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गाजीपुरः तालाब में डूबने से दो चचेरे भाईयों की मौत, मासूमों की मौत से शोक में डूबा गांव, छाया मातमी सन्नाटा
Mon, 19 Apr 2021 04:51 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 19 Apr 2021 04:51 PM IST
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मृतक, फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर के कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के साधापुर गांव में रविवार की देर शाम खेलते समय दो चचेरे भाईयों की घर के पीछे तालाब में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सोमवार को परिवार के सदस्यों ने पुलिस को सूचना दिए बिना दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर दोनों मासूमों की मौत से पूरे गांव में शोक है। घटना के दूसरे दिन घरों में मातम छाया रहा।
गांव निवासी अवनीश सिंह अपने पिता श्यामनारायण सिंह एवं पत्नी श्वेता सिंह का ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन करने कासिमाबाद विकासखंड मुख्यालय आए थे। नामांकन करने के बाद देर शाम घर पहुंचकर आराम करने लगे। शाम में अवनीश प्रताप सिंह का पुत्र आशार्य (3) उन्हें जगाने लगा। पिता की नींद नहीं टूटने पर अपने चचरे भाई आर्यांत ( 3) पिता अमित प्रताप के साथ घर के पीछे गाय के बछड़े के साथ खेलने के लिए चले गए।
खेलते-खेलते दोनों मासूम तालाब में डूब गए। करीब दो घंटे बाद घर की महिलाएं दोनों मासूमों की तलाश करने में जुट गई। दोनों के घर से लापता होने की जानकारी होने पर परिवार के अन्य लोग इधर-उधर तलाश करने में जुट गए। तभी परिजनों ने दोनों का शव तालाब में उतराया देखा तो चीखने लगे। आवाज सुनकर ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे और दोनों मासूमों को पानी से बाहर निकालकर उपचार के लिए मऊ स्थित निजी अस्पताल ले गए।
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जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों मासूमों का शव घर पहुंचते ही परिवार की महिलाएं दहाड़े मारकर रोने-बिलखने लगी। घटना के दूसरे दिन परिवार के लोगों ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव निवासी अवनीश सिंह अपने पिता श्यामनारायण सिंह एवं पत्नी श्वेता सिंह का ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन करने कासिमाबाद विकासखंड मुख्यालय आए थे। नामांकन करने के बाद देर शाम घर पहुंचकर आराम करने लगे। शाम में अवनीश प्रताप सिंह का पुत्र आशार्य (3) उन्हें जगाने लगा। पिता की नींद नहीं टूटने पर अपने चचरे भाई आर्यांत ( 3) पिता अमित प्रताप के साथ घर के पीछे गाय के बछड़े के साथ खेलने के लिए चले गए।
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खेलते-खेलते दोनों मासूम तालाब में डूब गए। करीब दो घंटे बाद घर की महिलाएं दोनों मासूमों की तलाश करने में जुट गई। दोनों के घर से लापता होने की जानकारी होने पर परिवार के अन्य लोग इधर-उधर तलाश करने में जुट गए। तभी परिजनों ने दोनों का शव तालाब में उतराया देखा तो चीखने लगे। आवाज सुनकर ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे और दोनों मासूमों को पानी से बाहर निकालकर उपचार के लिए मऊ स्थित निजी अस्पताल ले गए।
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जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों मासूमों का शव घर पहुंचते ही परिवार की महिलाएं दहाड़े मारकर रोने-बिलखने लगी। घटना के दूसरे दिन परिवार के लोगों ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
मां-बाप का एकलौता पुत्र था आर्यांत
कासिमाबाद के तालाब में डूबकर आर्यांत की मौत की घटना से पिता अमित प्रताप सिंह और मां रागनी प्रताप सिंह अपने पुत्र के शव को सीने से लगाकर बिलख उठे, यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा फट गया। अपने एकलौते पुत्र को खो चुके मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इधर आशार्य के पिता अवनीश प्रताप सिंह और मां श्वेता सिंह के बिलखने से पूरे परिवार में मातम पसर गया था। वहीं दोनों मासूमों के दादा श्यामनारायण सिंह के आंखों के आंसू नहीं थम रहे थे। ग्रामीण किसी तरह परिवार के लोगों को सात्वंना देकर शांत कराने में लगे थे।
कासिमाबाद के तालाब में डूबकर आर्यांत की मौत की घटना से पिता अमित प्रताप सिंह और मां रागनी प्रताप सिंह अपने पुत्र के शव को सीने से लगाकर बिलख उठे, यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों का कलेजा फट गया। अपने एकलौते पुत्र को खो चुके मां-बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
इधर आशार्य के पिता अवनीश प्रताप सिंह और मां श्वेता सिंह के बिलखने से पूरे परिवार में मातम पसर गया था। वहीं दोनों मासूमों के दादा श्यामनारायण सिंह के आंखों के आंसू नहीं थम रहे थे। ग्रामीण किसी तरह परिवार के लोगों को सात्वंना देकर शांत कराने में लगे थे।