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2.5 करोड़ की हेराफेरी में फंसे 12 बीडीओ
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गोंडा। मनरेगा में अनियमित ढंग से ढाई करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च करने के मामले में 12 बीडीओ निशाने पर हैं। बिना अनुमति के बजट में तय खर्च से अधिक का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया था। उपायुक्त मनरेगा ने कार्रवाई शुरू की थी। कई ब्लॉकों से अभी तक मांगे गए जवाब नहीं आए हैं। बीडीओ की जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इन ब्लॉकों में प्रशासनिक मद में हेराफेरी किए जाने की बता सामने आई है। बीते दिनों दो बीडीओ के खिलाफ एफआईआर के साथ निलंबन की संस्तुति भी शासन को हो चुकी है। इसके बाद भी ब्लॉकों में अनियमित खर्च करने से अधिकारी चूक नहीं रहे हैं।
मनरेगा में प्रशासनिक मद में 2.64 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने के मामले में 12 ब्लॉकों के अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। इन ब्लॉक में मनमाने ढंग से धनराशि खर्च कर ली। उपायुक्त श्रम रोजगार ने संबंधित ब्लॉक के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा था, बताया जा रहा है कि कई ब्लाकों से जवाब ही नहीं आया है। ऐसे में गोलमाल की संभावना भी बढ़ गई है।
मनरेगा में हर मद में धनराशि खर्च करने के नियम हैं। श्रम, सामग्री व प्रशासनिक मद में खर्च के लिए मानक तय हैं। 60 प्रतिशत धनराशि श्रम, 40 प्रतिशत सामग्री मद में खर्च की जाती है। दोनों बजट में खर्च के सापेक्ष चार प्रतिशत धनराशि प्रशासनिक मद में खर्च हो सकते हैं। इससे कर्मियों को मानदेय भुगतान, वाहन किराया, ईंधन व अन्य खर्च किए जाते हैं।
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मनरेेगा में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा में 116.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ब्लाकों में 5.90 करोड़ रुपये प्रशासनिक मद में खर्च की स्वीकृति थी। इसकी अनदेखी करके अफसरों ने 8.11 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। 12 ब्लाकों में 2.64 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान के मामले में उपायुक्त मनरेगा ने जवाब मांगा था और फिर से अभिलेख मांगने की तैयारी है। जिले के विकासखंड बभनजोत में 11.13 लाख, बेलसर 15.28 लाख, छपिया 31.66 लाख, करनैलगंज 14.21 लाख, इटियाथोक 31.12 लाख, झंझरी 27.39 लाख, मनकापुर 15.56 लाख, नवाबगंज 18.90 लाख, पंडरीकृपाल 14.69 लाख, परसपुर 24.10 लाख, रुपईडीह 42.15 लाख, तरबगंज 18.62 लाख रुपये अधिक खर्च किए गए हैं।
मनरेगा उपायुक्त संत कुमार ने बताया कि मनरेेगा के प्रशासनिक मद में अनियमित भुगतान के मामले में जवाब मांगा था। अब फिर से समीक्षा कर स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। कार्रवाई की जाएगी।
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मनरेगा में प्रशासनिक मद में 2.64 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने के मामले में 12 ब्लॉकों के अफसरों पर कार्रवाई की तैयारी हो रही है। इन ब्लॉक में मनमाने ढंग से धनराशि खर्च कर ली। उपायुक्त श्रम रोजगार ने संबंधित ब्लॉक के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा था, बताया जा रहा है कि कई ब्लाकों से जवाब ही नहीं आया है। ऐसे में गोलमाल की संभावना भी बढ़ गई है।
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मनरेगा में हर मद में धनराशि खर्च करने के नियम हैं। श्रम, सामग्री व प्रशासनिक मद में खर्च के लिए मानक तय हैं। 60 प्रतिशत धनराशि श्रम, 40 प्रतिशत सामग्री मद में खर्च की जाती है। दोनों बजट में खर्च के सापेक्ष चार प्रतिशत धनराशि प्रशासनिक मद में खर्च हो सकते हैं। इससे कर्मियों को मानदेय भुगतान, वाहन किराया, ईंधन व अन्य खर्च किए जाते हैं।
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मनरेेगा में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा में 116.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ब्लाकों में 5.90 करोड़ रुपये प्रशासनिक मद में खर्च की स्वीकृति थी। इसकी अनदेखी करके अफसरों ने 8.11 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। 12 ब्लाकों में 2.64 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान के मामले में उपायुक्त मनरेगा ने जवाब मांगा था और फिर से अभिलेख मांगने की तैयारी है। जिले के विकासखंड बभनजोत में 11.13 लाख, बेलसर 15.28 लाख, छपिया 31.66 लाख, करनैलगंज 14.21 लाख, इटियाथोक 31.12 लाख, झंझरी 27.39 लाख, मनकापुर 15.56 लाख, नवाबगंज 18.90 लाख, पंडरीकृपाल 14.69 लाख, परसपुर 24.10 लाख, रुपईडीह 42.15 लाख, तरबगंज 18.62 लाख रुपये अधिक खर्च किए गए हैं।
मनरेगा उपायुक्त संत कुमार ने बताया कि मनरेेगा के प्रशासनिक मद में अनियमित भुगतान के मामले में जवाब मांगा था। अब फिर से समीक्षा कर स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। कार्रवाई की जाएगी।