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400 गांवों की बिजली गुल
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sun, 29 May 2016 11:44 PM IST
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आंधी में गिरे पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में शनिवार की रात आई तेज आंधी व पानी ने खूब तबाही मचाई। परसपुर में डेहरास गांव के पांच मजरों में जहां आंधी से कई लोगों के घरों की टिनशेड व छप्पर उड़ गए तो वहीं तमाम पेड़ गिर गए। इन पेड़ों के नीचे दबकर पांच मवेशियों की मौत हो गई, वहीं ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले छह मजदूर घायल हो गए।
आंधी व पानी में पेड़ टूटने से बेलसर, परसपुर, करनैलगंज मार्ग 10 घंटे के लिए बंद रहा, जिसे ग्रामीणों ने सुबह 10 बजे जैसे-तैसे बहाल करवाया। वहीं, इस आंधी का असर बेलसर, तरबगंज व नवाबगंज इलाके में भी दिखाई दिया, जहां सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए।
आंधी व पानी से सबसे ज्यादा नुकसान पावर कॉरपोरेशन को हुआ है, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के करीब 400 गांवों की बिजली अनिश्चितकालीन समय के लिए गुल हो गई है। वहीं, आंधी व पानी से पूरे गोंडा शहर की बिजली भी 12 घंटे के लिए गुल रही।
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डेहरास के मोहना गांव में शनिवार की रात आई आंधी व पानी से लालता प्रसाद पांडेय के घर की रेलिंग ध्वस्त हो गई। जबकि उनके घर के बगल लगा बिजली का खंभा भी ट्रांसफार्मर समेत जमीन पर आ गिरा। वहीं, गजराजपुरवा, बख्तावरपुरवा, चंदईपुरवा व कुर्मिनपुरवा में रहने वाले कई लोगों के घरों के छप्पर व टिनशेड उड़ गए।
इन गांवों में तमाम पेड़ों के टूटने से पांच मवेशियों की भी मौत हो गई। जबकि डेहरास के ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले अशोक, स्वामीनाथ, धन्नू समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए। जबकि सीबीएन रोड के किनारे पेड़ों के टूटकर गिरने से इस रोड का यातायात शनिवार की रात 12 से रविवार की सुबह 10 बजे तक बाधित रहा।
उधर, तेज आंधी से मंगुरा बाजार में मुर्गी फॉर्म की रखवाली कर रहे धुंधापुरवा निवासी इन्द्रबहादुर सिंह घायल हो गए। रात में आंधी से मकान की दीवार इंद्रबहादुर के ऊपर गिर गई, जिससे वह घायल हो गए।
उधर, शनिवार की रात जिले में आई आंधी व पानी से करीब 400 से गांवों की बत्ती अनिश्चितकालीन समय के लिए गुल हो गई है।
करनैलगंज, परसपुर, भंभुवा, करनैलगंज तहसील, बेलसर, बालपुर, कटराबाजार, नवाबगंज, खोरहंसा, डुमरियाडीह, इटियाथोक, खरगूपुर, धानेपुर, तरबगंज में बिजली की 11 केवी लाइनें कई जगहों से खंभे टूट जाने के कारण बंद पड़ी हैं। जिससे इन इलाकों में 10 लाख आबादी वाले 400 से ऊपर गांवों में अंधेरा छाया हुआ है।
वहीं इसी आंधी-पानी के चलते गोंडा शहर की भी बिजली शनिवार की रात 12 बजे से रविवार की दोपहर तक 12 घंटों के लिए गुल रही। जिसके फाल्ट को दोपहर 12 बजे के बाद जैसे-तैसे ठीक किया गया।
शनिवार की रात आई आंधी से अकेले परसपुर, बेलसर और नवाबगंज में करीब 500 बिजली के खंभों के टूटने से इन इलाकों की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। जबकि बेलसर 33 केवी लाइन के 11 खंभे टूटने से पूरे सब स्टेशन की बिजली गुल चल रही है।
वहीं, 11 केवी डेहरास लाइन के 100, खोरहंसा 11 केवी फीडर के 25, डुमरियाडीह के 50, बेलसर में 100 और तरबगंज में 100 और नवाबगंज में 80 बिजली के खंभे टूटकर लटक गए हैं। जबकि जिले के अन्य इलाकों में भी 500 से ऊपर बिजली के खंभों के टूटने की सूचना है।
तरबगंज के भानपुर में एक भैंस की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई, जबकि इसी गांव में दो मवेशी घायल हो गए। वहीं गांव के दस से अधिक लोगों के सीमेंटेड टीन के बने घर पूरी तरह धवस्त हो गए।
तरबगंज के गभौरा, जमथा, धनौली, भानपुर, रांगी, बनगांव सहित दर्जनों मजरों में सैकड़ों पेड़ गिर गए। सबसे ज्यादा नुकसान भानपुर के बसंत पुरवा में हुआ। जहां हनुमानदास के घर के सामने नीम के पेेड़ के नीचे बंधी उनकी भैंस दबकर मर गई। इसी गांव के राम गोपाल तिवारी की गाय व राम निहाल के घर पर बंधे बछड़ा घायल हो गया।
बरसात के साथ चल रही आंधी इतनी तेज थी कि मजरा बसंतपुर के दीनानाथ तिवारी, शीतला प्रसाद, हनुमन्त सहित दस से अधिक लोगों का टीन से छाया हुआ घर उखड़ कर तबाह हो गया।
