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पौने सत्रह हजार में 3 फीसदी ही पूरी कर पाए दौड़
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sat, 14 Feb 2015 11:04 PM IST
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देश की आन-बान और शान की रक्षा के लिए पीजी कालेज के मैदान में आयोजित सेना
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भर्ती के महाकुंभ में शनिवार को दूसरे दिन गाजीपुर के युवकों का रेला
उमड़ा। आरटीआई से टोकन हासिल कर पीजी कालेज के मैदान में हुए विभिन्न
चक्रों की दौड़ में कुल 16699 युवकों ने दौड़ में भाग लिया।
इनमें महज 507 (3.036 फीसदी) ही युवक दौड़ में सफल हो सके जबकि छंटनी के बाद 16192 युवकों को बाहर जाना पड़ा। दौड़ में सफल हुए युवकों की लंबी कूद, बीम खींचने, सपाट मारने तथा नापजोख की प्रक्रिया पूरी करने में सेना के अधिकारी पसीना बहा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
सेना भर्ती का महाकुंभ शुक्रवार को ही शुरू हो गया था। पहले दिन जौनपुर के 13959 युवकों ने चितकबरी वर्दी के लिए अपनी किस्मत आजमाई थी लेकिन दौड़ में महज 824 (छह फीसदी) ही युवक सफल हो सके थे। शनिवार को दूसरे दिन गाजीपुर के युवकों की भर्ती का समय निर्धारित किया था। इसके लिए बीते शुक्रवार की दोपहर बाद से ही युवकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था।
रात होते ही जिले के विभिन्न हिस्सों से युवकों का रेला ही उमड़ पड़ा। रात बारह बजे के बाद से ही टोकन हासिल करने के लिए युवक आरटीआई मैदान में प्रतीक्षा करने लगे। भोर में चार बजे से टोकन बांटना शुरू किया गया। टोकन हासिल कर युवक कृषि विज्ञान केंद्र के मैदान में पहुंचे। जहां से चक्रवार उन्हें दौड़ में शामिल होने के लिए पीजी कालेज के मैदान में भेजा गया। यहां विभिन्न चक्रों में शाम करीब चार बजे तक चली दौड़ में कुल 16699 युवक शामिल हुए, जिसमें महज 507 ही युवक सफल हुए जबकि 16192 युवक असफल हो गए।
इनमें अधिकतर युवा पहले चक्र में ही इतने पिछड़ गए कि उन्हें बाहर जाना पड़ा जबकि कई युवक एक-दो सेकेंड में पीछे रहने से छंट गए। असफल युवकों को कतारबद्ध तरीके से पीजी कालेज के मैदान से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस की घेरेबंदी में इन युवकों को ट्रकों में बैठाकर सिटी रेलवे स्टेशन छोड़ा गया। सेना भर्ती बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के निदेशक कर्नल विनीत प्रभात ने बताया कि दौड़ में सफल हुए युवकों की समस्त प्रक्रियाओं का टेस्ट लिया जा रहा है।
भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष एवं कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही है। उन्होंने भर्ती में शामिल होने आ रहे युवकों से शांति बनाए रखने तथा भर्ती में सफल होने के लिए अंतिम क्षण तक प्रयास करने का सुझाव दिया है। ताकीद किया है कि उपद्रव या फिर गड़बड़ी करने की कोशिश करने वाला कोई भी युवक सेना और पुलिस प्रशासन की नजरों से बच नहीं पाएगा। इसके लिए सीसी कैमरों से भी निगहबानी की जा रही है।
आज गाजीपुर, कल बलिया की बारी
