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एक साथ उठी पांच अर्थियां तो रो पड़ा पूरा गांव

Wed, 03 Nov 2021 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 11:54 PM IST
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When five earths arose together, the whole village cried
सड़क हादसे में अहिरौली गांव के मृत पांच लोगों की अर्थी घटना के दूसरे दिन बुधवार को एक साथ अंतिम संस्कार के लिए गांव से रवाना हुई। इस दौरान मृतकों के परिजनों के ही नहीं, गांव के हर सदस्य की आंखें झलक गई। मौके पर मौजूद आस-पास गांव के लोगों के भी आंखों से आंसू से भर गए। इधर जब सुल्तानपुर गंगा घाट पर एक साथ पांच चिताओं के जलते ही लोग गमगीन हो गए। शांत पड़े वातावरण में सिर्फ सिसकियां ही सुनाई दे रही थी। मृतकों के परिवारीजन को सांत्वना देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और क्षेत्रीय लोग घाट पर पहुंचे थे। अहिरौली चट्टी पर ट्रक से कुचलकर गांव के पांच और तीन किलोमीटर दूर जियदासपुर के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
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मंगलवार की शाम साढ़े पांच बजे मृतक वीरेंद्र राम, सत्येंद्र ठाकुर, गोलू यादव, चंद्रमोहन राय और श्यामबिहारी कुशवाहा का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचते ही परिजनों रोने-बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा फैल गया। रात के सन्नाटे को परिजनों के सिसकने की आवाज भयावह बना रही थी। जब एक साथ इन पांचों मृतकों की शव यात्रा एक साथ निकली तो गांव चित्कार कर उठा। शव यात्रा में शामिल हर किसी के चेहरे पर उदासी छाई हुई थी। मां और पत्नी बेसुध होकर बार-बार अचेत हो जा रही थी। जिन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया था, उनके आंसू नहीं रुक रहे थे। शव यात्रा निकलते ही पूरे गांव मे सन्नाटा छा गया। सिर्फ महिलाओं की चीख गूंज रही थी। इधर पांच शवों के अंतिम संस्कार के लिए सुल्तानपुर गंगा तट पांच चिताएं सजी थी। जैसे ही चिताएं एक साथ जली वहां उपस्थित लोगों के आंखो से आंसू छलक पड़े। सड़क हादसे में एक अन्य मृतक जियनदासपुर निवासी उमाशंकर यादव का अंतिम संस्कार परिजनों ने सेमरा घाट पर किया। इधर सुल्तानपुर गंगातट पर पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय, भाजपा नेता विरेंद्र राय, भांवरकोल के प्रमुख प्रतिनिधि आनंद राय मुन्ना, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गुलाब राम, सपा नेता डा. श्रीनारायण यादव, सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी, सलमान अंसारी, गोबर्धन सिंह यादव, ग्राम प्रधान, मनीष जायसवाल आदि लोग मौजूद रहे।
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घटना के दूसरे दिन भी घरों के नहीं जले चुल्हे
संवाद न्यूज एजेंसी
मुहम्मदाबाद। प्रकाश पर्व दीवाली के दो दिन पूर्व ही अहिरौली गांव की चट्टी पर हुई हृदय विदारक हादसे ने गांव की खुशियों को अंधेरे में डूबो दिया। मंगलवार की सुबह घटी अमंगल घटना के चलते गांव के दर्जनों परिवारों के चूल्हे बुधवार को दूसरे दिन भी नहीं जले। गांव में न तो धनतेरस और न ही दीपावली मनाई जाएगी। भीषण दुर्घटना ने जहां गांव के पांच लोगों का जीवन छीन लिया। वहीं कई घरों में निकट भविष्य में आने वाली खुशियों पर भी ग्रहण लगा दिया। दिव्यांग सत्येंद्र ठाकुर जो सड़क किनारे सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। उसकी पत्नी खुशबू मुंह से बोल नहीं पाती है। पति की मौत के बाद तीन मासूम पुत्रियों माही, रिया और शालू का भरण पोषण कैसे होगा। वह अपने हृदय की व्यथा को भी अभिव्यक्त नहीं कर पा रही थी। जियनदासपुर के उमाशंकर यादव अपनी बिटिया रीना की शादी की तैयारी मे जुटे थे हादसे ने घर की खुशियां ही समाप्त कर दी। गांव प्रधान मनीष जायसवाल ने कहा कि गांव पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में दीपावली नहीं मनेगी। पूरा गांव के गम डूबा हुआ है।
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