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Gonda News: 18 आयुष्मान मित्रों की नौकरी पर मंडराया खतरा
Mon, 09 Oct 2023 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 09 Oct 2023 11:56 PM IST
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गोंडा। मिशन आयुष्मान भव: के तहत दिन-रात मेहनत कर जिले को प्रदेश की टॉप रैंकिंग तक पहुंचाने वाले आयुष्मान मित्रों की नौकरी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सेवा प्रदाता एजेंसी ने 18 आयुष्मान मित्रों से काम नहीं लेने का फरमान जारी किया है। जबकि तीन महीने पहले ही सीएमओ ने साक्षात्कार लेकर इन स्वास्थ्यकर्मियों को नियुक्ति दी थी।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 12 लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाकर उन्हें मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज व महिला अस्पताल के अलावा 16 सीएचसी पर एक-एक आयुष्मान मित्र की भर्ती की गई थी। लाभार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण विगत जुलाई महीने में सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने प्रत्येक अस्पताल के लिए एक-एक और आयुष्मान मित्र की नियुक्ति साक्षात्कार के तहत कर दी। कुल 36 आयुष्मान मित्रों से सेवा प्रदाता एजेंसी सीएलसी के माध्यम से कार्य लिया जा रहा था।
अगस्त महीने में राज्य सरकार ने सेवा प्रदाता एजेंसी राइटर इंफार्मेशन प्राइवेट लिमिटेड को पूरे प्रदेश का काम सौंप दिया। जिस पर नई एजेंसी ने जिले में सिर्फ 18 आयुष्मान मित्रों से ही काम लेने का फरमान जारी कर दिया। ऐसे में नए 18 आयुष्मान मित्रों की नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगा। हालांकि, अभी तक इनसे कार्य लिया जा रहा है।
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आयुष्मान भव: अभियान के तहत गोल्डन कार्ड बनाने में जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था। आयुष्मान मित्र व पंचायत सहायकों की ओर से दिन-रात दो पालियों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। 17 सितंबर से लेकर नौ अक्तूबर तक दो लाख 21 हजार लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाकर प्रदेश की रैंकिंग में स्थान बनाया। मगर अब इन आयुष्मान मित्रों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
जिला सूचना प्रबंधक आयुष्मान भारत अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि सभी आयुष्मान मित्र व पंचायत सहायक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। एजेंसी की ओर से 18 आयुष्मान मित्रों से सेवा न लेने के फरमान जारी होने के बाद उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर इनकी उपयोगिता के बारे में अवगत कराया गया। यदि एजेंसी की अनुमति मिल जाएगी तो इन कर्मियों को सेवा से नहीं हटाया जाएगा।
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प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 12 लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाकर उन्हें मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए मेडिकल कॉलेज व महिला अस्पताल के अलावा 16 सीएचसी पर एक-एक आयुष्मान मित्र की भर्ती की गई थी। लाभार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण विगत जुलाई महीने में सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने प्रत्येक अस्पताल के लिए एक-एक और आयुष्मान मित्र की नियुक्ति साक्षात्कार के तहत कर दी। कुल 36 आयुष्मान मित्रों से सेवा प्रदाता एजेंसी सीएलसी के माध्यम से कार्य लिया जा रहा था।
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अगस्त महीने में राज्य सरकार ने सेवा प्रदाता एजेंसी राइटर इंफार्मेशन प्राइवेट लिमिटेड को पूरे प्रदेश का काम सौंप दिया। जिस पर नई एजेंसी ने जिले में सिर्फ 18 आयुष्मान मित्रों से ही काम लेने का फरमान जारी कर दिया। ऐसे में नए 18 आयुष्मान मित्रों की नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगा। हालांकि, अभी तक इनसे कार्य लिया जा रहा है।
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आयुष्मान भव: अभियान के तहत गोल्डन कार्ड बनाने में जिले को प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था। आयुष्मान मित्र व पंचायत सहायकों की ओर से दिन-रात दो पालियों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। 17 सितंबर से लेकर नौ अक्तूबर तक दो लाख 21 हजार लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाकर प्रदेश की रैंकिंग में स्थान बनाया। मगर अब इन आयुष्मान मित्रों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
जिला सूचना प्रबंधक आयुष्मान भारत अंकित श्रीवास्तव ने बताया कि सभी आयुष्मान मित्र व पंचायत सहायक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। एजेंसी की ओर से 18 आयुष्मान मित्रों से सेवा न लेने के फरमान जारी होने के बाद उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर इनकी उपयोगिता के बारे में अवगत कराया गया। यदि एजेंसी की अनुमति मिल जाएगी तो इन कर्मियों को सेवा से नहीं हटाया जाएगा।