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Gonda News: 30 दिन में 47 नवजात रेफर, पांच की मौत

Wed, 12 Mar 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Wed, 12 Mar 2025 11:54 PM IST
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47 newborns referred in 30 days, five died
गोंडा। महिला अस्पताल की एसएनसीयू में नवजात बच्चों के उपचार की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। नवजात को वेंटिलेटर व सी-पैप मशीन की जरूरत पड़ने पर रेफर करना पड़ रहा है। महीने भर में एसएनसीयू से 47 नवजात बच्चों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। वहीं, पांच मासूमों की जान भी जा चुकी है। उचित उपचार न मिलने पर 10 बच्चों को उनके परिजन बिना बताए ही लेकर चले गए।
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महिला अस्पताल में बनी सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में 18 बेडों पर बच्चों को भर्ती किया जाता है, लेकिन इस यूनिट में सिर्फ ऑक्सीजन व वार्मर की ही सुविधा मिल पा रही है। गंभीर बच्चों की जान बचाने के लिए जरूरी वेंटिलेटर व सी-पैप मशीन नहीं है।
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गत 21 जनवरी से लेकर 20 फरवरी के बीच महिला अस्पताल में 1274 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें से 76 नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराना पड़ा। वहीं बाहर निजी अस्पतालों व सीएचसी पर जन्मे 75 बच्चों को भी यूनिट में भर्ती किया गया। कुल 151 बच्चों का उपचार किया गया। इसमें से 47 शिशुओं को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। (संवाद)
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किन बच्चों को होती है वेंटिलेटर व सी-पैप की जरूरत

- एसएनसीयू प्रभारी डॉ. प्रभू दयाल ने बताया कि 37 सप्ताह के पहले जन्म लेने वाले बच्चों में सांस की समस्या होती है। इन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाता है। गंभीर होने पर सी-पैप मशीन के सहारे निरंतर वायुमार्ग पर दबाव बनाया जाता है, जिससे बच्चे सांस लेने का प्रयास करते हैं। अधिक गंभीर होने पर बच्चों को वेंटिलेटर पर रखकर फेफड़े तक ऑक्सीजन पहुंचाई जाती है। इसी से कार्बन डाईऑक्साइड भी बाहर निकलती है।




बेड व स्टाफ की भी कमी

महिला अस्पताल में प्रतिदिन 40 से अधिक बच्चों का जन्म होता है। इनमें से कई बच्चों को एसएनसीयू में रखने की जरूरत पड़ती है, लेकिन मात्र 18 बच्चों को एक साथ भर्ती किया जा सकता है। ऐसे में बेड न खाली होने के कारण तीमारदारों को बच्चे का इलाज बाहर कराना पड़ता है। इसी का फायदा उठाकर दलाल उन्हें बेहतर उपचार का भरोसा दिलाकर निजी अस्पताल ले जाते हैं। बेड के सापेक्ष स्टाफ की भी कमी है। 18 बेडों के सापेक्ष सिर्फ 12 स्टाफ नर्सों की तैनाती है।



एसएनसीयू में 21 जनवरी से लेकर 20 फरवरी की स्थिति

नवजात महिला अस्पताल के बाहर के

भर्ती हुए 76 75

डिस्चार्ज 54 33

रेफर 17 30

बिना बताए गए 3 7

मौत 2 3



वेंटिलेटर के लिए करेंगे मांग
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यूनिट स्थापित की गई है। यहां वेंटिलेटर व अन्य मशीनों की व्यवस्था के लिए उच्च अधिकारियों से मांग की जाएगी।

- डॉ. देवेंद्र सिंह, सीएमएस महिला अस्पताल
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