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अब तो नदियों के किनारे अंतिम संस्कार भी मयस्सर नहीं
Updated Fri, 18 Aug 2017 10:48 PM IST
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नदियों के किनारे अंतिम संस्कार भी मयस्सर नहीं
अंत्येष्टि स्थलों पर जलभराव होने के कारण किसी ऊंचे स्थान पर करते हैं अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। घाघरा व सरयू में आई बाढ़ से जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। लोग राशन, पानी, पशु चारा व अन्य संसाधनों के लिए पहले से जूझ रहे हैं लेकिन यदि इस दौरान किसी की मृत्यु हो जाए तो उसका अंतिम संस्कार करना भी मुश्किल हो गया है। जिले में टेढ़ी नदी व सरयू नदी के किनारे बने अंत्येष्टि स्थल व निर्धारित स्थलों पर अंतिम संस्कार करते हैं लेकिन पिछले एक सप्ताह से सरयू की विनाश लीला के कारण सरयू नदी का पानी टेढ़ी नदी में आ जाने से टेढ़ी भी उफान पर आ गई है। जिससे अंत्येष्टि स्थल सहित खेत व गांव भी जलमग्र हो गए हैं।
सीन-1
भौरीगंज का अंत्येष्टि स्थल पानी से घिरा
परसपुर। भीषण बाढ़ के कारण अब लोगों को तमाम तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। और तो और बाढ़ के चलते लोगों को शवों के अंतिम संस्कार में भी आम लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भौरीगंज स्थित सरयू नदी के मुहाने पर बना अंतेष्टि स्थल के चारों तरफ पानी भर जाने से अब यहां अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों को शवों के दाह संस्कार में भी अब काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पहले जब बाढ़ नहीं थी और घाट पर कई शव आ जाते थे तो लोग सरयू नदी के तट पर ही दाह संस्कार कर देते थे। भौरीगंज मंदिर के महंत गोकरनदास फलाहारी बाबा बताते हैं कि चारों तरफ बाढ़ का पानी भर जाने से अब लोगों को शवों के दाह संस्कार में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर हो लोग या तो बंधे के रास्ते पर अंतिम संस्कार कर देते हैं या फिर सरयू जी में शव का प्रवाह कर देते हैं।
सीन-2
पटपरगंज का अंत्येष्टि स्थल बाढ़ में डूबा
नवाबगंज इलाके में टेढ़ी नदी निकल कर अयोध्या में सरयू से मिलती है। यहां तुलसीपुर माझा, महंगूपुर, बखिरा, नकहरा, जैतपुर, पटपर गंज, गोकुला के लोग शवों का अंतिम संस्कार टेढ़ी नदी या फिर सरयू स्थित शमसान घाट पर करते रहे। सरयू का पानी टेढ़ी नदी में आ जाने से उपरोक्त गांव भी पानी से घिर गए हैं। यहां अंतिम संस्कार करने के लिए जगह तक नहीं बची है। पूरा क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब चुका है। पटपरगंज व महंगूपुर में टेढ़ी नदी से लेकर गांव के किनारे तक करीब दो किलोमीटर एरिया पूरी तरह जलमग्न है। यहां के लोग अयोध्या में सरयू के इस पार गोंडा क्षेत्र में भी अंतिम संस्कार करते हैं लेकिन इस समय यहां भी जलभराव की स्थिति है।
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इनसेट
घाघरा के किनारे नहीं होता अंतिम संस्कार
जिले में करनैलगंज क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके के गांवों में किसी की मृत्यु हो जाने पर उनका अंतिम संस्कार करनैलगंज स्थित सरयू के कटरा घाट व कटरा शहबाजपुर में बने अंत्येष्टि स्थल पर करते हैं। लेकिन इन दोनों स्थानों पर जल भराव नहीं है। लेकिन जिस तरह पानी करनैलगंज की ओर बढ़ रहा है उससे ये स्थान भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
वर्जन
जिले में अभी तक किसी व्यक्ति के मरने के बाद जल प्रवाह की सूचना नहीं है। यदि कोई जल प्रवाह करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सरयू व टेढ़ी नदी के किनारे बने अंत्येष्टि स्थलों पर अभी पानी नहीं भरा है। भौरीगंज में जल भराव है लेकिन अंत्येष्टि स्थल से ऊपर की जमीन खाली है और जलभराव भी नहीं है।
