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Ghazipur News: देई मां के स्थान पर निर्माण रोकने से नाराज ग्रामीण धरने पर बैठे

Fri, 16 Aug 2024 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 16 Aug 2024 11:14 PM IST
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Villagers angry over stoppage of construction at the site of Devi Maa sit on dharna
कासिमाबाद। कोतवाली क्षेत्र के सोनबरसा गांव स्थित किले पर क्षतिग्रस्त देई मां के स्थान के नव निर्माण कार्य को एक समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को रोकवा दिया। नाराज ग्रामीण धार (जल) चढ़ाने से इंकार कर धरने पर बैठ गए। बाद में दोनों पक्षों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए समझौते के बाद सात घंटे बाद ग्रामीणों ने धार (जल) चढ़ाया। इधर देई मां के स्थान का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। ग्रामीणों के पूजन कर वापस चले जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। इधर सुरक्षा के दृष्टिकोण पुलिस टीम तैनात रही।
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सोनबरसा गांव में नबाब कासिम का जर्जर किला है। इस किले को कासिमाबाद के किले के नाम से जाना जाता है। ये 0.7120 हेक्टेयर में फैला है। इस किले पर शाबिर दादा की मजार के साथ एक जगह देई मां का स्थान है। देई मां के स्थान पर गांव के लोग 50 वर्षों से नाग पंचमी के दूसरे दिन से रक्षाबंधन तक धार चढ़ते हैं। इस बार देई मां का स्थान क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण चंदा लगाकर बीते 15 अगस्त को निर्माण कर रहे थे। इसको लेकर एक समुदाय के लोग कार्य रोकने की मांग करने लगे। काम नहीं रुका तो एक समुदाय के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर काम रोकवाने की मांग की। सुबह एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी, एसडीएम आशुतोष कुमार और सीओ चोब सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने निर्माण कार्य रोकवा दिया। काम रुकते ही ग्रामीण देई मां के स्थान के पास पहुंचकर धार (जल) चढ़ाने से मना करते हुए धरने पर बैठ गए। यहीं नहीं सभी लोग अपना-अपना जल जमीन पर रख दिए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूलने लगे। मौके पर दोनों पक्षों के लोगों की काफी भीड़ जुट गई। धीरे-धीरे कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी भी मौके पर पहुंच गई। दोपहर बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने फिर दोनों पक्षों से वार्ता कर इस समझौते पर निष्कर्ष निकाला कि सहमति के अनुसार ग्रामीण 10 फीट लंबा 10 फीट चौड़ा चबूतरा बनाएंगे। लोहे का चारों तरफ एंगल लगाकर टीन शेड रख कर सुरक्षा के लिए चारों तरफ से लोहे की जाली लगाकर एक छोटा सा गेट लगाया जाएगा। इसके बाद दोनों पक्षों से 30-30 लोगों का समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराकर सुनाया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद दोनों पक्षों के लोगों ने सहमति जताई। तब जाकर ग्रामीणों ने धार (जल) देई मां को चढ़ाया। इसी के साथ देई मां के स्थान का निर्माण कार्य भी हिंदू पक्ष ने शुरू करा दिया। इस दौरान नायब तहसीलदार अनुराग यादव ,प्रभारी निरीक्षक आरएस नागर के साथ बिरनो, मरदह , नोनहरा के थानाध्यक्ष एक सेक्शन पीएसी मौजूद रही। एसडीएम आशुतोष कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण पुलिस टीम तैनात कर दी गई है।
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तेज धूप में खड़ी रहीं महिलाएं और पुरुष

कासिमाबाद। उमस भरी गर्मी में सुबह 7 बजे से काली मां के स्थान से जल लेकर देई मां के स्थान पर 8.20 ग्रामीण पहुंचे। वहां पर निर्माण कार्य रोकने की जानकारी मिलते ही सभी व्रती महिलाएं एवं पुरुष जल चढ़ाने से मना करते हुए वहां धरने पर बैठ गए। सात घंटे तक तेज धूप में ग्रामीण जमे रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के बार-बार अपील के बाद भी महिलाएं एवं पुरुष खड़े रहे। सभी ने जब तक देई मां के स्थान का निर्माण शुरू नहीं होगा जल नहीं चढ़ेगा। निर्माण कार्य शुरू होते ही सभी लोग जल चढ़ाकर वहां से प्रस्थान कर गए।
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