रोजगार मेला: 350 रुपये आवेदन, फिर 10900 रुपये ट्रेनिंग फीस... प्रशिक्षण शुल्क पर युवाओं ने उठाए सवाल
Ghazipur News: रोजगार मेले में प्रशिक्षण शुल्क पर युवाओं ने सवाल उठाए। बिना वेतन एक माह की ट्रेनिंग के लिए रुपये मांगने पर युवाओं ने नाराजगी जताई।
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बंतरा निवासी गोलू यादव ने बताया कि आवेदन के समय 350 रुपये लिए जा रहे हैं। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों से प्रशिक्षण के लिए 10,900 रुपये जमा करने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि रोजगार की उम्मीद लेकर पहुंचे आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है।
शेखपुर निवासी प्रदीप कुशवाहा ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों का एक माह का प्रशिक्षण जौनपुर के सैनिक गिरजा शंकर महाविद्यालय, सरौनी (केराकत) में कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान रहने और भोजन की व्यवस्था निशुल्क बताए जाने के साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि में कोई वेतन नहीं मिलेगा। ऐसे में प्रशिक्षण शुल्क वसूलने पर युवाओं ने सवाल खड़े किए हैं।
मेले में पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने मांग की कि यदि प्रशिक्षण अनिवार्य है तो उसकी पूरी प्रक्रिया, शुल्क और चयन के बाद मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाए, ताकि युवाओं में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे। रोजगार की तलाश में पहुंचे युवाओं के बीच पूरे दिन इसी मुद्दे को लेकर चर्चा होती रही।
मैं इस इस वक्त इलाहाबाद हाईकोर्ट में हूं और मुझे शुल्क वसूलने की कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो गलत है, बेरोजगार युवा कहां से पैसा देंगे। मामले की जांच कराई जाएगी।
-कौस्तुभ मणि पाठक, बीडीओ, बिरनो
मुझे रोजगार मेला के आयोजन की जानकारी नहीं है।विवादित शर्तों के कारण ही मेरे द्वारा उनको अनुमति नहीं दी गई। संभव है एसडीएम सदर के कार्यालय से पूर्व में एक पत्र जारी हुआ था। इस बारे में वहीं कुछ बता पाएंगे।
-विवेकानंद सिंह, जिला सेवा योजन अधिकारी
मुझकों इसकी जानकारी नहीं है और न ही मेरे हस्ताक्षर से इस तरह का कोई पत्र जारी हुआ है।
-विनोद जोशी, प्रभारी एसडीएम सदर
चयनित युवाओं के वर्दी और अन्य खर्च के लिए 10900 रुपये लिए जाते है, जबकि उनके प्रशिक्षण पर 29 हजार रुपये खर्च होते है। इसलिए कंपनी मानदेय नहीं देती है।
-रजनीश राय, ग्रुप कमांडर, एसआईएस