तो ऐसे छाएगा बिजनौर में जयाप्रदा का ग्लैमर?
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रालोद में सिने तारिका जया प्रदा और अमर सिंह के शामिल होने के बाद बिजनौर सीट से जया प्रदा को चुनाव मैदान में उतारे जाने के चौधरी अजित सिंह के दांव ने सभी दलों के समीकरण गड़बड़ा दिए हैं।
जातिगत समीकरणों के सहारे चुनावी जंग जीतने की ख्वाब देखने वालों की जया प्रदा ने नींद उड़ दी हैं। रणनीतिकारों का मानना है की जातिगत समीकरणों पर जया प्रदा का ग्लैमर भारी पड़ सकता है।
बिजनौर सीट पर बसपा ने मलूक नागर, सपा ने पूर्व विधयक हाजी शाहनवाज को मैदान में उतारा है। आप की ओर से डॉ. गौरव चौहान को टिकट दिया। भाजपा में टिकट को लेकर भाग दौड़ जारी है। हर दावेदार अपने टिकट के प्रति पूर्णत: आश्वस्त है।
बसपा के हाथी पर सवार मलूक नागर को पार्टी के वोट बैंक दलित के साथ गूजरों का सहारा है, उन्हें उम्मीद है कि भाजपा को रोकने के लिए मुस्लिम भी उन्हें संसद तक पहुंचाएगा। वहीं सपा प्रत्याशी हाजी शाहनवाज मुस्लिमों के समर्थन और पार्टी के वोट बैंक के सहारे जीत का ख्वाब संजोए हैं। भाजपा मोदी लहर में अपने को सबसे मजबूत मान रही है।
अजीत सिंह ने खेला दांव
रालोद अब तक सांसद संजय चौहान पर ही दांव खेल रही थी। रालोद केपास कोई मजबूत और जादुई शख्शियत नहीं थी। अमर सिंह के साथ रामपुर की सांसद जया प्रदा के रालोद का दामन थामने के बाद बिजनौर सीट पर चुनावी सरगर्मियों में तेजी आ गई है।
चौधरी अजित सिंह ने बिजनौर सीट से जया प्रदा को उतारने का मन बना लिया है। जया प्रदा के आने से मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से खोई जमीन हासिल करने के लिए रालोद में नई जान आ गई है।
जया प्रदा के आने से रालोद कार्यकर्ता गद्गद है और बिजनौर सीट से अपनी जीत पक्की मान रहे हैं। जया के मैदान में आने से बिजनौर के चुनाव में ग्लैमर का तड़का लग गया है। उधर, सपाइयों का मानना है कि जया के आने से बहुसंख्यक मतों में बिखराव होगा, इसका सीधा लाभ सपा प्रत्याशी को ही होगा।