Ghazipur: डाला छठ की वेदी बनाने गए चाचा-भतीजे की गंगा में डूबकर मौत, मातम में बदल गईं त्योहार की खुशियां
गाजीपुर के करंडा क्षेत्र में शुक्रवार को गंगा घाट किनारे छठ महापर्व की पूजा के लिए वेदी बनाने गए चाचा-भतीजा की डूबने से मौत हो गई। तीन-चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हुए।
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यूपी के गाजीपुर में डाला छठ के लिए शुक्रवार को गंगा घाट पर पूजा वेदी बनाने गए चाचा-भतीजे नहाते समय गंगा में डूब गए। वहीं एक किशोर इस हादसे में बच गया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से घंटों मशक्कत के बाद दोनों के शव को बरामद किया। पुलिस ने पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इधर, परिजनों के रोने-बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। महापर्व की खुशियां मातम में बदल गईं। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।
करंडा थाना क्षेत्र के गोशंदेपुर गांव निवासी सुजीत गिरी (27) अपने भतीजे ओम गिरी (14) के साथ गांव के बाहर गंगा किनारे छठ महापर्व की पूजा के लिए वेदी बनाने के लिए गया था। इनके साथ गांव का ही हिमांशु गिरी भी था। तीनों जब गंगा के किनारे पहुंचे तो देखा कि रेत के कारण पानी तीन भागों में बंटा हैं।
पानी की गहराई मापने के चक्कर में हादसा
पहले किनारे पर पानी बहुत कम था। तीनों पैदल ही पार कर दूसरे बहाव के पास पहुंच गए। वहां पहले से ही कुछ महिलाएं वेदी बना रही थीं। तीनों लोग वेदी बनाने के बाद स्नान कर बाहर निकल गए। तभी ओम गिरी ने कहा कि थोड़ा पानी की गहराई नाप ली जाए, जिससे पूजा के दिन आई महिलाओं को इसकी जानकारी दी जा सके। ओम जैसे ही थोड़ा आगे बढ़ा कि अचानक डूबने लगा।
ओम को डूबता देख उसे बचाने के लिए सुजीत और हिमांशु भी पानी में कूद पड़े। पानी बहुत गहरा था, जिसमें ये दोनों भी डूबने लगे। हिमांशु तो किसी तरह बच गया, लेकिन सुजीत और ओम पानी में डूबने-उतराने लगे। यह देख पास में ही स्नान कर रही महिलाओं ने साड़ी फेंकी, लेकिन दोनों साड़ी नहीं पकड़ पाए और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गए।
सूचना मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम
इधर, घटना में बाल-बाच बचे हिमांशु ने मोबाइल से घटना की सूचना परिजनों को दी जिसके बाद तो कोहराम मच गया। कुछ देर बाद ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और दोनों डूबे चाचा-भतीजे की तलाश में जुट गए। सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई और खोजबीन करने लगी।
सुबह करीब 10.30 बजे सुजीत गिरी और 11.30 बजे ओम को पानी से अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष संपूर्णानंद राय ने बताया कि दोनों शवों को पंचनामा के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
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