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दुष्कर्मी को 10 साल का कारावास
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गोंडा। उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र में तीन साल पूर्व अपहरण कर युवती से दुष्कर्म के मामले मेें अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) डॉ. दीनानाथ तृतीय ने अभियुक्त को 10 साल के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पांच जुलाई 2019 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि 14 जून 2019 को सुबह नौ बजे उसकी 22 वर्षीय लड़की को नौकरी का झांसा देकर सुनील मिश्र निवासी विवेकानंद पाली वेहिंद सर्फ फैक्ट्री निकट काली मंदिर तिवारी पारा थाना रानीगंज पश्चिम बंगाल भगा ले गया है। काफी खोजबीन के बाद भी लड़की का पता नहीं चला।
पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और आरोपी सुनील मिश्र के खिलाफ युवती को झांसा देकर अपहरण व दुष्कर्म के अपराध का साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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विचारण के दौरान न्यायालय ने अपराध साबित होने पर अभियुक्त सुनील मिश्र को दोषसिद्ध किया। सोमवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) डॉ. दीनानाथ तृतीय नेे अभियुक्त सुनील मिश्र को युवती से दुष्कर्म व अपहरण के अपराध में 10 साल के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 फीसदी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अभिनव चतुर्वेदी ने बताया कि उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पांच जुलाई 2019 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें कहा कि 14 जून 2019 को सुबह नौ बजे उसकी 22 वर्षीय लड़की को नौकरी का झांसा देकर सुनील मिश्र निवासी विवेकानंद पाली वेहिंद सर्फ फैक्ट्री निकट काली मंदिर तिवारी पारा थाना रानीगंज पश्चिम बंगाल भगा ले गया है। काफी खोजबीन के बाद भी लड़की का पता नहीं चला।
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पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और आरोपी सुनील मिश्र के खिलाफ युवती को झांसा देकर अपहरण व दुष्कर्म के अपराध का साक्ष्य मिलने पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
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विचारण के दौरान न्यायालय ने अपराध साबित होने पर अभियुक्त सुनील मिश्र को दोषसिद्ध किया। सोमवार को इस मामले में निर्णय सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी प्रथम) डॉ. दीनानाथ तृतीय नेे अभियुक्त सुनील मिश्र को युवती से दुष्कर्म व अपहरण के अपराध में 10 साल के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अदालत के आदेशानुसार जुर्माने की कुल धनराशि में से 50 फीसदी रकम पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी।