फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   पिता के बाद भाई के सियासी समर के सेनापति थे राहुल

पिता के बाद भाई के सियासी समर के सेनापति थे राहुल

Fri, 24 Aug 2018 12:49 AM IST
Updated Fri, 24 Aug 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
पिता के बाद भाई के सियासी समर के सेनापति थे राहुल
गोंडा। करनैलगंज के भंभुवा निवासी पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह के छोटे भाई सोमेश प्रताप सिंह उर्फ राहुल सिंह (45) का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं था। मंगलवार की रात हादसे में उनकी मौत से न सिर्फ करनैलगंज] बल्कि पूरे जिले में शोक की लहर रही। पूर्व मंत्री के भाई राहुल सिंह वैसे तो सियासत में किसी पद पर नहीं थे, लेकिन पूर्व मंत्री योगेश सिंह के सियासी समर की कमान उन्हीं के हाथ में रहती थी।
विज्ञापन


विधायक रहे पिता स्व. उमेश्वर प्रताप सिंह के सियासी समर के बाद राहुल भाई के सियासी मैदान पर अपने साहस का परिचय देते रहे हैं। चुनाव के दौरान उनकी मेहनत से सभी परिचित हैं। उनकी कमी हर किसी को खल रही है। हरफनमौला स्वभाव के राहुल अपने दोस्ताना संबंधों को निभाने में माहिर माने जाते थे। उनकी मौत पर उनके करीबियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। भंभुवा गांव तो पूरी तरह शोक में डूबा है।
विज्ञापन


पूर्व मंत्री के भाई राहुल सिंह सभी से छोटे थे। वे सियासत में अपने पिता स्व. उमेश्वर प्रताप सिंह के चुनावी क्षेत्र में प्रचार के दौरान सक्रिय रहते थे। उनके बाद भाई योगेश प्रताप सिंह के साथ साए की तरह रहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके चुनाव में अहम भूमिका निभाने के साथ ही सुरक्षा की भी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के हाथों में थी। पूर्व मंत्री योगेश सिंह तो हादसे से सुधबुध ही खो बैंठे हैं। भाई के साथ ही बहनोई के खोने के गम ने उन्हें गहरा सदमा दिया है। पूर्व मंत्री के अन्य भाई कामेश प्रताप सिंह, चन्द्रेश प्रताप सिंह समेत परिवार का हर सदस्य हादसे से सदमे में हैं।

एक बार बने बीडीसी, दो बार से पत्नी निर्विरोध प्रधान
राहुल सिंह एक बार वर्ष 2000 मेें पारा से क्षेत्र पंचायत सदस्य बने। इसके बाद उन्होंने कोई पद नहीं लिया, सिर्फ भाई के साथ रहे। उनकी पत्नी साधना सिंह दो पंचवर्षीय से भंभुवा गांव से निर्विरोध प्रधान चुनी जाती रहीं। मौजूदा समय में वे प्रधान हैं। राहुल के दो बेटे आलोक प्रताप सिंह और अच्छत प्रताप सिंह हैं। दोनों पढ़ाई कर रहे हैं और पिता के निधन से सदमे में हैं।


भाई व बहनोई की मौत से पूर्व मंत्री हुए बेहोश
भंभुवा में उस समय और कोहराम मच गया, जब अचानक पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह बेहोश हो गए। जैसे ही शव भंभुवा पहुंचा पूर्व मंत्री योगेश सिंह भाई और बहनोई का शव देखकर होश खो बैठे। सदमा इतना गहरा था कि अचानक वे बेहोश हो गए। वहां मौजूद लोग हड़बड़ा उठे। एक तख्त पर उन्हें लिटाया और स्थानीय चिकित्सक ने दवा की। काफी देर में पूर्व मंत्री संभल सके लेकिन सदमे से बाहर नहीं निकल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed