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Ghazipur News: अनुबंध पत्र मांगा तो भेज दिया ब्लैंक ईमेल
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गाजीपुर। वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन सड़क स्थित मीरजापुर (क्यामपुर) टोल प्लाजा का अनुबंध पत्र मांगा गया तो एनएचएआई के अफसरों ने ब्लैंक ई-मेल भेज दिया। उप निबंधक कार्यालय लंबे समय से एग्रीमेंट के पेपर मांग रहा है।
क्यामपुर टोल प्लाजा टैक्स चोरी की आशंकाओं के बीच उप निबंधक कार्यालय टोल वसूलने के लिए एनएचएआई से हुए एग्रीमेंट का पेपर मांग रहा, जो अब तक नहीं दिखाया गया है। दबाव डालने पर एक ब्लैंक ईमेल आया है, जिसमें कोई अनुबंध पत्र अटैच नहीं है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन स्थित टोल प्लाजा पर अब तक तीन कंपनियां टोल टैक्स वसूली के लिए अनुबंध कर चुकी हैं। अब तक केवल एक कंपनी ने एग्रीमेंट पेपर दिखाया। जबकि विभागीय लोग बताते हैं कि इसके बाद रॉयल दीप कॉन्टेक्शन ने अनुबंध किया।
अब आसनी रोड कैरियर नागपुर के मालिक प्यारे जिया खान की कंपनी यहां टोल वसूली कर रही है लेकिन कंपनी ने अब तक अनुबंध पत्र की कॉपी उप निबंधक कार्यालय में जमा नहीं की है। वहीं, रॉयल दीप कॉन्टेक्शन को दो बार टोल वसूली का ठेका मिल चुका है। पहली बार तीन माह का और दूसरी बार एक साल का अनुबंध था।
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इधर, तत्कालीन डीएम आर्यका अखौरी और एआईजी स्टांप प्रेम प्रकाश ने कई बार पत्र, नोटिस भी भेजा लेकिन जिम्मेदारों पर इन अधिकारियों का भी असर नहीं पड़ा। हालांकि इस माह में उप निबंधन कार्यालय में एनएचएआई के परियोजना निदेशक का ईमेल आया है लेकिन उसमें किसी अनुबंध पत्र की कॉपी ही अटैच नहीं है। ऐसे में विभाग ने फिर से पत्र लिखा है।
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क्यामपुर टोल प्लाजा टैक्स चोरी की आशंकाओं के बीच उप निबंधक कार्यालय टोल वसूलने के लिए एनएचएआई से हुए एग्रीमेंट का पेपर मांग रहा, जो अब तक नहीं दिखाया गया है। दबाव डालने पर एक ब्लैंक ईमेल आया है, जिसमें कोई अनुबंध पत्र अटैच नहीं है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन स्थित टोल प्लाजा पर अब तक तीन कंपनियां टोल टैक्स वसूली के लिए अनुबंध कर चुकी हैं। अब तक केवल एक कंपनी ने एग्रीमेंट पेपर दिखाया। जबकि विभागीय लोग बताते हैं कि इसके बाद रॉयल दीप कॉन्टेक्शन ने अनुबंध किया।
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अब आसनी रोड कैरियर नागपुर के मालिक प्यारे जिया खान की कंपनी यहां टोल वसूली कर रही है लेकिन कंपनी ने अब तक अनुबंध पत्र की कॉपी उप निबंधक कार्यालय में जमा नहीं की है। वहीं, रॉयल दीप कॉन्टेक्शन को दो बार टोल वसूली का ठेका मिल चुका है। पहली बार तीन माह का और दूसरी बार एक साल का अनुबंध था।
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इधर, तत्कालीन डीएम आर्यका अखौरी और एआईजी स्टांप प्रेम प्रकाश ने कई बार पत्र, नोटिस भी भेजा लेकिन जिम्मेदारों पर इन अधिकारियों का भी असर नहीं पड़ा। हालांकि इस माह में उप निबंधन कार्यालय में एनएचएआई के परियोजना निदेशक का ईमेल आया है लेकिन उसमें किसी अनुबंध पत्र की कॉपी ही अटैच नहीं है। ऐसे में विभाग ने फिर से पत्र लिखा है।