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31.16 करोड़ से 100 गावों को बाढ़ से बचाने की तैयारी
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गोंडा। जिले की दो तहसीलों में हर साल बाढ़ की तबाही से 100 गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस कारण तरबगंज व करनैलगंज में बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए बांधों को मजबूत बनाने के लिए 31 करोड़ 16 लाख की परियोजना मंजूर हुई है।
बजट से दो बांधों का मरम्मत कराने की तैयारी है। बीते सालों में बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर बांध कट चुके हैं और कई जगह बांध काफी कमजोर हो गए हैं। बांध की स्थिति से आने वाले दिनों को सरयू के तेवर को नियंत्रित करना आसान नही है। ऐसे में बांधों को मजबूत कराए जाने की जरूरत बताई जा रही है।
हर साल जून माह में तरबगंज व करनैलगंज के गांवों में बाढ़ शुरू हो जाती है। एक लाख के करीब की आबादी बाढ़ के खतरे से घिर जाती है। लोगों को बांध पर और बाढ़ केंद्रों पर शरण लेनी पड़ती है। बीते साल में बंधों के कटने और दरार आने से करनैलगंज के एक दर्जन से अधिक गांवों सीधे बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है।
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वहीं तरबगंज के भिखारीपुर-सकरौर तटबंध में भी कटान होने से आधा दर्जन गावों पर बाढ़ का संकट बना है। भले ही संकट जून में आने की संभावना है लेकिन बाढ़ की त्रासदी पर अंकुश के लिए अभी से योजना पर अमल शुरू हो गया है। दोनो तहसीलों के बांधों के मरम्मत के लिए 31 करोड़ 16 लाख के बजट की स्वीकृति मिली है। जिसके आवंटन की उम्मीद पर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे बाढ़ के खतरे से पहले तैयारी पूरी कर ली जाए।
करनैलगंज के एल्गिन से चरसड़ी तटबंध को भी विकास का इंतजार है। यहां के तीन स्थानों पर मरम्मत की योजना मंजूर हुई है। जिसमें इस बांध के किमी 0.250 पर स्पर का निर्माण होना है।
इसके लिए दो करोड़ 87 लाख रूपए का बजट तय हुआ है। इसी बांध पर किमी 0.340 पर स्पर के निर्माण के लिए तीन करोड़ 13 लाख तथा 0. 450 पर स्पर का निर्माण कार्य भी जरूरी है। इसके लिए तीन करोड़ 22 लाख रूपए खर्च होंगे। सिंचाई एंव बाढ़ खंड कार्य ने इनके निर्माण की कवायद शुरू कर दी है।
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बजट से दो बांधों का मरम्मत कराने की तैयारी है। बीते सालों में बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर बांध कट चुके हैं और कई जगह बांध काफी कमजोर हो गए हैं। बांध की स्थिति से आने वाले दिनों को सरयू के तेवर को नियंत्रित करना आसान नही है। ऐसे में बांधों को मजबूत कराए जाने की जरूरत बताई जा रही है।
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हर साल जून माह में तरबगंज व करनैलगंज के गांवों में बाढ़ शुरू हो जाती है। एक लाख के करीब की आबादी बाढ़ के खतरे से घिर जाती है। लोगों को बांध पर और बाढ़ केंद्रों पर शरण लेनी पड़ती है। बीते साल में बंधों के कटने और दरार आने से करनैलगंज के एक दर्जन से अधिक गांवों सीधे बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है।
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वहीं तरबगंज के भिखारीपुर-सकरौर तटबंध में भी कटान होने से आधा दर्जन गावों पर बाढ़ का संकट बना है। भले ही संकट जून में आने की संभावना है लेकिन बाढ़ की त्रासदी पर अंकुश के लिए अभी से योजना पर अमल शुरू हो गया है। दोनो तहसीलों के बांधों के मरम्मत के लिए 31 करोड़ 16 लाख के बजट की स्वीकृति मिली है। जिसके आवंटन की उम्मीद पर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिससे बाढ़ के खतरे से पहले तैयारी पूरी कर ली जाए।
करनैलगंज के एल्गिन से चरसड़ी तटबंध को भी विकास का इंतजार है। यहां के तीन स्थानों पर मरम्मत की योजना मंजूर हुई है। जिसमें इस बांध के किमी 0.250 पर स्पर का निर्माण होना है।
इसके लिए दो करोड़ 87 लाख रूपए का बजट तय हुआ है। इसी बांध पर किमी 0.340 पर स्पर के निर्माण के लिए तीन करोड़ 13 लाख तथा 0. 450 पर स्पर का निर्माण कार्य भी जरूरी है। इसके लिए तीन करोड़ 22 लाख रूपए खर्च होंगे। सिंचाई एंव बाढ़ खंड कार्य ने इनके निर्माण की कवायद शुरू कर दी है।