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शादी की खुशियां मातम में तब्दील
Updated Tue, 06 Jun 2017 03:20 AM IST
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शादी की खुशियां मातम में तब्दील
बरेली हादसे में बेलवा नोहर के 6 लोगों की जिंदा जलने से मौत
परिवार वालों ने बरेली पहुंचककर शव देखने के बाद की पुष्टि
अरुण कुमार मिश्र/भोलानाथ मिश्र
गोंडा। बरेली में रविवार की आधी रात शहजहांपुर मोड़ के पास हुए भीषण हादसे में मरने वाले 22 लोगों में 6 लोगों की शिनाख्त हो गई है। ये सभी एक ही गांव के हैं। इसमें एक परिवार के चार तथा एक परिवार के दो लोग जिंदा जले हैं। यह सभी कोतवाली देहात के बेलवानोहर गांव के हैं। बरेली हादसे में घायल बेलवा नोहर गांव के रहने वाले सोनू उर्फ रामधन सिंह राणा के साथ दिल्ली से उसी घटनाग्रस्त बस से आ रहे थे, जिनकी हादसे में मौत हो गई। बताते हैं कि यह सारे लोग सोनू की बहन पूनम की 7 जून को होने वाली शादी में शामिल होने के लिए आ रहे थे। रविवार की रात बरेली में हुए हादसे की खबर पता चलते ही पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
रविवार की रात बरेली में हुए बस हादसे का पता चलने के बाद वहां पहुंचे रामपाल ने बताया कि दिल्ली से उनके चाचा उमाशंकर और उनका पूरा परिवार इसी बस पर सवार होकर आ रहा था। जबकि इसी बस पर इसी गांव की मायादेवी व उनका 14 साल का बेटा भी था। जो शहजहांपुर मोड़ के पास हुए बस हादसे में मारे गए। रामपाल के मुताबिक बस में उमाशंकर (50) के अलावा उनकी पत्नी कलावती (48), उनका बेटा दीपक (14) व बेटी निशा (18) के साथ ही मायादेवी (35) पत्नी स्वर्गीय फूलचन्द्र के अलावा उनका बेटा हरीश बस हादसे में मारे गए। जिसकी पुष्टि रामपाल ने बरेली में शवों की शिनाख्त किए जाने के बाद की है। रामपाल के मुताबिक उमाशंकर के परिवार में अब केवल उनकी एक बेटी लीलावती ही बची है। जिसकी शादी नवाबगंज के मंहगूपुर में हुई है। वहीं मायादवी के पति की मौत काफी पहले हो चुकी थी। जबकि हादसे में मायादेवी के साथ ही उसका बेटा भी मारा गया। अब मायादेवी के परिवार में केवल दो बेटे आशाषी (18) व मनीष (14) ही रह गए हैं।
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बरेली हादसे में बेलवा नोहर के 6 लोगों की जिंदा जलने से मौत
परिवार वालों ने बरेली पहुंचककर शव देखने के बाद की पुष्टि
अरुण कुमार मिश्र/भोलानाथ मिश्र
गोंडा। बरेली में रविवार की आधी रात शहजहांपुर मोड़ के पास हुए भीषण हादसे में मरने वाले 22 लोगों में 6 लोगों की शिनाख्त हो गई है। ये सभी एक ही गांव के हैं। इसमें एक परिवार के चार तथा एक परिवार के दो लोग जिंदा जले हैं। यह सभी कोतवाली देहात के बेलवानोहर गांव के हैं। बरेली हादसे में घायल बेलवा नोहर गांव के रहने वाले सोनू उर्फ रामधन सिंह राणा के साथ दिल्ली से उसी घटनाग्रस्त बस से आ रहे थे, जिनकी हादसे में मौत हो गई। बताते हैं कि यह सारे लोग सोनू की बहन पूनम की 7 जून को होने वाली शादी में शामिल होने के लिए आ रहे थे। रविवार की रात बरेली में हुए हादसे की खबर पता चलते ही पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
रविवार की रात बरेली में हुए बस हादसे का पता चलने के बाद वहां पहुंचे रामपाल ने बताया कि दिल्ली से उनके चाचा उमाशंकर और उनका पूरा परिवार इसी बस पर सवार होकर आ रहा था। जबकि इसी बस पर इसी गांव की मायादेवी व उनका 14 साल का बेटा भी था। जो शहजहांपुर मोड़ के पास हुए बस हादसे में मारे गए। रामपाल के मुताबिक बस में उमाशंकर (50) के अलावा उनकी पत्नी कलावती (48), उनका बेटा दीपक (14) व बेटी निशा (18) के साथ ही मायादेवी (35) पत्नी स्वर्गीय फूलचन्द्र के अलावा उनका बेटा हरीश बस हादसे में मारे गए। जिसकी पुष्टि रामपाल ने बरेली में शवों की शिनाख्त किए जाने के बाद की है। रामपाल के मुताबिक उमाशंकर के परिवार में अब केवल उनकी एक बेटी लीलावती ही बची है। जिसकी शादी नवाबगंज के मंहगूपुर में हुई है। वहीं मायादवी के पति की मौत काफी पहले हो चुकी थी। जबकि हादसे में मायादेवी के साथ ही उसका बेटा भी मारा गया। अब मायादेवी के परिवार में केवल दो बेटे आशाषी (18) व मनीष (14) ही रह गए हैं।
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