 11:29 PM IST
विज्ञापन
जिले में 1044 ग्राम पंचायतों में से 884 ग्राम पंचायतों के बैंक खाते न खुल पाने से विकास कार्य ठप हैं। ग्राम पंचायतों में सचिवों की कमी के अलावा उनकी लापरवाही से ग्राम पंचायतों के खाते खुलने में देरी हो रही है। इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों की पत्रावलियां सत्यापित न होने से विकास भवन में डंप पड़ी हैं। पंचायत चुनाव में आचार संहिता शुरू होने के बाद से करीब पांच माह से ग्राम पंचायतों के विकास का पहिया रुका हुआ है।
विज्ञापन


जिले में कुल 1054 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 10 ग्राम पंचायतों में चुनाव न होेने से वे कार्य कर रही हैं। जबकि हाल ही में चुनाव के बाद गठित हुईं 1044 ग्राम पंचायतों में से अभी तक करीब 150 ग्राम पंचायतों का खाता ही खुल पाया है।
विज्ञापन


884 ग्राम पंचायतों का बैंक खाता न खुल पाने से वहां विकास कार्य ठप हैं। ग्राम पंचायतों के खाते भी एक प्रक्रिया के तहत खोले जाने हैं। ग्राम पंचायतों का खाता ग्राम प्रधान व सेक्रेेटरी के संयुक्त नाम से खुलना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्राम पंचायतों के इन्हीं खातों में शासन की ओर से राज्य वित्त व तेरहवें वित्त से पैसा जाना है। इन्हीं रुपयो से ग्राम पंचायतें गांव में नाली, सड़क जैसे कई बुनियादी विकास कार्यों को पूरा कराएंगी। लेकिन जिले में इस बार ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों की कमी के अलावा उनकी लापरवाही से पंचायतों के खाते तक नहीं खुल सके हैं।

बताया जाता है कि ग्राम प्रधान परेशान हैं। उन्हें समय से सचिव के रूप में ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी नहीं मिल पा रहे हैं।

इस बाबत जिला प्रशासन के ध्यान न देने से बैंक में खाते खोलने को लेकर पत्रावलियां तक मुकम्मल नहीं हो सकी हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से बैंक में खाते खोले जाने के निर्देंश दिए जा चुके हैं। जिन ग्राम पंचायतों की पत्रावलियां आ रही हैं, उनका सत्यापन किया जा रहा है।


फैक्ट फाइल
कुल ग्राम पंचायतें -             1054
खाते खुले -                160
खाते नहीं खुले -             884

ग्राम पंचायतों के कुछ प्रमुख काय
* गांवों में जलनिकासी के लिए नालियों का निर्माण कराना ।
* गांव में सड़क व संपर्क मार्ग बनवाना।
* शौचालय का निर्माण कराना।  
* मनरेगा के तहत मिट्टी के कार्य।
* हैंडपंपों की मरम्मत।  
* तालाब की मरम्मत व निर्माण कराना।
* कुओं को दुरुस्त कराना।
* गांव में प्रकाश की व्यवस्था के लिए सोलर पंप लगवाना।

ढाई लाख मनरेगा मजदूर बेरोजगार
ग्राम पंचायतों के  बैंकों में खाते न खुल पाने से जिले में 2.50 लाख जॉबकार्डधारकों को पंचायतों में काम नहीं मिल पा रहा है। पिछले छह माह से ग्राम पंचायतों के चुनाव के चलते ग्राम पंचायतों की ओर से कोई मनरेगा का कार्य नहीं कराया गया। इससे मनरेगा मजदूर पंचायतों में कार्य न पाने से खाली बैठे हैं। अब जबकि चुनाव हो चुका है, तब पंचायतें अपना बैंक खाता खुलवाने में जूझ रही हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों की ओर से मनरेगा का कोई कार्य न हो पाने से जिले के करीब 2.50 लाख मनरेगा मजदूरों को कार्य नही मिल पाया है। वे गांव में बेरोजगार बैठे हैं। मनरेगा के श्रमिकों से ग्राम पंचायतों में संपर्क मार्ग, मेड़बंदी, खेतों के सुधार जैसे कार्य कराए जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed