फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   73 लाख खर्च फिर भी घट गए 12 हजार छात्र

73 लाख खर्च फिर भी घट गए 12 हजार छात्र

Mon, 24 Jul 2017 12:19 AM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:19 AM IST
विज्ञापन
73 लाख खर्च फिर भी घट गए 12 हजार छात्र
73 लाख खर्च करने पर भी घटे 12 हजार छात्र
विज्ञापन

परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने की कवायद फेल
उमानाथ तिवारी
गोंडा। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की नामांकन को बढ़ाने व स्कूलों में उनके ठहराव को लेकर शासन लाख जतन कर रहा हो लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर इस प्रयास पर पानी फेर रहे है। पिछले शैक्षिक वर्ष में नामांकन व ठहराव को लेकर विभाग ने स्कूल चलो रैली से लेकर आरटीई मेला व उपस्थिति अभियान के नाम पर 73 लाख रुपये खर्च कर दिए लेकिन स्कूलों में छात्र संख्या नहीं बढ़ सकी। विभाग का शत प्रतिशत बच्चों के स्कूलों में नामांकन का दावा फेल हो गया और शैक्षिक सत्र 2015-16 के मुकाबले सत्र 2016-17 में इन स्कूलों से 11809 हजार छात्र घट गए।
जिले के परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2015-16 में कुल 342176 बच्चों ने नामांकन कराया था। इस नामांकन को बढ़ाने के लिए शैक्षिक सत्र 2016-17 में शासन ने स्कूल चलो रैली से लेकर उपस्थिति अभियान आरटीई मेेले जैसे कार्यक्रमों के लिए खूब पैसा बहाया। स्कूलों में नामांकन बढ़ाने को पिछले शैक्षिक सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग को शासन ने स्कूल चलो अभियान के प्रथम चरण के तहत रैली के आयोजन के लिए 20 लाख रुपये का आवंटन किया था। इस धनराशि से स्कूलों में जागरुकता रैली के साथ विद्यालयों में नामांकन पखवाड़ा व प्रवेश उत्सव जैसे कार्यक्रम 15 जुलाई तक होने थे। नामांकन के बाद स्कूलों में बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए उपस्थिति अभियान का संचालन किया जाना था। 15 सिंतबर से 20 अक्तूबर व 7 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान के लिए 43.66 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। इसमें प्रत्येक ब्लाक को 40 हजार,न्याय पंचायत संसाधन केंद्र को दो हजार व प्रत्येक स्कूल को एक एक हजार रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। जनपद स्तर पर भी 1.85 लाख रुपये की लागत से कार्यक्रम होना था। इसके अलावा आरटीई मेेले के आयोजरन के लिए भी 9 लाख रुपये का आवंटन किया था लेकिन विभाग के अफसरों ने मिलीभगत कर कागजों पर इन योजनाओं का संचालन करा दिया जिससे स्कूलों में छात्रों की संख्या बढने के बजाय घट गई और वर्ष 2015-16 के मुकाबले वर्ष 2016-17 में 330367 छात्र छात्राओं का ही नामांकन हो सका। इस तरह नामांकन व उपस्थिति बढ़ाने के नाम पर 73 लाख रुपये की धनराशि खर्च होने के बावजूद सरकारी स्कूलों से 11809 छात्र कम हो गए।
विज्ञापन

वर्जन
परिषदीय स्कूलों में बच्चों का नामांक न बढ़ाने को लेकर स्कूल चलो रैली व अन्य जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है और लोगों से अपने बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूल में कराने की अपील की जा रही है। जागरूकता के चलते इस बार स्कूलों में नामांकन बढ़ रहा है। पिछले शैक्षिक सत्र में अगर छात्र संख्या कम हुई है तो इसकी समीक्षा की जायेगी और इस बार उसमें सुधार का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-संतोष कुमार देव पांडेय, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed