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यूपी बोर्ड: परीक्षा केंद्रों की दूरी की निर्धारित
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2024 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में एक छात्र को बैठकर परीक्षा देने के लिए 20 वर्ग फीट या 1.86 वर्ग मीटर का स्थान निर्धारित किया गया है। इसके मुताबिक विद्यालय में जितने लिंटर्ड शिक्षण कक्ष होंगे उतने कक्ष में ही एक पाली में परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित होगी। शिक्षण कक्ष में प्रयोगशाला कक्ष, स्टाफ कक्ष, प्रधानाचार्य कक्ष, पुस्तकालय कक्ष, क्रीड़ा कक्ष को शामिल नहीं किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि बालक एवं बालिकाओं के लिए बोर्ड की तरफ से परीक्षा केंद्रों की दूरी भी निर्धारित कर दी गई है। ऐसी बालिकाएं जिन्हें स्वकेंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन बालिकाओं को सात किलोमीटर की परिधि के अंदर बनने वाले परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका लाभ शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्र की बालिकाओं को प्राप्त हो सकेगा। दिव्यांग बालक-बालिकाओं को भी स्वकेंद्र की सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें भी निकटस्थ सात किलोमीटर के अंदर के परीक्षा केंद्रों पर समायोजित किया जाएगा। ऐसे दिव्यांग परीक्षार्थियों को 40 प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि संस्थागत एवं व्यक्तिगत बालक परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र प्रत्येक विद्यालय अथवा अग्रसारण केंद्र से 12 किलोमीटर की परिधि में आने वाले परीक्षा केंद्रों पर आवंटित होगा। विषम भौगोलिक परिस्थितियों अथवा विद्यालय की अनुपलब्धता के चलते परीक्षार्थियों को निकटतम या 15 किलोमीटर की परिधि के अंदर आने वाले परीक्षा केंद्र आवंटित होंगे। एक ही प्रबंधक की ओर से संचालित एक से अधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र इस प्रबंधन के अधीन संचालित अन्य विद्यालयों पर किसी भी दशा में आवंटित नहीं किया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के उप सचिव राम अवतार यादव ने बताया कि बालक एवं बालिकाओं के लिए बोर्ड की तरफ से परीक्षा केंद्रों की दूरी भी निर्धारित कर दी गई है। ऐसी बालिकाएं जिन्हें स्वकेंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन बालिकाओं को सात किलोमीटर की परिधि के अंदर बनने वाले परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसका लाभ शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्र की बालिकाओं को प्राप्त हो सकेगा। दिव्यांग बालक-बालिकाओं को भी स्वकेंद्र की सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें भी निकटस्थ सात किलोमीटर के अंदर के परीक्षा केंद्रों पर समायोजित किया जाएगा। ऐसे दिव्यांग परीक्षार्थियों को 40 प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि संस्थागत एवं व्यक्तिगत बालक परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र प्रत्येक विद्यालय अथवा अग्रसारण केंद्र से 12 किलोमीटर की परिधि में आने वाले परीक्षा केंद्रों पर आवंटित होगा। विषम भौगोलिक परिस्थितियों अथवा विद्यालय की अनुपलब्धता के चलते परीक्षार्थियों को निकटतम या 15 किलोमीटर की परिधि के अंदर आने वाले परीक्षा केंद्र आवंटित होंगे। एक ही प्रबंधक की ओर से संचालित एक से अधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र इस प्रबंधन के अधीन संचालित अन्य विद्यालयों पर किसी भी दशा में आवंटित नहीं किया जाएगा।
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