जेबी सिंह, जिलाधिकारी
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अंत्येष्टि स्थलों पर जलभराव होने के कारण किसी ऊंचे स्थान पर करते हैं अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। घाघरा व सरयू में आई बाढ़ से जल प्रलय की स्थिति पैदा हो गई है। लोग राशन, पानी, पशु चारा व अन्य संसाधनों के लिए पहले से जूझ रहे हैं लेकिन यदि इस दौरान किसी की मृत्यु हो जाए तो उसका अंतिम संस्कार करना भी मुश्किल हो गया है। जिले में टेढ़ी नदी व सरयू नदी के किनारे बने अंत्येष्टि स्थल व निर्धारित स्थलों पर अंतिम संस्कार करते हैं लेकिन पिछले एक सप्ताह से सरयू की विनाश लीला के कारण सरयू नदी का पानी टेढ़ी नदी में आ जाने से टेढ़ी भी उफान पर आ गई है। जिससे अंत्येष्टि स्थल सहित खेत व गांव भी जलमग्र हो गए हैं।
सीन-1
भौरीगंज का अंत्येष्टि स्थल पानी से घिरा
परसपुर। भीषण बाढ़ के कारण अब लोगों को तमाम तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। और तो और बाढ़ के चलते लोगों को शवों के अंतिम संस्कार में भी आम लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भौरीगंज स्थित सरयू नदी के मुहाने पर बना अंतेष्टि स्थल के चारों तरफ पानी भर जाने से अब यहां अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों को शवों के दाह संस्कार में भी अब काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पहले जब बाढ़ नहीं थी और घाट पर कई शव आ जाते थे तो लोग सरयू नदी के तट पर ही दाह संस्कार कर देते थे। भौरीगंज मंदिर के महंत गोकरनदास फलाहारी बाबा बताते हैं कि चारों तरफ बाढ़ का पानी भर जाने से अब लोगों को शवों के दाह संस्कार में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर हो लोग या तो बंधे के रास्ते पर अंतिम संस्कार कर देते हैं या फिर सरयू जी में शव का प्रवाह कर देते हैं।
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पटपरगंज का अंत्येष्टि स्थल बाढ़ में डूबा
नवाबगंज इलाके में टेढ़ी नदी निकल कर अयोध्या में सरयू से मिलती है। यहां तुलसीपुर माझा, महंगूपुर, बखिरा, नकहरा, जैतपुर, पटपर गंज, गोकुला के लोग शवों का अंतिम संस्कार टेढ़ी नदी या फिर सरयू स्थित शमसान घाट पर करते रहे। सरयू का पानी टेढ़ी नदी में आ जाने से उपरोक्त गांव भी पानी से घिर गए हैं। यहां अंतिम संस्कार करने के लिए जगह तक नहीं बची है। पूरा क्षेत्र बाढ़ के पानी में डूब चुका है। पटपरगंज व महंगूपुर में टेढ़ी नदी से लेकर गांव के किनारे तक करीब दो किलोमीटर एरिया पूरी तरह जलमग्न है। यहां के लोग अयोध्या में सरयू के इस पार गोंडा क्षेत्र में भी अंतिम संस्कार करते हैं लेकिन इस समय यहां भी जलभराव की स्थिति है।
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घाघरा के किनारे नहीं होता अंतिम संस्कार
जिले में करनैलगंज क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके के गांवों में किसी की मृत्यु हो जाने पर उनका अंतिम संस्कार करनैलगंज स्थित सरयू के कटरा घाट व कटरा शहबाजपुर में बने अंत्येष्टि स्थल पर करते हैं। लेकिन इन दोनों स्थानों पर जल भराव नहीं है। लेकिन जिस तरह पानी करनैलगंज की ओर बढ़ रहा है उससे ये स्थान भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
वर्जन
जिले में अभी तक किसी व्यक्ति के मरने के बाद जल प्रवाह की सूचना नहीं है। यदि कोई जल प्रवाह करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सरयू व टेढ़ी नदी के किनारे बने अंत्येष्टि स्थलों पर अभी पानी नहीं भरा है। भौरीगंज में जल भराव है लेकिन अंत्येष्टि स्थल से ऊपर की जमीन खाली है और जलभराव भी नहीं है।
जेबी सिंह, जिलाधिकारी