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Ghazipur News: 56 दिन में सुनाई मासूम के दुष्कर्मी को बीस वर्ष की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बृहस्पतिवार को पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में 56 दिनों में सुनवाई करने के साथ आरोपी को 20 साल की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार शादियाबाद थाना के एक गांव के एक व्यक्ति ने तहरीर दी कि बीते 26 जून को उसकी पांच वर्षीय भतीजी घर के पास दुकान पर जा रही थी। पड़ोस का ही बृजेश कुमार शराब के नशे में था और भतीजी को उठा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। सूचना पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और जेल भेज दिया।
बच्ची के मेडिकल परीक्षण और बयान के बाद न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र बीते 13 जुलाई को पेश किया। न्यायालय में बीते 27 जुलाई को आरोपी के विरुद्ध आरोप तय हुआ और विचारण में बीते एक अगस्त से कार्रवाई शुरू हुई। अभियोजन की तरफ विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल पांच गवाहों को पेश किया।
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सभी ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने कुल 56 दिनों में उपरोक्त फैसला सुनाया और आरोपी को जेल भेज दिया।
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गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने बृहस्पतिवार को पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में 56 दिनों में सुनवाई करने के साथ आरोपी को 20 साल की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार शादियाबाद थाना के एक गांव के एक व्यक्ति ने तहरीर दी कि बीते 26 जून को उसकी पांच वर्षीय भतीजी घर के पास दुकान पर जा रही थी। पड़ोस का ही बृजेश कुमार शराब के नशे में था और भतीजी को उठा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। सूचना पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और जेल भेज दिया।
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बच्ची के मेडिकल परीक्षण और बयान के बाद न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध आरोप पत्र बीते 13 जुलाई को पेश किया। न्यायालय में बीते 27 जुलाई को आरोपी के विरुद्ध आरोप तय हुआ और विचारण में बीते एक अगस्त से कार्रवाई शुरू हुई। अभियोजन की तरफ विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल पांच गवाहों को पेश किया।
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सभी ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने कुल 56 दिनों में उपरोक्त फैसला सुनाया और आरोपी को जेल भेज दिया।