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अपने ही साथियों से जूनियर हो गए 1101 शिक्षक
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गोंडा के पंतनगर स्थित बीएसए कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कराने के लिए लाइन लगाए नवनियुक्त शिक्षि
- फोटो : GONDA
गोंडा। जिले के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 1101 शिक्षक अपने ही साथियों से जूनियर (कनिष्ठ) हो गए हैं। 69000 शिक्षक भर्ती के द्वितीय चरण में चयनित शिक्षकों को पांच दिसंबर को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। नवनियुक्त शिक्षक नौकरी पाने के संघर्ष में तो पास हो गए पर अपने ही साथियों से वरिष्ठता की लड़ाई हार गए। वरिष्ठता जाने का गम उन्हें अभी भले ही न सताए, लेकिन पदोन्नति के समय उन्हें यही कनिष्ठता बहुत चुभेगी।
प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती के दूसरे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। पहले चरण में अक्तूबर माह में 376 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इसके बाद 5 दिसंबर को 1101 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिला है। अब ये 1101 शिक्षक दूसरे चरण में शामिल होने के कारण अपने ही साथी 359 शिक्षकों से जूनियर हो गए हैं। जून में ही 69000 शिक्षकों की भर्ती एक साथ शुरू हुई थी। जून में 1620 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। जून में प्रथम मेरिट सूची जारी कर काउंसिलिंग प्रारंभ कर दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद काउंसिलिंग बीच में ही रोकनी पड़ी थी। फिर कट ऑफ मामले को लेकर शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए लगभग 1212 पदों को छोड़कर शेष पदों पर भर्ती करने की छूट दे दी थी। बस यहीं से भर्ती का दो चरणों में होना तय हो गया था।
प्रथम चरण के 359 शिक्षकों की नियुक्ति हो गई। इसमें 32 का स्कूल आवंटन रोका गया बाकी अपने स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। इनसे बाद सुप्रीम कोर्ट ने कट ऑफ मामले में दाखिल याचिकाओं को निस्तारित करते हुए सरकार के फैसले को सही ठहराया और सभी पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए। शेष 1212 पदों पर चयनितों की काउंसिलिंग 2 से 4 दिसंबर तक कराई और चयनितों को 5 दिसंबर को 1101 को नियुक्ति पत्र भी वितरित कर दिए। 1101 नवनियुक्त शिक्षक नौकरी पाने की खुशी में फूले नहीं समा रहे हैं किंतु उनके मन में इस बात की भी टीस है कि उनके लगभग 359 साथी उनसे ही वरिष्ठ हो गए। उनकी यह वरिष्ठता पूरी सर्विस (सेवाकाल) में कायम रहेगी और वे पदोन्नति में भी आगे निकल जाएंगे।
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40 शिक्षकों की नियुक्ति रोकने पर उठे सवाल
जिले में शिक्षकों की भर्ती में अधिकारी सरकार की किरकिरी कराने में जुटे हैं। 5 दिसंबर को नियुक्ति पत्र जारी किया तो 186 के करीब शिक्षकों का नियुक्ति छोटी-छोटी बातों पर ही रोक दिया। शिक्षकों के आंदोलन करने पर डीएम की दखल के बाद 146 शिक्षकों का नियुक्ति पत्र देर रात तक जारी कर दिया। अब भी 40 शिक्षकों की नियुक्ति पत्र रोके हैं। इसमें कई मामले तो ऐसे हैं जिनके कारण ऐसे नही है कि नियुक्ति रोकी जाए। बस अधिकारी अपने विवेक से निर्णय न लेकर शासन की ओर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे सरकार की नियुक्तियों को लेकर वाहवाही लेने की कोशिशें बेकार हो जा रही हैं।
बीएसए दफ्तर में 1101 शिक्षकों की होगी ज्वॉइनिंग
शिक्षक भर्ती के 1101 शिक्षक बीएसए दफ्तर में ड्यूटी देंगे। माना जा रहा है कि 12 दिसंबर के बाद ही स्कूल आवंटन की कार्रवाई के आदेश आने की संभावना है। ऐसे में इतने दिनों तक शिक्षकों को दफ्तर में ही कार्यभार ग्रहण करके ड्यूटी देनी है। इससे बीएसए दफ्तर के परिसर में कोरोना संकट के दौरान कोविड प्रोटोकाल का टूटना तय है। वैसे ही काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान सोशल डिस्टेसिंग कहीं नही दिखा। अब कई दिनों तक ऐसे ही ड्यूटी भारी पड़ सकती है।
