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ठोकर गंगा में विलीन
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:35 PM IST
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मुहम्मबाद के सेमरा गंगा कटान में बहा ठोकर।अमर उजाला
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सेमरा और शिवराय का पुरा में गांव को बचाने के लिए बना ठोकर गुरुवार की सुबह तेज कटान के कारण 35 मीटर दूरी तक गंगा में समा गया। इससे इन गांवों में अफरा तफरी मच गई। ठोकर के पास बसे दीनानाथ राय की रिहायशी झोपड़ी भी कटान की भेंट चढ़ गई।
2013 में शिवराय का पुरा और सेमरा गांव को बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से गंगा के किनारे 1560 मीटर ठोकर बनाया गया था। जबकि इसके निर्माण के दौरान ठेकेदारों द्वारा मानक की अनदेखी करने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। लेकिन उनकी आवाज अनसुनी कर दी गई। ठोकर निर्माण के बाद गांव के लोगों को आशा थी कि कटान से उन्हें निजात मिल जाएगी और उनका आशियाना सुरक्षित हो गया।
लेकिन इस वर्ष की बाढ़ में जगह-जगह बनाए गए ठोकर कटान की भेंट चढ़ते गए। पिछले दिनों ठोकर का बहुत बडा भू-भाग गंगा की धाराओं मे विलीन होने के बाद जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने कटान क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बह गए ठोकर की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन कटान हो रहा है।
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2013 में शिवराय का पुरा और सेमरा गांव को बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से गंगा के किनारे 1560 मीटर ठोकर बनाया गया था। जबकि इसके निर्माण के दौरान ठेकेदारों द्वारा मानक की अनदेखी करने की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। लेकिन उनकी आवाज अनसुनी कर दी गई। ठोकर निर्माण के बाद गांव के लोगों को आशा थी कि कटान से उन्हें निजात मिल जाएगी और उनका आशियाना सुरक्षित हो गया।
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लेकिन इस वर्ष की बाढ़ में जगह-जगह बनाए गए ठोकर कटान की भेंट चढ़ते गए। पिछले दिनों ठोकर का बहुत बडा भू-भाग गंगा की धाराओं मे विलीन होने के बाद जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने कटान क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बह गए ठोकर की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजतन कटान हो रहा है।
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