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तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशिक्षित डाक्टर तैयार
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा छह माह पूर्व से ही तैयारियों जुटा हुआ है। डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ऑक्सीजन टेक्नीशियन को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही ड्यूटी लगाने के लिए सूची तैयार कर ली गई है। इसके अलावा पूर्वाभ्यास कर तैयारियों को पूर्ण करने का काम समय-समय पर किया जा रहा है, जिससे किसी भी विकट परिस्थितियों से आसानी से निपटा जा सके।
कोरोना के पहली और दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग करीब छह पूर्व ही तैयारियों में जुट चुका था। सबसे पहले तो जिला और महिला अस्पताल में पीकू वार्ड स्थापित कराया गया। इसके बाद वहां तैनात चिकित्सकों की सूची बनाकर उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य किया किया गया। विभाग की ओर से चार माह पूर्व कार्यशाला का आयोजन सबसे पहले बाल रोग विशेषज्ञों को मरीजों के पहुुंचने और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके बाद सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। दूसरे चक्र में पैरामेडिकल स्टाफ एवं जनरल मेडिकल ऑफिसर को भी विशेष प्रशिक्षण देने का काम किया गया। विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो छह बाल रोग विशेषज्ञों, 50 पैरामेडिकल स्टाफ और 40 जनरल मेडिकल ऑफिसर को कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण का देने का काम किया गया है। इसमें इन्हें मरीजों के पहुंचने, उन्हें भर्ती करने, ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने और दवा संबंधित जानकारी दी गई है। साथ ही इन प्रशिक्षित डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के अभ्यास के लिए दो बार पूर्वाभ्यास भी कराया जा चुका है, जिससे किसी भी विकट परिस्थितियों से निपटा जा सके।
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हृदय रोग विशेषज्ञ की नहीं है तैनाती
गाजीपुर। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चेस्ट फिजिशियन को ही विशेष प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित करने का काम किया गया है, जिससे मरीजों के आने पर उन्हें अन्यत्र जनपदों के लिए रेफर न करना पड़े। साथ ही पूर्व में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी कोरोना संक्रमण काल में लगी थी, उनकी सूची भी तैयार की जा रही है, जिससे किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
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डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही अभ्यास के लिए दो बार पूर्वाभ्यास भी कराया जा चुका है। मरीजों के बढ़ने पर अन्य चिकित्सकों को उपचार के लिए लगाया जाएगा।- डॉ. उमेश कुमार, एसीएमओ नोडल
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कोरोना के पहली और दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग करीब छह पूर्व ही तैयारियों में जुट चुका था। सबसे पहले तो जिला और महिला अस्पताल में पीकू वार्ड स्थापित कराया गया। इसके बाद वहां तैनात चिकित्सकों की सूची बनाकर उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य किया किया गया। विभाग की ओर से चार माह पूर्व कार्यशाला का आयोजन सबसे पहले बाल रोग विशेषज्ञों को मरीजों के पहुुंचने और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके बाद सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। दूसरे चक्र में पैरामेडिकल स्टाफ एवं जनरल मेडिकल ऑफिसर को भी विशेष प्रशिक्षण देने का काम किया गया। विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो छह बाल रोग विशेषज्ञों, 50 पैरामेडिकल स्टाफ और 40 जनरल मेडिकल ऑफिसर को कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण का देने का काम किया गया है। इसमें इन्हें मरीजों के पहुंचने, उन्हें भर्ती करने, ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने और दवा संबंधित जानकारी दी गई है। साथ ही इन प्रशिक्षित डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के अभ्यास के लिए दो बार पूर्वाभ्यास भी कराया जा चुका है, जिससे किसी भी विकट परिस्थितियों से निपटा जा सके।
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हृदय रोग विशेषज्ञ की नहीं है तैनाती
गाजीपुर। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चेस्ट फिजिशियन को ही विशेष प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित करने का काम किया गया है, जिससे मरीजों के आने पर उन्हें अन्यत्र जनपदों के लिए रेफर न करना पड़े। साथ ही पूर्व में जिन डॉक्टरों की ड्यूटी कोरोना संक्रमण काल में लगी थी, उनकी सूची भी तैयार की जा रही है, जिससे किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
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डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही अभ्यास के लिए दो बार पूर्वाभ्यास भी कराया जा चुका है। मरीजों के बढ़ने पर अन्य चिकित्सकों को उपचार के लिए लगाया जाएगा।- डॉ. उमेश कुमार, एसीएमओ नोडल