शिक्षकों के नियुक्ति पत्र दे दिए गए हैं, जो बचे हैं उनका परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही उनके बारे में भी निर्णय ले लिया जाएगा। स्कूल आवंटन की कार्रवाई विभाग के आदेश पर की जाएगी। -डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
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प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती के दूसरे चरण की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। पहले चरण में अक्तूबर माह में 376 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इसके बाद 5 दिसंबर को 1101 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिला है। अब ये 1101 शिक्षक दूसरे चरण में शामिल होने के कारण अपने ही साथी 359 शिक्षकों से जूनियर हो गए हैं। जून में ही 69000 शिक्षकों की भर्ती एक साथ शुरू हुई थी। जून में 1620 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। जून में प्रथम मेरिट सूची जारी कर काउंसिलिंग प्रारंभ कर दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद काउंसिलिंग बीच में ही रोकनी पड़ी थी। फिर कट ऑफ मामले को लेकर शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए लगभग 1212 पदों को छोड़कर शेष पदों पर भर्ती करने की छूट दे दी थी। बस यहीं से भर्ती का दो चरणों में होना तय हो गया था।
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प्रथम चरण के 359 शिक्षकों की नियुक्ति हो गई। इसमें 32 का स्कूल आवंटन रोका गया बाकी अपने स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। इनसे बाद सुप्रीम कोर्ट ने कट ऑफ मामले में दाखिल याचिकाओं को निस्तारित करते हुए सरकार के फैसले को सही ठहराया और सभी पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए। शेष 1212 पदों पर चयनितों की काउंसिलिंग 2 से 4 दिसंबर तक कराई और चयनितों को 5 दिसंबर को 1101 को नियुक्ति पत्र भी वितरित कर दिए। 1101 नवनियुक्त शिक्षक नौकरी पाने की खुशी में फूले नहीं समा रहे हैं किंतु उनके मन में इस बात की भी टीस है कि उनके लगभग 359 साथी उनसे ही वरिष्ठ हो गए। उनकी यह वरिष्ठता पूरी सर्विस (सेवाकाल) में कायम रहेगी और वे पदोन्नति में भी आगे निकल जाएंगे।
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40 शिक्षकों की नियुक्ति रोकने पर उठे सवाल
जिले में शिक्षकों की भर्ती में अधिकारी सरकार की किरकिरी कराने में जुटे हैं। 5 दिसंबर को नियुक्ति पत्र जारी किया तो 186 के करीब शिक्षकों का नियुक्ति छोटी-छोटी बातों पर ही रोक दिया। शिक्षकों के आंदोलन करने पर डीएम की दखल के बाद 146 शिक्षकों का नियुक्ति पत्र देर रात तक जारी कर दिया। अब भी 40 शिक्षकों की नियुक्ति पत्र रोके हैं। इसमें कई मामले तो ऐसे हैं जिनके कारण ऐसे नही है कि नियुक्ति रोकी जाए। बस अधिकारी अपने विवेक से निर्णय न लेकर शासन की ओर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे सरकार की नियुक्तियों को लेकर वाहवाही लेने की कोशिशें बेकार हो जा रही हैं।
बीएसए दफ्तर में 1101 शिक्षकों की होगी ज्वॉइनिंग
शिक्षक भर्ती के 1101 शिक्षक बीएसए दफ्तर में ड्यूटी देंगे। माना जा रहा है कि 12 दिसंबर के बाद ही स्कूल आवंटन की कार्रवाई के आदेश आने की संभावना है। ऐसे में इतने दिनों तक शिक्षकों को दफ्तर में ही कार्यभार ग्रहण करके ड्यूटी देनी है। इससे बीएसए दफ्तर के परिसर में कोरोना संकट के दौरान कोविड प्रोटोकाल का टूटना तय है। वैसे ही काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान सोशल डिस्टेसिंग कहीं नही दिखा। अब कई दिनों तक ऐसे ही ड्यूटी भारी पड़ सकती है।
शिक्षकों के नियुक्ति पत्र दे दिए गए हैं, जो बचे हैं उनका परीक्षण किया जा रहा है। जल्द ही उनके बारे में भी निर्णय ले लिया जाएगा। स्कूल आवंटन की कार्रवाई विभाग के आदेश पर की जाएगी। -डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए