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माडल केंद्र के रुप में विकसित किए जाएंगे 40 आगंनबाड़ी केंद्र
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:15 PM IST
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मॉडल केंद्र के रुप में विकसित होंगे 40 आंगनबाड़ी केंद्र
गोंडा। जिले के कार्यक्रम विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत नौनिहालों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करने का खाका तैयार किया है। इसके तहत जिले के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को माडल केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा।
इन केंद्रों पर पांच वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन कराया जाएगा और उन्हे पढ़ाई के साथ साथ उनके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद के भी प्रबंध किए जाएंगे।
तीन वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों पर तीन से पांच वर्ष के आयु वर्ग के 1.75 लाख बच्चों का पंजीकरण है।
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इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बच्चों की शिक्षा के साथ उन्हें कुपोषण से बचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। लेकिन न तो केंद्रों पर बच्चों को शिक्षा मिल रही है और न ही उनके कुपोषण को दूर करने में विभाग सफल हो रहा है।
इस नाकामी से निपटने के लिए कार्यक्रम विभाग ने कुुछ केंद्रों को माडल केंद्र के रुप में विकसित करने का फार्मूला तैयार किया है। इस फार्मूले के तहत जिले के पांच विकास खंडों के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को माडल केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा।
इन केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा के साथ साथ उनके खेलकूद के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। इससे बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को मजबूती मिल सकेगी।
गोंडा। माडल केंद्र के तौर पर विकसित किए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए खिलौना बैंक की स्थापना की जाएगी। इस बैंक में बच्चों की पसंद के खिलौने रखे जाएंगे और उन्हे अपने मन से खेलने की छूट मिलेगी। खेल खेल में शिक्षा की विधा को रुचिकर बनाया जाएगा जिससे बच्चा स्वेच्छा से केंद्र पर आए।
माडल केंद्र विकसित किए जाने के लिए पहले मुख्यालय से सटे पांच ब्लाकों को शामिल किया गया है। इनमें झंझरी, पंडरीकृपाल, रुपईडीह, मुजेहना व इटियाथोक ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पांच पांच केंद्र चुने जाएंगे। केंद्रों के चुनाव के लिए उनका चिन्हांकन कराया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की घटती संख्या को रोकने व पूर्व प्राथमिक शिक्षा को रुचिकर बनाने के लिए माडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पहले बैच में पांच ब्लॉकों के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के तौर पर विकसित किए जाने की योजना है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा।
दिलीप कुमार पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी
गोंडा। जिले के कार्यक्रम विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत नौनिहालों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करने का खाका तैयार किया है। इसके तहत जिले के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को माडल केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा।
इन केंद्रों पर पांच वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन कराया जाएगा और उन्हे पढ़ाई के साथ साथ उनके शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद के भी प्रबंध किए जाएंगे।
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तीन वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों पर तीन से पांच वर्ष के आयु वर्ग के 1.75 लाख बच्चों का पंजीकरण है।
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इन केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बच्चों की शिक्षा के साथ उन्हें कुपोषण से बचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। लेकिन न तो केंद्रों पर बच्चों को शिक्षा मिल रही है और न ही उनके कुपोषण को दूर करने में विभाग सफल हो रहा है।
इस नाकामी से निपटने के लिए कार्यक्रम विभाग ने कुुछ केंद्रों को माडल केंद्र के रुप में विकसित करने का फार्मूला तैयार किया है। इस फार्मूले के तहत जिले के पांच विकास खंडों के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को माडल केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा।
इन केंद्रों पर बच्चों की शिक्षा के साथ साथ उनके खेलकूद के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। इससे बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को मजबूती मिल सकेगी।
गोंडा। माडल केंद्र के तौर पर विकसित किए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के लिए खिलौना बैंक की स्थापना की जाएगी। इस बैंक में बच्चों की पसंद के खिलौने रखे जाएंगे और उन्हे अपने मन से खेलने की छूट मिलेगी। खेल खेल में शिक्षा की विधा को रुचिकर बनाया जाएगा जिससे बच्चा स्वेच्छा से केंद्र पर आए।
माडल केंद्र विकसित किए जाने के लिए पहले मुख्यालय से सटे पांच ब्लाकों को शामिल किया गया है। इनमें झंझरी, पंडरीकृपाल, रुपईडीह, मुजेहना व इटियाथोक ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पांच पांच केंद्र चुने जाएंगे। केंद्रों के चुनाव के लिए उनका चिन्हांकन कराया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की घटती संख्या को रोकने व पूर्व प्राथमिक शिक्षा को रुचिकर बनाने के लिए माडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पहले बैच में पांच ब्लॉकों के 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल के तौर पर विकसित किए जाने की योजना है। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा।
दिलीप कुमार पांडेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी