'50 लाख दो, नहीं तो ट्रेन को उड़ा दूंगा'
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रेलवे कंट्रोल रूम में अज्ञात व्यक्ति ने सारनाथ एक्सप्रेस और हावड़ा-अमृतसर मेल को बम से उड़ाने की धमकी दी। मंगलवार की रात नौ बजे फोन करने वाले ने खुद को आतंकी संगठन से जुड़ा बताया।
इस सूचना के बाद रेलवे प्रशासन ने अलर्ट जारी करके कैंट स्टेशन, भदोही और सुरियावां रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिं ग के साथ ट्रेनों में भी तलाशी ली। डॉग स्कवायड के साथ जांच से रेल यात्री सहम गए।
50 लाख रुपए जमीन में गाड़ दो
मंगलवार की रात में हाजीपुर रेलवे कंट्रोल रूम के नंबर 9778425718 पर एक व्यक्ति ने अपने आप को आतंकी बताते हुए मोबाइल नंबर 91-7170415040 से फोन करके धमकी दी।
धमकी देने वाले ने कहा कि बुधवार की सुबह तक सुरियावां स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास 50 लाख रुपया जमीन में गाड़ दें। ऐसा नहीं करने पर बुधवार को सारनाथ एक्सप्रेस और हावड़ा-अमृसर मेल अप व डाउन को बम से उड़ा दिया जाएगा। पुलिस ने जब नंबर ट्रेस किया तो पर वह उत्तराखंड निकला है।
इसके बाद रेल प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करके सभी आने जाने वाली ट्रेनों का सघनता से तलाशी लेने का निर्देश दिया। बुधवार की सुबह से आरपीएफ और जीआरपी ने दोनों ट्रेनों के साथ की कैंट से आने जाने वाली ट्रेनों की सघनता से तलाशी लिया गया।
पुलिस जुटी जांच में
आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त आर एन शर्मा व सीओ जीआरपी शेष नाथ सिंह ने बताया कि धमकी के बाद कैंट स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया गया। सादे कपड़े में पुलिस कर्मियों को लगाया गया है। ताकि आने जाने वाले लोगों पर विशेष निगाह रखी जाए तथा संदिग्ध सामान और संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी लेने का आदेश दिया गया है।
जांच में आरपीएफ इंसपेक्टर कमलेश्वर सिंह, जिला पुलिस, एटीएस की टीम शामिल थी। भदोही संवाददाता के मुताबिक भदोही-जंघई रूट से गुजरने वाली दो ट्रेनों में बुधवार को बम की अफवाह से जिला, पुलिस प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल के जवान घंटो हलाकान रहे। लखनऊ रेलवे कंट्रोल से इस आशय की सूचना प्रसारित होने के बाद भारी सख्या पुलिस कर्मी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए।
इस दौरान पंजाब मेल और सारनाथ एक्सप्रेस की अप और डाउन दोनों गाड़ियों को सघन चेकिंग के बाद ही यहां से रवाना होने दिया गया। चेकिंग में कुछ न मिलने से रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली।
इस बावत पुलिस अधीक्षक वीके दीक्षित ने कहा कि चुनाव का माहौल है। छोटी से छोटी सूचना को भी पूरी गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि कुछ हासिल नहीं हुआ। कुछ दिन पूर्व भी ट्रेन में नक्सलियों के होने की सूचना पर पुलिस हलकान हुई थी। दूसरी ओर भले ही जांच पड़ताल में कुछ न मिला हो लेकिन इन दोनों ट्रेनों पर सफर कर रहे यात्रियों की भारी सांसत हुई।
धमकी देने वाले की तलाश में छापे
ट्रेन उड़ाने की धमकी के मामले की जांच जीआरपी के साथ एनआईए और एटीएस के अधिकारियों ने भी शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को आतंकी तहसीन की गिरफ्तारी से जोड़कर देख रही हैं। उनका मानना है कि इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य अपने चीफ तहसीन अख्तर की गिरफ्तारी से बौखला गए हैं।
हताशा में वे अफवाह फैलाकर और धमकी देकर भय कायम करना चाहते हैं। तहसीन के कुछ करीबियों के बिहार में छिपे होने की जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां छापेमारी में जुट गई हैं।
ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रेलवे ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने एटीएस और आईबी को जांच करने का आदेश दिया। इस मामले में एनआईए की एक टीम बिहार पुलिस के साथ छापा मार रही है।
इधर, एटीएस की टीमें आईबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से स्लीपिंग माड्यूल और आईएम के सदस्यों की तलाश कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नेपाल में ठिकाना बनाए आतंकी इंटरनेट के माध्यम से कोड भाषा में अपने संदेश साथियों तक पहुंचा रहे हैं। उनके करीबियों के बिहार और झारखंड में होने की आशंका है। आईबी की टीमें नेपाल के अलावा बांग्लादेश बार्डर से भी सूचनाएं हासिल कर रही हैं।