{"_id":"57755a0b4f1c1b747179a9f7","slug":"30-children-vulnerable-to-colra","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया की चपेट में 30 बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया की चपेट में 30 बच्चे
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Thu, 30 Jun 2016 11:12 PM IST
विज्ञापन
डायरिया से पीड़ित बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के गोपियापुर तथा बल्लीडीह गांव में दो दिनों से डायरिया का प्रकोप है। गांव में करीब 30 बच्चे डायरिया की चपेट में हैं। गंभीर रूप से बीमार छह बच्चों को 108 नंबर एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमारी की रोकथाम में जुटी हुई है।
गुरुवार को गोपियापुर व बल्लीडीह गांव निवासी ग्राम प्रधान साबित अली, ननके, पप्पू और सत्यप्रकाश आदि ने बताया कि बीते मंगलवार की शाम से गांव में अचानक उल्टी दस्त (डायरिया) का प्रकोप शुरू हो गया। इससे गांव में 48 घंटे के अंदर अली रजा, रोजीना बानो, हफीजुनिशा, जीशान, शाहबाज, आसमा, रेहाना, सफीकुन्निशा, खजुरा तथा संध्या सहित करीब 30 बच्चे डायरिया की चपेट में आ गए।
ग्रामीणों की सूचना पर डॉक्टर जयंत चौधरी के नेतृत्व में बुधवार शाम पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गंभीर रूप से बीमार अली रजा, रोजीना बानो, हफीजुनिशा, संध्या, खजुरा व सफीकुन्निशा को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय भेजा।
विज्ञापन
गांव में लोगों को क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही है। टीम लोगों को पानी उबाल कर पीने की सलाह दे रही है। गांव में लोगों से किचन तथा घर के आसपास साफ सफाई करने की अपील की जा रही है।
अस्पताल में डायरिया से पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि गोपियापुर तथा बल्लीडीह गांव में डायरिया का प्रकोप दूषित पानी के इस्तेेमाल से हुआ है। लोगों को साफ पानी पीने की सलाह दी जा रही है। शीघ्र ही बीमारी पर काबू पा लिया जाएगा।
सीएमओ बलरामपुर डॉ. आशुुुतोष गुप्ता ने कहा कि गोपियापुर तथा बल्लीडीह गांव में डायरिया की रोकथाम के लिए टीम लगाई गई है। पीड़ितों के इलाज के साथ-साथ लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की भी सलाह दी जा रही है। शीघ्र ही इस बीमारी पर अंकुश पा लिया जाएगा।
विज्ञापन
गुरुवार को गोपियापुर व बल्लीडीह गांव निवासी ग्राम प्रधान साबित अली, ननके, पप्पू और सत्यप्रकाश आदि ने बताया कि बीते मंगलवार की शाम से गांव में अचानक उल्टी दस्त (डायरिया) का प्रकोप शुरू हो गया। इससे गांव में 48 घंटे के अंदर अली रजा, रोजीना बानो, हफीजुनिशा, जीशान, शाहबाज, आसमा, रेहाना, सफीकुन्निशा, खजुरा तथा संध्या सहित करीब 30 बच्चे डायरिया की चपेट में आ गए।
विज्ञापन
ग्रामीणों की सूचना पर डॉक्टर जयंत चौधरी के नेतृत्व में बुधवार शाम पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गंभीर रूप से बीमार अली रजा, रोजीना बानो, हफीजुनिशा, संध्या, खजुरा व सफीकुन्निशा को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय भेजा।
विज्ञापन
गांव में लोगों को क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही है। टीम लोगों को पानी उबाल कर पीने की सलाह दे रही है। गांव में लोगों से किचन तथा घर के आसपास साफ सफाई करने की अपील की जा रही है।
अस्पताल में डायरिया से पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि गोपियापुर तथा बल्लीडीह गांव में डायरिया का प्रकोप दूषित पानी के इस्तेेमाल से हुआ है। लोगों को साफ पानी पीने की सलाह दी जा रही है। शीघ्र ही बीमारी पर काबू पा लिया जाएगा।
सीएमओ बलरामपुर डॉ. आशुुुतोष गुप्ता ने कहा कि गोपियापुर तथा बल्लीडीह गांव में डायरिया की रोकथाम के लिए टीम लगाई गई है। पीड़ितों के इलाज के साथ-साथ लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की भी सलाह दी जा रही है। शीघ्र ही इस बीमारी पर अंकुश पा लिया जाएगा।