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इंस्पायर अवार्ड से बाल वैज्ञानिकों के सपनों को मिलेगी उड़ान
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गोंडा। माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों में विज्ञान शिक्षा के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रायोजित इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम की प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दी गई है। अब छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के तौर पर दस हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। पहले पांच हजार रुपये मिलते थे। जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि विज्ञान के छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार की इंस्पायर अवार्ड से मदद दी जाती है। इसके लिए 31 जुलाई तक आवेदन करने हैं।
सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने से छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होने पर छात्र-छात्राओं को बीस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे। पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा अब राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर एनआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गाइड मॉडल बनाने में छात्र-छात्राओं की सहायता करेंगे। इंस्पायर अवार्ड मानक के तहत अब शर्त यह रहेगी कि स्कूलों का चयन नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन अहमदाबाद की ओर से किया जाएगा। स्कूल प्रशासन की ओर से चयनित होने के लिए नामिनेशन भरना होगा।
इस बार तीन सौ बच्चे करेंगे प्रतिभाग
जिले में 400 के करीब हाईस्कूल व इंटर कॉलेज हैं, लेकिन आवेदन करने में 100 से अधिक स्कूलों ने रुचि नहीं दिखाई। इस बार विभाग का जोर है। हर स्कूल से बच्चे शामिल हों और प्रतिभाग करें। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाएं। डीआईओएस ने बताया कि सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जिले स्तर पर माडल के लिए दस हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के लिए चुने जाने पर बीस हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चुने जाने पर 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इससे बाल वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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ऐसे करें इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत स्कूल प्रशासन को पहले ऑनलाइन नामिनेशन भरना पड़ता है। इसके बाद चयनित स्कूल जिला स्तरीय मॉडल प्रदर्शनी में विज्ञान से जुड़े मॉडलों को प्रदर्शित करते हैं। जिला स्तरीय प्रतियोगिता के बाद राज्य स्तर के लिए चयन होता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के बाद दस प्रतिशत छात्र-छात्राओं का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए होता है।
इस बार भी बनेगा रिकॉर्ड
बीते शैक्षिक सत्र में इंस्पायर अवार्ड में मेधावियों के प्रतिभाग में गोंडा जनपद दूसरे स्थान पर था। विज्ञान के लिए मॉडल तैयार करने और स्कूलों में गतिविधियों के आयोजन में जिले के छात्रों ने रिकॉर्ड बनाया है, इस बार भी कोशिश है कि अधिक से अधिक बच्चों को प्रतिभाग कराया जाए। -अनूप कुमार, डीआईओएस
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सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने से छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर शामिल होने के लिए आगे आ रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होने पर छात्र-छात्राओं को बीस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे। पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा अब राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर एनआईटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गाइड मॉडल बनाने में छात्र-छात्राओं की सहायता करेंगे। इंस्पायर अवार्ड मानक के तहत अब शर्त यह रहेगी कि स्कूलों का चयन नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन अहमदाबाद की ओर से किया जाएगा। स्कूल प्रशासन की ओर से चयनित होने के लिए नामिनेशन भरना होगा।
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इस बार तीन सौ बच्चे करेंगे प्रतिभाग
जिले में 400 के करीब हाईस्कूल व इंटर कॉलेज हैं, लेकिन आवेदन करने में 100 से अधिक स्कूलों ने रुचि नहीं दिखाई। इस बार विभाग का जोर है। हर स्कूल से बच्चे शामिल हों और प्रतिभाग करें। जिला स्तरीय प्रदर्शनी में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाएं। डीआईओएस ने बताया कि सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जिले स्तर पर माडल के लिए दस हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर के लिए चुने जाने पर बीस हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चुने जाने पर 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इससे बाल वैज्ञानिकों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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ऐसे करें इंस्पायर अवार्ड के लिए आवेदन
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के अंतर्गत स्कूल प्रशासन को पहले ऑनलाइन नामिनेशन भरना पड़ता है। इसके बाद चयनित स्कूल जिला स्तरीय मॉडल प्रदर्शनी में विज्ञान से जुड़े मॉडलों को प्रदर्शित करते हैं। जिला स्तरीय प्रतियोगिता के बाद राज्य स्तर के लिए चयन होता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के बाद दस प्रतिशत छात्र-छात्राओं का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए होता है।
इस बार भी बनेगा रिकॉर्ड
बीते शैक्षिक सत्र में इंस्पायर अवार्ड में मेधावियों के प्रतिभाग में गोंडा जनपद दूसरे स्थान पर था। विज्ञान के लिए मॉडल तैयार करने और स्कूलों में गतिविधियों के आयोजन में जिले के छात्रों ने रिकॉर्ड बनाया है, इस बार भी कोशिश है कि अधिक से अधिक बच्चों को प्रतिभाग कराया जाए। -अनूप कुमार, डीआईओएस