{"_id":"5d924bc58ebc3e93d56cc6f3","slug":"worship-of-godess-durga-ghazipur-news-vns4867262140","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र के दूसरे दिन भी देवी दरबार में गूंजता रहा जयकारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र के दूसरे दिन भी देवी दरबार में गूंजता रहा जयकारा
विज्ञापन
दूसरे दिन पूजा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को भी शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं से गुलजार रहा। यहां पहुंचे सैकड़ों भक्तों ने देवी मां के चरणों में फूल-माला, प्रसाद अर्पित कर शीश नवाया। देवी की आराधना करते हुए अपने के साथ ही परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। गहमर के करहिया स्थित मां कामाख्या धाम और करीमुद्दीनपुर में स्थित मां कष्टहरणी देवी के दरबार में जिले के साथ ही गैर जनपदों ने भक्तों ने भी हाजिरी लगाई।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, हमीद सेतु स्थित काली धाम, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, जलनिगम कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर, बूढ़ा महादेवा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने देवी का दर्शन-पूजन किया। सुख-समृद्धि की कामना की। गहमर के करहिया स्थित मां कामाख्या धाम पर भोर से ही भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ में इजाफा भी होने लगा। जिले के साथ ही गैर जनपदों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवी के चरणों में शीश नवाकर उनके अपने और परिवार के मंगल की कामना की। देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। करीमुद्दीनपुर में स्थित मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में जिले के साथ ही दूसरे जनपदों के श्रद्धालु पहुंचे। मां के चरणों में फूलमाला और प्रसाद अपर्ति कर पूजा आराधना की। इसके साथ ही रेवतीपुर स्थित भगवती मां, बहरियाबाद में बेसो नदी के तटवर्ती गांव हुसेनपुर मुर्थान स्थति मां टड़वा भवानी और मुहम्मदाबाद तहसील में स्थित मनोकामना देवी, दिलदारनगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-चार और तीन के मध्य स्थित सायर माता मंदिर, बहादुरगंज में स्थित चंडी माता, जखनियां के सिद्धपीठ हथियाराम मठ में स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढ़िया माई, देवकली में गंगा के तटवर्ती क्षेत्र स्थित चकेरी धाम, सैदपुर तहसील के पीछे स्थित काली मां, सादात के माहपुर गांव में स्थित अतिप्राचीन मां काली मंदिर में सैकड़ों भक्तों ने मत्था टेककर अपने और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही जमानिया, सुहवल, सेवराई, करंडा, नंदगंज, खानपुर, औड़िहार, भीमापार, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, शादियाबाद, मनिहारी, नोनहरा, कासिमाबाद, मतसा, सिधागरघाट, दुबिहा, ताजपुर डेहमा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम बना रहा।
नौ दिनों तक रहेगी दर्शन-पूजन की धूम
नंदगंज। परंपरा के अनुसार स्थानीय बाजार में पूजा समितियों की तरफ से नवरात्र के पहले दिन ही भव्य पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापित कर दी गई। रविवार की देर शाम विधिवत हवन-पूजन के बीच प्रतिमा का पट्ट खोलकर दर्शन-पूजन का कार्य प्रारंभ हो गया। शाम को पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मालूम हो कि बाजार में चार स्थानों पूजा कमेटियों द्वारा पूजा पंडाल बनाया जाता है। नवरात्र के पहले दिन ही प्रतिमा स्थापित कर दर्शन-पूजन का कार्य प्रारंभ हो जाता है। मां दुर्गा पूजनोत्सव समिति शादियाबाद मोड़, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति चोचकपुर तिराहा, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति स्टेशन चौराहा और पश्चिम रेलवे क्रासिंग के पास सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा बनाए गए पंडाल में नवरात्र के पहले दिन देवी की प्रतिमा की स्थापना कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, हमीद सेतु स्थित काली धाम, नवाबगंज स्थित मां शीतला मंदिर, जलनिगम कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर, बूढ़ा महादेवा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने देवी का दर्शन-पूजन किया। सुख-समृद्धि की कामना की। गहमर के करहिया स्थित मां कामाख्या धाम पर भोर से ही भक्तों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, वैसे-वैसे भीड़ में इजाफा भी होने लगा। जिले के साथ ही गैर जनपदों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देवी के चरणों में शीश नवाकर उनके अपने और परिवार के मंगल की कामना की। देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। करीमुद्दीनपुर में स्थित मां कष्टहरणी भवानी के दरबार में जिले के साथ ही दूसरे जनपदों के श्रद्धालु पहुंचे। मां के चरणों में फूलमाला और प्रसाद अपर्ति कर पूजा आराधना की। इसके साथ ही रेवतीपुर स्थित भगवती मां, बहरियाबाद में बेसो नदी के तटवर्ती गांव हुसेनपुर मुर्थान स्थति मां टड़वा भवानी और मुहम्मदाबाद तहसील में स्थित मनोकामना देवी, दिलदारनगर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-चार और तीन के मध्य स्थित सायर माता मंदिर, बहादुरगंज में स्थित चंडी माता, जखनियां के सिद्धपीठ हथियाराम मठ में स्थित बुद्धाम्बिका देवी बुढ़िया माई, देवकली में गंगा के तटवर्ती क्षेत्र स्थित चकेरी धाम, सैदपुर तहसील के पीछे स्थित काली मां, सादात के माहपुर गांव में स्थित अतिप्राचीन मां काली मंदिर में सैकड़ों भक्तों ने मत्था टेककर अपने और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही जमानिया, सुहवल, सेवराई, करंडा, नंदगंज, खानपुर, औड़िहार, भीमापार, दुल्लहपुर, बिरनो, मरदह, जंगीपुर, शादियाबाद, मनिहारी, नोनहरा, कासिमाबाद, मतसा, सिधागरघाट, दुबिहा, ताजपुर डेहमा सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक दर्शन-पूजन का क्रम बना रहा।
विज्ञापन
नौ दिनों तक रहेगी दर्शन-पूजन की धूम
नंदगंज। परंपरा के अनुसार स्थानीय बाजार में पूजा समितियों की तरफ से नवरात्र के पहले दिन ही भव्य पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापित कर दी गई। रविवार की देर शाम विधिवत हवन-पूजन के बीच प्रतिमा का पट्ट खोलकर दर्शन-पूजन का कार्य प्रारंभ हो गया। शाम को पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मालूम हो कि बाजार में चार स्थानों पूजा कमेटियों द्वारा पूजा पंडाल बनाया जाता है। नवरात्र के पहले दिन ही प्रतिमा स्थापित कर दर्शन-पूजन का कार्य प्रारंभ हो जाता है। मां दुर्गा पूजनोत्सव समिति शादियाबाद मोड़, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति चोचकपुर तिराहा, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति स्टेशन चौराहा और पश्चिम रेलवे क्रासिंग के पास सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति द्वारा बनाए गए पंडाल में नवरात्र के पहले दिन देवी की प्रतिमा की स्थापना कर दी गई।
विज्ञापन