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UP News: टेंट कारोबारी दो भाइयों को अधमरा करने वाले तीन हमलावरों को खंभे से बांधकर पीटा, जमकर हुआ हंगामा
Mon, 01 Dec 2025 04:55 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 04:55 PM IST
सार
Ghazipur News: टेंट कारोबारी दो भाइयों की पिटाई करने के आरोपियों को ग्रामीणों ने पकड़कर खंभे से बांधकर पिटाई कर दी। इस दौरान पुलिस ने बीच- बचाव कर लोगों को शांत कराया और आरोपियों को लेकर थाने गई।
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पारा गांव खंभे में बांधकर ग्रामीणों की पीटाई में घायल हमलावर।
- फोटो : ग्रामीण
विस्तार
गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के पारा गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे तीन वाहनों से पहुंचे हमलावरों ने टेंट कारोबारी दो सगे भाइयों फखरूद्दीन और नजरूद्दीन की पिटाई कर उन्हें अधमरा कर दिया। शोर सुन ग्रामीण पहुंचे तो सभी हमलावर एक आरोपी के घर में घुस गए।
ग्रामीणों ने हमलावरों के तीनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह करीब छह बजे पहुंची पुलिस तीन हमलावरों जीशान, अली, मुस्तफा को पकड़ कर थाने ले गई। सुबह करीब 9 बजे तक घर में छिपा चौथा हमलावर याशीर जैसे ही बाइक लेकर भागने लगा तो ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके चार और साथी अभी घर में छिपे है। ग्रामीणों ने अब्दुल्ला और सैबुल्ला को पकड़ लिया, जबकि दो भाग गए। ग्रामीणों ने तीनों को खंभे से बांधकर पीटना शुरू कर दिया।
सूचना पर शहर कोतवाली, मुहम्मदाबाद कोतवाली, बिरनो थाना, कासिमाबाद कोतवाली और नोनहरा थाने की पुलिस पहुंच गई। हंगामे के दौरान पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। कासिमाबाद सीओ अनुभव राजर्षि और सदर एसडीएम रविश गुप्ता भी पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा- बुझाकर शांत कराया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
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इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे पुलिस तीनों आरोपियों को भी थाने ले आई। देर रात करीब नौ बजे टेंट कारोबारी के पिता अबुल हसन की तहरीर पर मुस्तफा खान, उसके दो पुत्रों जीशान, अली, शहर कोतवाली के बुजुर्गा निवासी याशीर व सैबुल्ला और गौसपुर निवासी अब्दुल्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं, पुलिस ने खंभे से बांधकर पीटने और हंगामा करने के मामले में अबुल हसन, उसके बेटे नजरूद्दीन उर्फ मोनू सहित अन्य ग्रामीणों पर भी प्राथमिकी दर्ज की है।
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ग्रामीणों ने हमलावरों के तीनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह करीब छह बजे पहुंची पुलिस तीन हमलावरों जीशान, अली, मुस्तफा को पकड़ कर थाने ले गई। सुबह करीब 9 बजे तक घर में छिपा चौथा हमलावर याशीर जैसे ही बाइक लेकर भागने लगा तो ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके चार और साथी अभी घर में छिपे है। ग्रामीणों ने अब्दुल्ला और सैबुल्ला को पकड़ लिया, जबकि दो भाग गए। ग्रामीणों ने तीनों को खंभे से बांधकर पीटना शुरू कर दिया।
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सूचना पर शहर कोतवाली, मुहम्मदाबाद कोतवाली, बिरनो थाना, कासिमाबाद कोतवाली और नोनहरा थाने की पुलिस पहुंच गई। हंगामे के दौरान पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। कासिमाबाद सीओ अनुभव राजर्षि और सदर एसडीएम रविश गुप्ता भी पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझा- बुझाकर शांत कराया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
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इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे पुलिस तीनों आरोपियों को भी थाने ले आई। देर रात करीब नौ बजे टेंट कारोबारी के पिता अबुल हसन की तहरीर पर मुस्तफा खान, उसके दो पुत्रों जीशान, अली, शहर कोतवाली के बुजुर्गा निवासी याशीर व सैबुल्ला और गौसपुर निवासी अब्दुल्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं, पुलिस ने खंभे से बांधकर पीटने और हंगामा करने के मामले में अबुल हसन, उसके बेटे नजरूद्दीन उर्फ मोनू सहित अन्य ग्रामीणों पर भी प्राथमिकी दर्ज की है।
एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर के अनुसार, पारा गांव के अबुल हसन ने बताया कि शनिवार को पड़ोस में रहने वाले किसान मुस्तफा खान के पुत्र जीशान से मेरे बेटे फखरूद्दीन से किसी बात पर कहासुनी हो गई थी। वहीं, पारा गांव के पास में बरात आई थी। वहां टेंट लगाने के बाद रविवार की सुबह 5 बजे दोनों बेटे घर पहुंचे थे।
