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विभाग छोड़ चुके बाबू का किया स्थानांतरण
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:58 PM IST
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राजकीय पालिटेक्निक कालेज से बाबू का किया गया स्थानांतरण लिस्ट।
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भ्रष्ट कर्मचारियों को बचाने के नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। राजकीय पालीटेक्निक कॉलेज में एक बाबू का तबादला रोकने के लिए एक ऐसे कर्मचारी का स्थानांतरण सोनभद्र कर दिया गया, जो करीब दस साल पहले नौकरी छोड़ चुका है।
विभाग की मानें तो राजकीय पालीटेक्निक कालेज में पिछले कई सालों से जमे दो बाबुओं (कर्मशाला अनुदेशक) का इस साल तबादला होना था, लेकिन एक बाबू का तबादला रोकने के लिए विभाग ने दस साल पहले तैनात बाबू का नाम सूची में शामिल कराकर चहेते बाबू का बचा लिया। मामला प्रकाश में आते ही विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद हराम है। इस संबंध में निदेशक ने विभाग के कर्मचारियों से जवाब तलब किया है।
प्राविधिक शिक्षा (डिप्लोमा सेक्टर) उत्तर प्रदेश के नियंत्रणाधीन राजकीय पालीटेक्निक अंतर्गत समूह ‘ग’ श्रेणी में तैनात कर्मचारियों का 30 जून 2017 को स्थानांतरण कर दूसरे जिलों में भेजा गया है। कर्मचारियों का तबादला प्राविधिक शिक्षा निदेशक कफील अहमद ने किया है। इसके तहत कुल 17 कर्मचारियों को प्रदेश में इधर से उधर किया गया है।
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जिसमें गाजीपुर के भी दो बाबू शामिल हैं। लंबे समय से यहां जमे कर्मशाला अनुदेशक श्याम कुमार शर्मा का तबादला एमएमआईटी कुशीनगर तथा रामाश्रय राम को राजकीय पालीटेक्निक कालेज सोनभद्र भेजा गया है। कर्मशाला अनुदेशक रहे रामाश्रय राम को विभाग छोड़े लगभग दस साल हो चुके हैं। वर्तमान में वह किसी अन्य विभाग में जेई के पद पर तैनात हैं। जानकारों का मानना है कि राजकीय पालीटेक्निक कालेज में वर्ष 2004 से जमे कर्मशाला अनुदेशक को बचाने के लिए यह खेल खेला गया है। चर्चा यह भी है कि खेल में लेन-देन हुआ है।
सूबे के विभिन्न कर्मशाला अनुदेशकों का स्थानांतरण प्राविधिक शिक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश के निदेशक काफील अहमद ने किया है। जिसमें प्रदेश के 16 कर्मशाला अनुदेशकों के साथ एक कुशल कारीगर भी शामिल हैं। स्थानांतरण के साथ सभी प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों को अविलंब कार्यमुक्त कर नये तैनाती स्थान पर भेजा जाए। आदेश न मानने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। जिन कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके अनुरोध पर हुआ है, उन्हें किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
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विभाग की मानें तो राजकीय पालीटेक्निक कालेज में पिछले कई सालों से जमे दो बाबुओं (कर्मशाला अनुदेशक) का इस साल तबादला होना था, लेकिन एक बाबू का तबादला रोकने के लिए विभाग ने दस साल पहले तैनात बाबू का नाम सूची में शामिल कराकर चहेते बाबू का बचा लिया। मामला प्रकाश में आते ही विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद हराम है। इस संबंध में निदेशक ने विभाग के कर्मचारियों से जवाब तलब किया है।
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प्राविधिक शिक्षा (डिप्लोमा सेक्टर) उत्तर प्रदेश के नियंत्रणाधीन राजकीय पालीटेक्निक अंतर्गत समूह ‘ग’ श्रेणी में तैनात कर्मचारियों का 30 जून 2017 को स्थानांतरण कर दूसरे जिलों में भेजा गया है। कर्मचारियों का तबादला प्राविधिक शिक्षा निदेशक कफील अहमद ने किया है। इसके तहत कुल 17 कर्मचारियों को प्रदेश में इधर से उधर किया गया है।
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जिसमें गाजीपुर के भी दो बाबू शामिल हैं। लंबे समय से यहां जमे कर्मशाला अनुदेशक श्याम कुमार शर्मा का तबादला एमएमआईटी कुशीनगर तथा रामाश्रय राम को राजकीय पालीटेक्निक कालेज सोनभद्र भेजा गया है। कर्मशाला अनुदेशक रहे रामाश्रय राम को विभाग छोड़े लगभग दस साल हो चुके हैं। वर्तमान में वह किसी अन्य विभाग में जेई के पद पर तैनात हैं। जानकारों का मानना है कि राजकीय पालीटेक्निक कालेज में वर्ष 2004 से जमे कर्मशाला अनुदेशक को बचाने के लिए यह खेल खेला गया है। चर्चा यह भी है कि खेल में लेन-देन हुआ है।
सूबे के विभिन्न कर्मशाला अनुदेशकों का स्थानांतरण प्राविधिक शिक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश के निदेशक काफील अहमद ने किया है। जिसमें प्रदेश के 16 कर्मशाला अनुदेशकों के साथ एक कुशल कारीगर भी शामिल हैं। स्थानांतरण के साथ सभी प्रधानाचार्य को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों को अविलंब कार्यमुक्त कर नये तैनाती स्थान पर भेजा जाए। आदेश न मानने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। जिन कर्मचारियों का स्थानांतरण उनके अनुरोध पर हुआ है, उन्हें किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।