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ठंड से दो किसानों की गई जान
गाजीपुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 01:12 AM IST
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शनिवार की सुबह वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर कोहरे के बीच जाता वाहन।
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थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांव में शुक्रवार की देर रात ठंड लगने से दो किसानों की मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने प्रशासन एवं पुलिस को सूचना दिए बिना ही उनका अंतिम संस्कार कर दिए।पटकानियां गांव निवासी चौहान यादव (60) शाम अपने खेत में आलू की सिंचाई करने गए थे। सिंचाई के दौरान ही उनके शरीर में कंपकंपी शुरू हो गई। वह सिंचाई छोड़कर खेत से घर वापस आए और अचेत हो गिर पड़े।
यह देख परिवार के सदस्य आनन-फानन उन्हें चिकित्सक के पास ले गए। लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी तरफ युवराजपुर गांव निवासी पेशकार सिंह (62) भी रोज की तरह शाम को फसल की देखभाल करने खेत पर गए थे। खेत पहुंचने पर उन्हें ठंड लगने लगी।वह खेत पर ही अलाव जलाकर ठंड से बचाव का प्रयास करने लगे। इसके बाद वह अपने घर चले आए। घर पहुंचने के बाद भी कंपकंपी के साथ ही पेट में दर्द शुरू हो गया। इससे वह बेसुध होकर घर में गिर पड़े। परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए चिकित्सक के यहां ले गए, उन्हें भी चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
उनका भी अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसानों की मौत के संबंध में जमानिया के उपजिलाधिकारी राजकुमार ने कहा कि अब तक ठंड से मरने की सूचना नहीं मिली है। जब तक मृत व्यक्ति का पोस्टमार्टम नहीं होगा। तबतक यह पुिष्ट नहीं होती कि उसकी मौत का कारण क्या है ? ऐसे में उन्हें आर्थिक सहायता दे पाना कठिन होता है।
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थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांव में शुक्रवार की देर रात ठंड लगने से दो किसानों की मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने प्रशासन एवं पुलिस को सूचना दिए बिना ही उनका अंतिम संस्कार कर दिए।पटकानियां गांव निवासी चौहान यादव (60) शाम अपने खेत में आलू की सिंचाई करने गए थे। सिंचाई के दौरान ही उनके शरीर में कंपकंपी शुरू हो गई। वह सिंचाई छोड़कर खेत से घर वापस आए और अचेत हो गिर पड़े।
यह देख परिवार के सदस्य आनन-फानन उन्हें चिकित्सक के पास ले गए। लेकिन चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी तरफ युवराजपुर गांव निवासी पेशकार सिंह (62) भी रोज की तरह शाम को फसल की देखभाल करने खेत पर गए थे। खेत पहुंचने पर उन्हें ठंड लगने लगी।वह खेत पर ही अलाव जलाकर ठंड से बचाव का प्रयास करने लगे। इसके बाद वह अपने घर चले आए। घर पहुंचने के बाद भी कंपकंपी के साथ ही पेट में दर्द शुरू हो गया। इससे वह बेसुध होकर घर में गिर पड़े। परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए चिकित्सक के यहां ले गए, उन्हें भी चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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उनका भी अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसानों की मौत के संबंध में जमानिया के उपजिलाधिकारी राजकुमार ने कहा कि अब तक ठंड से मरने की सूचना नहीं मिली है। जब तक मृत व्यक्ति का पोस्टमार्टम नहीं होगा। तबतक यह पुिष्ट नहीं होती कि उसकी मौत का कारण क्या है ? ऐसे में उन्हें आर्थिक सहायता दे पाना कठिन होता है।
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