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स्वामी विवेकानंद को बताया हर युग में प्रासंगिक
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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के ध्वज वाहक स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर विवेकानंद पार्क में माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । गोष्ठी में महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके विचार कल भी प्रासंगिक थे और आज भी प्रासंगिक हैं। जब इस देश में जातिवाद और सांप्रदायिकता चरम सीमा पर है ऐसे दौर में स्वामी विवेकानंद के रास्ते पर चलकर ही देश में सुख-शांति स्थापित की जा सकती है। वह भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विश्वघोष करने वाले युवाओं के प्रेरणास्त्रोत थे।
उन्होंने कहा था कि जागो, उठो और तब तक आगे बढ़ो जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। उनके बताए रास्ते पर चलकर देश की संस्कृति एवं सभ्यता की रक्षा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव, श्रीकांत तिवारी, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, अमरनाथ श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, अमर सिंह राठौर, कौशल श्रीवास्तव, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन शैल श्रीवास्तव ने किया।
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उन्होंने कहा था कि जागो, उठो और तब तक आगे बढ़ो जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। उनके बताए रास्ते पर चलकर देश की संस्कृति एवं सभ्यता की रक्षा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव अरुण कुमार श्रीवास्तव, श्रीकांत तिवारी, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, अमरनाथ श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव, अमर सिंह राठौर, कौशल श्रीवास्तव, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन शैल श्रीवास्तव ने किया।
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