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Gonda News: कैदी के खाते से निकल गए 47 हजार रुपये, कैशियर व प्रबंधक पर केस
Sat, 16 Nov 2024 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 16 Nov 2024 11:26 PM IST
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गोंडा। जेल में बंद एक कैदी के बैंक खाते से 47 हजार रुपये निकाल लिए गए। जमानत पर छूटने के बाद वह अपने खाते से रकम निकालने बैंक गया तो रकम निकलने की जानकारी हुई। मगर शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक व कैशियर के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के मोताजोत मलारी निवासी रामभोग को गत 21 अप्रैल 2004 को हत्या के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे सजा हो गई थी। बीते 26 जून 2022 को जेल से छूटने के बाद रामभोग बड़गांव स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा में अपने खाते से रकम निकालने पहुंचा। तब पता चला कि उसके खाते से 18 नवंबर 2014 को 47 हजार रुपये निकाल लिए गए। रामभोग का आरोप है कि उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खाते से रकम निकाली गई है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के बड़गांव स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और कैशियर की भूमिका संदिग्ध मानते हुए रामभोग ने तत्कालीन एसपी समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ित ने कोर्ट में अर्जी देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
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नगर कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक व कैशियर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में विवेचना करके कार्रवाई की जाएगी।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक संदीप कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं है। अगर कोई मामला दर्ज हुआ है तो जांच में पुलिस का सहयोग किया जाएगा। जेल के अधिकारियों की संस्तुति पर कैदियों के बैंक खाते से भुगतान कराने का प्रावधान है। मगर इस मामले को लेकर अभी तक बैंक को कोई भी सूचना नहीं मिली है। मामले की जानकारी की जा रही है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के मोताजोत मलारी निवासी रामभोग को गत 21 अप्रैल 2004 को हत्या के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे सजा हो गई थी। बीते 26 जून 2022 को जेल से छूटने के बाद रामभोग बड़गांव स्थित सेंट्रल बैंक की शाखा में अपने खाते से रकम निकालने पहुंचा। तब पता चला कि उसके खाते से 18 नवंबर 2014 को 47 हजार रुपये निकाल लिए गए। रामभोग का आरोप है कि उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खाते से रकम निकाली गई है।
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नगर कोतवाली क्षेत्र के बड़गांव स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और कैशियर की भूमिका संदिग्ध मानते हुए रामभोग ने तत्कालीन एसपी समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर पीड़ित ने कोर्ट में अर्जी देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
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नगर कोतवाल मनोज कुमार पाठक ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक व कैशियर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले में विवेचना करके कार्रवाई की जाएगी।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक संदीप कुमार ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं है। अगर कोई मामला दर्ज हुआ है तो जांच में पुलिस का सहयोग किया जाएगा। जेल के अधिकारियों की संस्तुति पर कैदियों के बैंक खाते से भुगतान कराने का प्रावधान है। मगर इस मामले को लेकर अभी तक बैंक को कोई भी सूचना नहीं मिली है। मामले की जानकारी की जा रही है।