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Ghazipur News: 63 घंटे बाद भी खलासी का नहीं चला पता, तलाश जारी
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वीर अब्दुल हमीद सेतु के पास गंगा में खलासी बिट्ठल गुप्ता की तलाशी करती एसडीआरएफ व स्थानीय गोताख
सुहवल। वीर अब्दुल हमीद सेतु पर सब्जी लदे पिकअप को टक्कर मारने के बाद रेलिंग तोड़ते हुए गंगा में ट्रेलर गिर गया था। हादसे के 63 घंटे बाद भी लापता खलासी बिट्ठल गुप्ता का पता नहीं चल सका। जबकि एसडीआरएफ की टीम ने करीब 35 किमी तक खोजबीन कर चुकी है, बावजूद सफलता नहीं मिल सकी है। इधर, पुत्र के मिलने की आस लगाए पिता संजय गुप्ता रितेदारों के साथ सुबह से शाम तक घाट पर बैठे रहे, लेकिन पता न चलने उनके चेहरे पर मायूसी व पुत्र के खोने का गम आंखों में साफ झलक रहा था।
सुबह 10 बजे से ही एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर गंगा में उतरी और अभियान को शुरू कर दी। अंधेरा होने तक टीम कभी गौसपुर तक तो कभी पिलरों के आसपास और घाटों पर लगातार तलाशी अभियान में जुटी रही। गंगा नदी में 35 किलोमीटर तक की गहन खोजबीन करने के बावजूद तेज बहाव और गहराई को देखते हुए कभी थंडरिंग, तो कभी कांटेदार सर्च और स्कूबा तकनीक का सहारा लिया, लेकिन खलासी बिट्ठल गुप्ता का पता नहीं चला सका।
इधर प्रत्येक सुबह ही घाट पर पहुंचकर पिता संजय गुप्ता रिश्तेदारों के साथ अपने पुत्र के मिलने की आस लगाए घाटों पर बैठे हुए थे। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि खलासी का अब तक पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ की टीम लगातार अभियान चलाकर तलाश में जुटी हुई है। गोताखोरों ने भी पूरी ताकत लगा दी है।
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सुबह 10 बजे से ही एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर गंगा में उतरी और अभियान को शुरू कर दी। अंधेरा होने तक टीम कभी गौसपुर तक तो कभी पिलरों के आसपास और घाटों पर लगातार तलाशी अभियान में जुटी रही। गंगा नदी में 35 किलोमीटर तक की गहन खोजबीन करने के बावजूद तेज बहाव और गहराई को देखते हुए कभी थंडरिंग, तो कभी कांटेदार सर्च और स्कूबा तकनीक का सहारा लिया, लेकिन खलासी बिट्ठल गुप्ता का पता नहीं चला सका।
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इधर प्रत्येक सुबह ही घाट पर पहुंचकर पिता संजय गुप्ता रिश्तेदारों के साथ अपने पुत्र के मिलने की आस लगाए घाटों पर बैठे हुए थे। थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि खलासी का अब तक पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ की टीम लगातार अभियान चलाकर तलाश में जुटी हुई है। गोताखोरों ने भी पूरी ताकत लगा दी है।
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