पीजी कालेज के मैदान पर रविवार को भी गाजीपुर के ही युवकों की भर्ती की जाएगी। इसमें सैनिक जनरल ड्यूटी और सैनिक ट्रेडमैन के पद पर युवक अपनी किस्मत आजमाएंगे। 16 फरवरी को बलिया के युवकों को भर्ती का मौका दिया गया है। इसमें सैनिक जनरल ड़्यूटी, सैनिक तकनीकी, सैनिक क्लर्क/ स्टोर कीपर, सैनिक ट्रेडमैन, सैनिक तकनीकी सहायक नर्सिगिं/ वेटरिनरी पद पर युवकों की भर्ती की जाएगी।
इनमें महज 507 (3.036 फीसदी) ही युवक दौड़ में सफल हो सके जबकि छंटनी के बाद 16192 युवकों को बाहर जाना पड़ा। दौड़ में सफल हुए युवकों की लंबी कूद, बीम खींचने, सपाट मारने तथा नापजोख की प्रक्रिया पूरी करने में सेना के अधिकारी पसीना बहा रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
सेना भर्ती का महाकुंभ शुक्रवार को ही शुरू हो गया था। पहले दिन जौनपुर के 13959 युवकों ने चितकबरी वर्दी के लिए अपनी किस्मत आजमाई थी लेकिन दौड़ में महज 824 (छह फीसदी) ही युवक सफल हो सके थे। शनिवार को दूसरे दिन गाजीपुर के युवकों की भर्ती का समय निर्धारित किया था। इसके लिए बीते शुक्रवार की दोपहर बाद से ही युवकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था।
रात होते ही जिले के विभिन्न हिस्सों से युवकों का रेला ही उमड़ पड़ा। रात बारह बजे के बाद से ही टोकन हासिल करने के लिए युवक आरटीआई मैदान में प्रतीक्षा करने लगे। भोर में चार बजे से टोकन बांटना शुरू किया गया। टोकन हासिल कर युवक कृषि विज्ञान केंद्र के मैदान में पहुंचे। जहां से चक्रवार उन्हें दौड़ में शामिल होने के लिए पीजी कालेज के मैदान में भेजा गया। यहां विभिन्न चक्रों में शाम करीब चार बजे तक चली दौड़ में कुल 16699 युवक शामिल हुए, जिसमें महज 507 ही युवक सफल हुए जबकि 16192 युवक असफल हो गए।
इनमें अधिकतर युवा पहले चक्र में ही इतने पिछड़ गए कि उन्हें बाहर जाना पड़ा जबकि कई युवक एक-दो सेकेंड में पीछे रहने से छंट गए। असफल युवकों को कतारबद्ध तरीके से पीजी कालेज के मैदान से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस की घेरेबंदी में इन युवकों को ट्रकों में बैठाकर सिटी रेलवे स्टेशन छोड़ा गया। सेना भर्ती बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के निदेशक कर्नल विनीत प्रभात ने बताया कि दौड़ में सफल हुए युवकों की समस्त प्रक्रियाओं का टेस्ट लिया जा रहा है।
भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष एवं कड़ी सुरक्षा के बीच चल रही है। उन्होंने भर्ती में शामिल होने आ रहे युवकों से शांति बनाए रखने तथा भर्ती में सफल होने के लिए अंतिम क्षण तक प्रयास करने का सुझाव दिया है। ताकीद किया है कि उपद्रव या फिर गड़बड़ी करने की कोशिश करने वाला कोई भी युवक सेना और पुलिस प्रशासन की नजरों से बच नहीं पाएगा। इसके लिए सीसी कैमरों से भी निगहबानी की जा रही है।
आज गाजीपुर, कल बलिया की बारी
पीजी कालेज के मैदान पर रविवार को भी गाजीपुर के ही युवकों की भर्ती की जाएगी। इसमें सैनिक जनरल ड्यूटी और सैनिक ट्रेडमैन के पद पर युवक अपनी किस्मत आजमाएंगे। 16 फरवरी को बलिया के युवकों को भर्ती का मौका दिया गया है। इसमें सैनिक जनरल ड़्यूटी, सैनिक तकनीकी, सैनिक क्लर्क/ स्टोर कीपर, सैनिक ट्रेडमैन, सैनिक तकनीकी सहायक नर्सिगिं/ वेटरिनरी पद पर युवकों की भर्ती की जाएगी।