{"_id":"686eafd0f05f7af7d90049cc","slug":"188-pregnant-women-were-examined-on-safe-motherhood-day-gonda-news-c-100-1-gon1001-140552-2025-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: सुरक्षित मातृत्व दिवस पर 188 गर्भवतियों की हुई जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: सुरक्षित मातृत्व दिवस पर 188 गर्भवतियों की हुई जांच
Wed, 09 Jul 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 09 Jul 2025 11:37 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत जिलेभर में 188 गर्भवती के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रसव पूर्व जांच हुई। इसमें खून की कमी व अन्य कारणों से होने वाली हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवतियों को चिह्नित किया गया। ऐसी महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की विशेष निगरानी व सतर्कता बरतने का सुझाव दिया गया।
बुधवार को जिला महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत विशेष जांच शिविर लगा। महिला अस्पताल में इस अभियान की शुरुआत एडी स्वास्थ्य डॉ. अल्पना रानी गुप्ता, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा व सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने गर्भवती महिलाओं को फल देकर की। इस दौरान 38 गर्भवतियों की प्रसव पूर्व देखभाल से जुड़ी जांच की गई। इसमें छह महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में चिह्नित हुई।
शिविर में आई महिलाओं को परिवार नियोजन सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी गयी। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपिका सेठ ने बताया कि शिविर में आईं गर्भवतियों की प्रसव पूर्व से जुड़ी यूरिन, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफलिस, हीमोग्लोबिन व पेट से जुड़ी अन्य जरूरी मेडिकल जांच कर उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सीएमएस ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए यह दिवस प्रत्येक माह की चार बार मनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को जिला महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत विशेष जांच शिविर लगा। महिला अस्पताल में इस अभियान की शुरुआत एडी स्वास्थ्य डॉ. अल्पना रानी गुप्ता, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा व सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह ने गर्भवती महिलाओं को फल देकर की। इस दौरान 38 गर्भवतियों की प्रसव पूर्व देखभाल से जुड़ी जांच की गई। इसमें छह महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में चिह्नित हुई।
विज्ञापन
शिविर में आई महिलाओं को परिवार नियोजन सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी गयी। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपिका सेठ ने बताया कि शिविर में आईं गर्भवतियों की प्रसव पूर्व से जुड़ी यूरिन, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफलिस, हीमोग्लोबिन व पेट से जुड़ी अन्य जरूरी मेडिकल जांच कर उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सीएमएस ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए यह दिवस प्रत्येक माह की चार बार मनाया जाता है।
विज्ञापन