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ईद-उल-अजहा पर अमनोचैन के लिए दुआ को उठे हाथ
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:16 AM IST
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गोंडा। जिले भर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्यौहार बुधवार को जोश-खरोस के साथ मनाया गया। गोंडा शहर के ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज सुबह 9:30 बजे पढ़ाई गई। इसके अलावा अन्य अलग-अलग ईदगाहों व मस्जिदों में भी ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की गई।
नमाज के दौरान हजारों लोगों ने मुल्क में अमन-चैन कायम रहे, इसके लिए दुआ की। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर बधाई दी। उन्होंने सुबह अपने घरों पर सेवईं का इंतजाम किया और खिलाकर खुशी का इजहार किया। बकरीद को लेकर जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व उनके बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की याद में ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाया जाता है। इसी दिन मदीना व काबा जाने वाले हज यात्रियों का हज पूरा होता है।
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रूअते हिलाल कमेटी के मेंबर कारी इरशाद हशमती ने बताया कि मुस्लिम समुदाय में पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की ओर से अपने बेटे हजरते इस्माइल अलैहिस्सलाम की खुदा के हुक्म पर कुर्बानी किये जाने के स्थान पर एक दुंबा भेड़ की कुर्बानी हो जाने की याद में ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाया गया।
नमाज अदा किये जाने के बाद लोगों ने पैगंबर की सुन्नत को अदा करने के लिए खुदा के नाम पर बकरों की कुर्बानी दी। ईद की तरह ईद-उल-अजहा के दिन भी खुदा की इबादत के लिए ईदगाहों व मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई।
वहीं, जिले भर में बकरीद को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने सतर्कता बरती, जिससे पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल में बकरीद मनाई गई। एडीएम व एएसपी पूरे समय ईदगाह पर पुलिस व पीएसी के साथ निगरानी करते रहे।
नगर के मोहल्ला रकाबगंज में स्थित शिया इमामबाड़ा में ईद-उल-अजहा की नमाज सुबह 10 बजे पढ़ी गई। शिया अंजुमन इमामबाड़ा हुसैनिया के सदर डॉ. सैयद आजम हुसैन आब्दी ने बताया कि शिया इमामबाड़ा में नमाज पढ़ाई गई।
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नमाज के दौरान हजारों लोगों ने मुल्क में अमन-चैन कायम रहे, इसके लिए दुआ की। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर बधाई दी। उन्होंने सुबह अपने घरों पर सेवईं का इंतजाम किया और खिलाकर खुशी का इजहार किया। बकरीद को लेकर जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
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पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व उनके बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की याद में ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाया जाता है। इसी दिन मदीना व काबा जाने वाले हज यात्रियों का हज पूरा होता है।
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रूअते हिलाल कमेटी के मेंबर कारी इरशाद हशमती ने बताया कि मुस्लिम समुदाय में पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की ओर से अपने बेटे हजरते इस्माइल अलैहिस्सलाम की खुदा के हुक्म पर कुर्बानी किये जाने के स्थान पर एक दुंबा भेड़ की कुर्बानी हो जाने की याद में ईद-उल-अजहा का त्यौहार मनाया गया।
नमाज अदा किये जाने के बाद लोगों ने पैगंबर की सुन्नत को अदा करने के लिए खुदा के नाम पर बकरों की कुर्बानी दी। ईद की तरह ईद-उल-अजहा के दिन भी खुदा की इबादत के लिए ईदगाहों व मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई।
वहीं, जिले भर में बकरीद को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने सतर्कता बरती, जिससे पूरे जिले में शांतिपूर्ण माहौल में बकरीद मनाई गई। एडीएम व एएसपी पूरे समय ईदगाह पर पुलिस व पीएसी के साथ निगरानी करते रहे।
नगर के मोहल्ला रकाबगंज में स्थित शिया इमामबाड़ा में ईद-उल-अजहा की नमाज सुबह 10 बजे पढ़ी गई। शिया अंजुमन इमामबाड़ा हुसैनिया के सदर डॉ. सैयद आजम हुसैन आब्दी ने बताया कि शिया इमामबाड़ा में नमाज पढ़ाई गई।