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Gonda News: वित्तविहीन स्कूलों के चार हजार शिक्षकों को भी मिलेगा कैशलेस इलाज
Sun, 16 Aug 2026 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 16 Aug 2026 11:06 PM IST
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गोंडा। जिले के 599 वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत करीब चार हजार शिक्षकों और उनके आश्रितों को भी अब मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिलेगा। शासन ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को इसमें शामिल करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी वित्तविहीन विद्यालयों का सत्यापित ब्योरा एक सप्ताह के भीतर निदेशालय भेजा जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यालयों से निर्धारित प्रारूप पर जानकारी मांगी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को निर्धारित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। साथ ही अपने आश्रितों का विवरण भी आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना होगा। आवेदन का सत्यापन और अनुमोदन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे। शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने और निरंतर कार्यरत रहने की पुष्टि के बाद आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी के पास अंतिम सत्यापन और अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
बीएसए ने बताया कि विद्यालयों से बीईओ का नाम, विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, प्रधानाचार्य का नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सहित अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित प्रोफार्मा पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिल सकेगा।
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बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले के सभी वित्तविहीन विद्यालयों का सत्यापित ब्योरा एक सप्ताह के भीतर निदेशालय भेजा जाएगा। इसके लिए संबंधित विद्यालयों से निर्धारित प्रारूप पर जानकारी मांगी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को निर्धारित पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। साथ ही अपने आश्रितों का विवरण भी आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना होगा। आवेदन का सत्यापन और अनुमोदन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे। शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने और निरंतर कार्यरत रहने की पुष्टि के बाद आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी के पास अंतिम सत्यापन और अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
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बीएसए ने बताया कि विद्यालयों से बीईओ का नाम, विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, प्रधानाचार्य का नाम, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी सहित अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित प्रोफार्मा पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों और उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ मिल सकेगा।
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