शनिवार की रात में हुई बारिश से गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर जयनगरा के पास सड़क तालाब में तब्दील हो गई। जलभराव व वाहनों के चलते गड्ढे करीब दो-तीन फीट गहरे हो गए। जलभराव के चलते महिलाओं व पैदल राहगीरों को घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। राहगीरों की समस्याओं को देखते हुए जयनगरा गांव के ग्रामीणों ने सड़क के किनारे नालियां बनाकर पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन फिर भी सड़क से पानी नहीं निकल सका।
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आंधी व पानी में पेड़ टूटने से बेलसर, परसपुर, करनैलगंज मार्ग 10 घंटे के लिए बंद रहा, जिसे ग्रामीणों ने सुबह 10 बजे जैसे-तैसे बहाल करवाया। वहीं, इस आंधी का असर बेलसर, तरबगंज व नवाबगंज इलाके में भी दिखाई दिया, जहां सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए।
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आंधी व पानी से सबसे ज्यादा नुकसान पावर कॉरपोरेशन को हुआ है, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के करीब 400 गांवों की बिजली अनिश्चितकालीन समय के लिए गुल हो गई है। वहीं, आंधी व पानी से पूरे गोंडा शहर की बिजली भी 12 घंटे के लिए गुल रही।
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डेहरास के मोहना गांव में शनिवार की रात आई आंधी व पानी से लालता प्रसाद पांडेय के घर की रेलिंग ध्वस्त हो गई। जबकि उनके घर के बगल लगा बिजली का खंभा भी ट्रांसफार्मर समेत जमीन पर आ गिरा। वहीं, गजराजपुरवा, बख्तावरपुरवा, चंदईपुरवा व कुर्मिनपुरवा में रहने वाले कई लोगों के घरों के छप्पर व टिनशेड उड़ गए।
इन गांवों में तमाम पेड़ों के टूटने से पांच मवेशियों की भी मौत हो गई। जबकि डेहरास के ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले अशोक, स्वामीनाथ, धन्नू समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए। जबकि सीबीएन रोड के किनारे पेड़ों के टूटकर गिरने से इस रोड का यातायात शनिवार की रात 12 से रविवार की सुबह 10 बजे तक बाधित रहा।
उधर, तेज आंधी से मंगुरा बाजार में मुर्गी फॉर्म की रखवाली कर रहे धुंधापुरवा निवासी इन्द्रबहादुर सिंह घायल हो गए। रात में आंधी से मकान की दीवार इंद्रबहादुर के ऊपर गिर गई, जिससे वह घायल हो गए।
उधर, शनिवार की रात जिले में आई आंधी व पानी से करीब 400 से गांवों की बत्ती अनिश्चितकालीन समय के लिए गुल हो गई है।
करनैलगंज, परसपुर, भंभुवा, करनैलगंज तहसील, बेलसर, बालपुर, कटराबाजार, नवाबगंज, खोरहंसा, डुमरियाडीह, इटियाथोक, खरगूपुर, धानेपुर, तरबगंज में बिजली की 11 केवी लाइनें कई जगहों से खंभे टूट जाने के कारण बंद पड़ी हैं। जिससे इन इलाकों में 10 लाख आबादी वाले 400 से ऊपर गांवों में अंधेरा छाया हुआ है।
वहीं इसी आंधी-पानी के चलते गोंडा शहर की भी बिजली शनिवार की रात 12 बजे से रविवार की दोपहर तक 12 घंटों के लिए गुल रही। जिसके फाल्ट को दोपहर 12 बजे के बाद जैसे-तैसे ठीक किया गया।
शनिवार की रात आई आंधी से अकेले परसपुर, बेलसर और नवाबगंज में करीब 500 बिजली के खंभों के टूटने से इन इलाकों की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। जबकि बेलसर 33 केवी लाइन के 11 खंभे टूटने से पूरे सब स्टेशन की बिजली गुल चल रही है।
वहीं, 11 केवी डेहरास लाइन के 100, खोरहंसा 11 केवी फीडर के 25, डुमरियाडीह के 50, बेलसर में 100 और तरबगंज में 100 और नवाबगंज में 80 बिजली के खंभे टूटकर लटक गए हैं। जबकि जिले के अन्य इलाकों में भी 500 से ऊपर बिजली के खंभों के टूटने की सूचना है।
तरबगंज के भानपुर में एक भैंस की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई, जबकि इसी गांव में दो मवेशी घायल हो गए। वहीं गांव के दस से अधिक लोगों के सीमेंटेड टीन के बने घर पूरी तरह धवस्त हो गए।
तरबगंज के गभौरा, जमथा, धनौली, भानपुर, रांगी, बनगांव सहित दर्जनों मजरों में सैकड़ों पेड़ गिर गए। सबसे ज्यादा नुकसान भानपुर के बसंत पुरवा में हुआ। जहां हनुमानदास के घर के सामने नीम के पेेड़ के नीचे बंधी उनकी भैंस दबकर मर गई। इसी गांव के राम गोपाल तिवारी की गाय व राम निहाल के घर पर बंधे बछड़ा घायल हो गया।
बरसात के साथ चल रही आंधी इतनी तेज थी कि मजरा बसंतपुर के दीनानाथ तिवारी, शीतला प्रसाद, हनुमन्त सहित दस से अधिक लोगों का टीन से छाया हुआ घर उखड़ कर तबाह हो गया।
शनिवार की रात में हुई बारिश से गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर जयनगरा के पास सड़क तालाब में तब्दील हो गई। जलभराव व वाहनों के चलते गड्ढे करीब दो-तीन फीट गहरे हो गए। जलभराव के चलते महिलाओं व पैदल राहगीरों को घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। राहगीरों की समस्याओं को देखते हुए जयनगरा गांव के ग्रामीणों ने सड़क के किनारे नालियां बनाकर पानी निकालने का प्रयास किया, लेकिन फिर भी सड़क से पानी नहीं निकल सका।