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एक हफ्ते से फुंका है ट्रांसफार्मर, अंधेरे में रह रहे नगरवासी
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दिलदारनगर। नगर पंचायत में पिछले एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर फुंका हुआ है। 250 से अधिक परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लोग लंबे समय से बिजली अनापूर्ति का दंश झेलते आ रहे हैं। आए दिन तकनीकी खराबी के कारण नगर में बिजली गुल हो जाती है।
विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि हफ्तेभर पहले फुंका ट्रांसफार्मर अभी तक दुरूस्त नहीं कराया जा सका है। इसके मरम्मत की बात तो दूर, इतने दिन बाद भी ट्रांसफार्मर को मौके से उठाकर ले जाने तक की फुर्सत विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के पास नहीं है। इस वजह से इलाके में हजारों की आबादी रात के समय प्रकाश के साथ ही पानी तक के लिए तरस गई है। विभागीय उदासीनता से इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बिजली न रहने से बाजार की दर्जनों दुकानें और आस-पास के इलाके में बिजली आपूर्ति बंद होने से एक सप्ताह से अंधेरा पसरा हुआ है। क्योंकि यहां 250 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक हुआ है। आलम यह है कि बिजली से चलने वाले उपकरण बंद हैं। गर्मी व उमस के बीच पंखा, कूलर, इनवर्टर आदि शो पीस बने हुए हैं। बिजली न रहने से शुद्ध पानी तक के लिए लोग भटक रहे हैं। इलाके के लोगों ने इस संबंध में कई बार विभागीय अफसरों को सूचित किया, लेकिन नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर लोगों की समस्या दूर करने पर किसी ने गंभीरता से विचार तक नहीं किया है।
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कई गांवों में बिजली नहीं
दिलदारनगर। नगर में स्थित विद्युत उपकेंद्र पर तकनीकी खराबी की वजह से नगर समेत इलाके के 12 से अधिक गांवों मेें ांटों से बिजली आपूर्ति ठप है। एक तरफ दिलदारनगर और उससे गांव के अलावा आस-पास के दर्जनभर गांवों में बिजली की आपूर्ति ठप रहने से इलाके के उद्योग-धंधों पर संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर, लोग रात के समय अंधेरे में मच्छरों के प्रकोप से जूझने के लिए विवश हैं। गर्मी के मौसम में बिजली गुल होने से जीवन कष्टकारी हो गया है। बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था पर इलाके के लोगों में आक्रोश गहरा रहा है। उनका कहना है कि विभागीय उदासीनता पर कभी भी लोग सड़क पर उतर सकते हैं और इसकी पूरी जिम्मेवारी विभागीय अधिकारियों की होगी।
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विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि हफ्तेभर पहले फुंका ट्रांसफार्मर अभी तक दुरूस्त नहीं कराया जा सका है। इसके मरम्मत की बात तो दूर, इतने दिन बाद भी ट्रांसफार्मर को मौके से उठाकर ले जाने तक की फुर्सत विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के पास नहीं है। इस वजह से इलाके में हजारों की आबादी रात के समय प्रकाश के साथ ही पानी तक के लिए तरस गई है। विभागीय उदासीनता से इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
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बिजली न रहने से बाजार की दर्जनों दुकानें और आस-पास के इलाके में बिजली आपूर्ति बंद होने से एक सप्ताह से अंधेरा पसरा हुआ है। क्योंकि यहां 250 केवीए का ट्रांसफार्मर फुंक हुआ है। आलम यह है कि बिजली से चलने वाले उपकरण बंद हैं। गर्मी व उमस के बीच पंखा, कूलर, इनवर्टर आदि शो पीस बने हुए हैं। बिजली न रहने से शुद्ध पानी तक के लिए लोग भटक रहे हैं। इलाके के लोगों ने इस संबंध में कई बार विभागीय अफसरों को सूचित किया, लेकिन नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर लोगों की समस्या दूर करने पर किसी ने गंभीरता से विचार तक नहीं किया है।
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कई गांवों में बिजली नहीं
दिलदारनगर। नगर में स्थित विद्युत उपकेंद्र पर तकनीकी खराबी की वजह से नगर समेत इलाके के 12 से अधिक गांवों मेें ांटों से बिजली आपूर्ति ठप है। एक तरफ दिलदारनगर और उससे गांव के अलावा आस-पास के दर्जनभर गांवों में बिजली की आपूर्ति ठप रहने से इलाके के उद्योग-धंधों पर संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर, लोग रात के समय अंधेरे में मच्छरों के प्रकोप से जूझने के लिए विवश हैं। गर्मी के मौसम में बिजली गुल होने से जीवन कष्टकारी हो गया है। बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था पर इलाके के लोगों में आक्रोश गहरा रहा है। उनका कहना है कि विभागीय उदासीनता पर कभी भी लोग सड़क पर उतर सकते हैं और इसकी पूरी जिम्मेवारी विभागीय अधिकारियों की होगी।