आरोप है कि मुस्तफा खान ने अपने घर पर तीन गाड़ियों से कुछ लोगों को बुला लिया था। घटना से पहले मुस्तफा ने परिवार के अन्य सदस्यों को घर से दूसरी जगह भेज दिया था। बेटों को देखते ही मुस्तफा और अन्य हमलावरों ने रॉड-लॉठी से हमला कर दिया। शोर-शराबा होने पर गांव के लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े तो सभी हमलावर मुस्तफा के घर में घुस गए। वहीं, पुलिस को सूचना देकर दोनों बेटों को मेडिकल काॅलेज अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख फखरूद्दीन को वाराणसी रेफर कर दिया।
नजरूद्दीन का उपचार चल रहा है। अबुल हसन का आरोप है कि पुलिस मुस्तफा खान, जीशान और अली को पकड़ कर ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने बताया कि मुस्तफा के घर में और हमलावर छिपे हैं, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। इसके बाद घटना से आक्रोशित ग्रामीण घर को घेरकर खड़े रहे। सुबह करीब नौ बजे याशीर हेलमेट लगाकर बाइक से भागने की फिराक में बाहर निकला। ग्रामीणों ने उसे पकड़ कर पीट दिया। इसके बाद उसके दो और साथियों को भी पकड़ लिया।
पुलिस के सामने हमलावरों को पीटते रहे-500 से ज्यादा ग्रामीणों ने पुलिस के वाहन को घेर लिया। ग्रामीण बार- बार नोनहरा पुलिस से कह रहे थे कि अगर ठीक से घर की तलाशी लिए होते तो सभी हमलावर पकड़े जाते। जबतक अन्य थानों की पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंची थी, तब तक ग्रामीण तीनों हमलावरों को पीट रहे थे। नोनहरा पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी। यहीं नहीं ग्रामीणों के धक्का-मुक्की का भी नोनहरा पुलिस टीम को सामना करना पड़ा।
आरोप है कि मुस्तफा खान ने अपने घर पर तीन गाड़ियों से कुछ लोगों को बुला लिया था। घटना से पहले मुस्तफा ने परिवार के अन्य सदस्यों को घर से दूसरी जगह भेज दिया था। बेटों को देखते ही मुस्तफा और अन्य हमलावरों ने रॉड-लॉठी से हमला कर दिया। शोर-शराबा होने पर गांव के लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े तो सभी हमलावर मुस्तफा के घर में घुस गए। वहीं, पुलिस को सूचना देकर दोनों बेटों को मेडिकल काॅलेज अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख फखरूद्दीन को वाराणसी रेफर कर दिया।
नजरूद्दीन का उपचार चल रहा है। अबुल हसन का आरोप है कि पुलिस मुस्तफा खान, जीशान और अली को पकड़ कर ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने बताया कि मुस्तफा के घर में और हमलावर छिपे हैं, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। इसके बाद घटना से आक्रोशित ग्रामीण घर को घेरकर खड़े रहे। सुबह करीब नौ बजे याशीर हेलमेट लगाकर बाइक से भागने की फिराक में बाहर निकला। ग्रामीणों ने उसे पकड़ कर पीट दिया। इसके बाद उसके दो और साथियों को भी पकड़ लिया।
पुलिस के सामने हमलावरों को पीटते रहे-500 से ज्यादा ग्रामीणों ने पुलिस के वाहन को घेर लिया। ग्रामीण बार- बार नोनहरा पुलिस से कह रहे थे कि अगर ठीक से घर की तलाशी लिए होते तो सभी हमलावर पकड़े जाते। जबतक अन्य थानों की पुलिस घटना स्थल पर नहीं पहुंची थी, तब तक ग्रामीण तीनों हमलावरों को पीट रहे थे। नोनहरा पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी। यहीं नहीं ग्रामीणों के धक्का-मुक्की का भी नोनहरा पुलिस टीम को सामना करना पड़ा।
खंभे से बांधकर पीटने वालों को चिह्नित कर रही पुलिस
एएसपी ग्रामीण - एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने कहा कि पारा गांव की घटना को लेकर पुलिस छानबीन करने के साथ विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है। ग्रामीणों ने जैसे पुलिस को सूचना देकर तीन हमलावरों को पकड़वा दिया था। वैसे ही अन्य हमलावरों को पकड़ने के बाद पुलिस को सुपुर्द कर देते। लेकिन हमलावरों को खंभे से बांधकर मारने-पीटने की अनुमति कानून नहीं देता है। यह कार्य ग्रामीणों ने ठीक नहीं किया है। खंभे से बांधकर मारने-पीटने वाले कारोबारी के पिता अबू हसन, बेटे मोनू सहित अन्य ग्रामीणों पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई। अन्य ग्रामीणों को भी चिह्नित किया जाएगा। एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर बताया कि गांव में शांति व्यवस्था है। पुलिस टीमें लगा दी गई है। गांव के लोगों पर निगाह रखी जा रही है।
पारा गांव में चक्रमण कर रही पुलिस टीम
एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर बताया कि फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है। हालांकि पुलिस टीम लगा दी गई है। पुलिस गांव में लगातार चक्रमण कर रही है। गांव के प्रत्येक लोगों पर निगाह भी रखी जा रही है। पुलिस लगातार गांव में कैंप करने के साथ शांति व्यवस्था कायम करने में जुटी हुई है।
पारा गांव में चक्रमण कर रही पुलिस टीम
एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर बताया कि फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है। हालांकि पुलिस टीम लगा दी गई है। पुलिस गांव में लगातार चक्रमण कर रही है। गांव के प्रत्येक लोगों पर निगाह भी रखी जा रही है। पुलिस लगातार गांव में कैंप करने के साथ शांति व्यवस्था कायम करने में जुटी हुई है।