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हत्या में बाप-बेटे समेत पांच अभियुक्तों को उम्रकैद
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:59 PM IST
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हत्यारे बाप-बेटे समेत पांच को उम्रकैद
गोंडा। चौरी हरसोपट्टी गांव में जमीप पर कब्जा करने से मना करने पर विश्वनाथ शुक्ला की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बाप-बेटे समेत पांच लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्तों को पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
प्रभारी शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय कुमार सिंह के मुताबिक थाना मोतीगंज क्षेत्र के चौरी हरसोपट्टी गांव की रहने वाली रमपता पत्नी विश्वनाथ शुक्ल ने 27 अक्तूबर 2011 को थाना मोतीगंज में छोटेलाल शुक्ला, परवेश शुक्ला, रामहेत शुक्ला, सुशील कुमार शुक्ला व रामनरेश शुक्ला निवासी चौरी हरसोपट्टी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें कहा कि उसके घर दरवाजे की जमीन का अभियुक्तों से अदालत में मुकदमा चल रहा था। 25 अक्तूबर 2011 को अभियुक्त उसके दरवाजे पर आए और जमीन पर कब्जा करने लगे, जब उसके पति विश्वनाथ शुक्ला ने जमीन पर कब्जा करने से उन्हें मना किया तो तमंचे से विश्वनाथ को गोली मार दी।
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जिससे वह गिर पड़े। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान 25 अक्तूबर 2011 को विश्वनाथ की मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान प्रभारी शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया।
अदातल ने गवाहों के बयान को सुना और पत्रावली का अवलोकन कर विश्वनाथ शुक्ल की हत्या का दोषी करार देते हुए अभियुक्त छोटेलाल, परवेश शुक्ला उर्फ प्रवेश शुक्ला, रामहेत शुक्ला, सुशील कुमार शुक्ला उर्फ साधू व रामनरेश शुक्ला को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्तों को पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
गोंडा। चौरी हरसोपट्टी गांव में जमीप पर कब्जा करने से मना करने पर विश्वनाथ शुक्ला की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बाप-बेटे समेत पांच लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्तों को पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
प्रभारी शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय कुमार सिंह के मुताबिक थाना मोतीगंज क्षेत्र के चौरी हरसोपट्टी गांव की रहने वाली रमपता पत्नी विश्वनाथ शुक्ल ने 27 अक्तूबर 2011 को थाना मोतीगंज में छोटेलाल शुक्ला, परवेश शुक्ला, रामहेत शुक्ला, सुशील कुमार शुक्ला व रामनरेश शुक्ला निवासी चौरी हरसोपट्टी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा कि उसके घर दरवाजे की जमीन का अभियुक्तों से अदालत में मुकदमा चल रहा था। 25 अक्तूबर 2011 को अभियुक्त उसके दरवाजे पर आए और जमीन पर कब्जा करने लगे, जब उसके पति विश्वनाथ शुक्ला ने जमीन पर कब्जा करने से उन्हें मना किया तो तमंचे से विश्वनाथ को गोली मार दी।
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जिससे वह गिर पड़े। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान 25 अक्तूबर 2011 को विश्वनाथ की मौत हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान प्रभारी शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने अदालत पर गवाहों का बयान कराया।
अदातल ने गवाहों के बयान को सुना और पत्रावली का अवलोकन कर विश्वनाथ शुक्ल की हत्या का दोषी करार देते हुए अभियुक्त छोटेलाल, परवेश शुक्ला उर्फ प्रवेश शुक्ला, रामहेत शुक्ला, सुशील कुमार शुक्ला उर्फ साधू व रामनरेश शुक्ला को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। अदालत ने अभियुक्तों को पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।